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मोनू हत्याकांड के 2 फरार आरोपियों की तलाश:4 जिलों में छापेमारी, 2 दिन में 30 लोगों से पूछताछअनुग्रह नारायण शाही | देवरिया1 मिनट पहले
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देवरिया के भलुअनी में हुए मोनू सिंह हत्याकांड में पुलिस फरार दो नामजद आरोपियों जय किशन यादव और नागेश यादव की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पिछले दो दिनों में पुलिस ने करीब 30 लोगों से पूछताछ की है। देवरिया शहर, भलुअनी, सोनूघाट और बरहज में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन दोनों का अभी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि दोनों लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं।
वहीं, मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल मुख्य आरोपी चाइना अंसारी को इलाज के बाद सोमवार को जेल भेज दिया गया। उसका महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। दूसरे गिरफ्तार आरोपी अंबुज विश्वकर्मा को पुलिस रविवार को ही जेल भेज चुकी है। पुलिस अब फरार आरोपियों के साथ हत्याकांड से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह सोनाड़ी रोड पर आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। जवाबी कार्रवाई में चाइना अंसारी के पैर में गोली लगी थी। उसे इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार के बाद सोमवार को उसे जेल भेज दिया गया। अंबुज विश्वकर्मा को रविवार को ही जेल भेजा जा चुका है।
4 जगह दबिश, 30 लोगों से पूछताछ
गुरुवार रात भलुअनी कस्बे के पास जय प्रकाश नगर शिवधरिया निवासी मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या कर दी गई थी। उनकी उम्र 25 साल थी। भाई उपेंद्र सिंह की शिकायत पर चाइना अंसारी, अंबुज विश्वकर्मा, जय किशन यादव और नागेश यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने फरार जय किशन और नागेश की तलाश में देवरिया शहर, भलुअनी, सोनूघाट और बरहज में छापेमारी की। पिछले दो दिनों में करीब 30 लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन दोनों हाथ नहीं आए।
परिवार ने टीम-149 और पहले मिली धमकी का भी लगाया आरोप
मृतक के परिवार की शिकायत में कथित टीम-149 का भी जिक्र किया गया है। परिवार का आरोप है कि क्षेत्र में विवाद होने पर इस समूह से जुड़े युवकों को व्हाट्सऐप संदेश भेजकर मौके पर बुलाया जाता था। शिकायत में चाइना अंसारी को समूह का सरगना बताया गया है। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। हालांकि, समूह के संचालन और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पिछले दो दिनों में पुलिस ने करीब 30 लोगों से पूछताछ की है।
मृतक की मां शीला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मनीष ने हत्या से करीब नौ दिन पहले 1 सितंबर को भलुअनी थाने में जान से मारने की धमकी मिलने की लिखित शिकायत दी थी। मां का आरोप है कि शिकायत की जानकारी होने के बाद भलुअनी निवासी अरशद अली ने आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शीला देवी ने अरशद अली को हत्या का कथित साजिशकर्ता बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
2023 के मामले में भी चाइना और अंबुज पर दर्ज हो चुका है केस
मोनू सिंह हत्याकांड में नामजद चाइना अंसारी और अंबुज विश्वकर्मा के नाम पहले भी एक मामले में सामने आ चुके हैं। सितंबर 2023 में भलुअनी कस्बा निवासी शिवशंकर गोंड की शिकायत पर पुलिस ने चाइना, अंबुज और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में 13 सितंबर 2023 को दुकान पर हमला करने, चाकू और डंडे से मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।
अब पुलिस चाइना अंसारी और अंबुज के साथ फरार दोनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है। थानाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने बताया कि जय किशन यादव और नागेश यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द दोनों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
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