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मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम संग तस्वीर पर सफाई दी:एक्ट्रेस बोलीं- उन्होंने शारजाह में क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था5 घंटे पहले
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मंदाकिनी का असली नाम यास्मीन जोसेफ है। उनका जन्म 30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ था।
एक्ट्रेस मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम के साथ वायरल हुई अपनी 80-90 के दशक की पुरानी तस्वीर पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दाऊद ने उन्हें शारजाह क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था।
मंदाकिनी के मुताबिक, वह एक शो के लिए दुबई गई थीं। इसके बाद क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं, जहां यह तस्वीर ली गई थी। उस समय उन्हें नहीं पता था कि तस्वीर विवाद का कारण बनेगी।
मंदाकिनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि तस्वीर को लेकर हुई अटकलों और खबरों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था।
एक्ट्रेस ने कहा कि एक कलाकार कई लोगों से मिलता है। कलाकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करता।
उन्होंने कहा, “लोग जो लिखना या कहना चाहते हैं, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। एक कलाकार को हजारों लोगों से मिलना पड़ता है और सभी उसके लिए बराबर होते हैं।”
मंदाकिनी ने कहा, “हमारे साथ बहुत सारे लोग थे। ऐसे में किसे चुनें और किसे न चुनें? हम वहां एक शो के लिए गए थे। मुझे दाऊद ने नहीं बुलाया था। मैं दुबई में एक शो के लिए गई थी और फिर मैच देखने पहुंची। उस समय मुझे इसका अंदाजा नहीं था।”
मंदाकिनी ने बताया कि बाद में यह तस्वीर विवाद का विषय बन गई। इसे लेकर बड़े स्तर पर अटकलें लगाई गईं।
उन्होंने कहा, “इस विवाद से बहुत नुकसान हुआ। बाद में मुझे पता चला कि इन सभी चीजों को संभालने के लिए एक टीम होनी चाहिए। मैंने हर जगह इन अफवाहों का खंडन किया।”
80 और 90 के दशक में दाऊद दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा था। वहां वह अक्सर बॉलीवुड सितारों के लिए आलीशान पार्टियां रखता था। मंदाकिनी के अलावा एक्टर अनिल कपूर की भी शारजाह स्टेडियम की एक पुरानी तस्वीर इंटरनेट पर मौजूद है, जिसमें उनके बगल में दाऊद इब्राहिम दिखाई दे रहा है।
हालांकि, इस तस्वीर को लेकर अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी थी कि उनके पिता वहां राज कपूर और कृष्णा कपूर के साथ सिर्फ क्रिकेट मैच देखने गए थे और उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनके पास कौन बैठा है।
वहीं, ऋषि कपूर ने खुद स्वीकार किया था कि वे दुबई में दाऊद से 2 बार मिले थे।
मंदाकिनी ने बताया ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित सीन का सच
मंदाकिनी ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी।
राज कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म बड़ी हिट रही। हालांकि, फिल्म के कई सीन बाद में चर्चा और विवाद का विषय बने।
मंदाकिनी ने गाने ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बहनें’ में सफेद साड़ी में फिल्माए गए झरने वाले सीन और बहस में रहे स्तनपान वाले सीन पर बात की। उन्होंने कहा कि इन दृश्यों का उद्देश्य फिल्म में मासूमियत और पवित्रता को दिखाना था।
ANI को दिए इंटरव्यू में मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि बाद में इन सीन को किस तरह देखा जाएगा।
वर्तमान में मंदाकिनी मुंबई में अपने पति डॉ. कग्यूर टी. रिनपोछे ठाकुर के साथ मिलकर एक तिब्बती हर्बल वेलनेस सेंटर चलाती हैं और योग सिखाती हैं।
झरने वाले सीन के बारे में मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें सीन समझाया था। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य अश्लीलता दिखाना नहीं था, बल्कि फिल्म की कहानी और गंगा के किरदार की पवित्रता को सामने रखना था।
एक्ट्रेस ने कहा, “उनका तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से, इतना जेंटल, जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो। मुझे कहीं से कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। कोई खराब या घिनौना एहसास नहीं था। पूरी फिल्म यही थी कि गंगा को अपवित्र करना चाहते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए।”
उन्होंने आगे कहा, “वह मेरे सामने थे। थोड़ा सा मुझे लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो, तो मैंने कर लिया। बस हो गया वो शॉट। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि मैं बहुत छोटी जगह से आई थी।”’
मंदाकिनी ने स्तनपान के सीन पर सफाई दी
मंदाकिनी ने फिल्म के चर्चित स्तनपान वाले सीन पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसमें वास्तव में स्तनपान नहीं कराया गया था और कैमरे की पोजिशनिंग के जरिए ऐसा सीन बनाया गया था।
उन्होंने कहा, “नहीं, वहां कोई स्तनपान नहीं था। उन्होंने इसे बहुत अच्छे तरीके से फिल्माया था। मेरे लिए अब समझाना मुश्किल है, लेकिन अगर मैं बताऊंगी कि इसे कैसे किया गया था, तो आप समझ जाएंगे।”
अभिनेत्री ने बताया कि सीन में उनके पास एक बच्चा था, जिसे उन्होंने कसकर पकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, “हां, मेरे पास बच्चा था और मैंने उसे कसकर पकड़ा था, लेकिन वह स्तनपान नहीं था। मैं यही सबको बताना चाहती हूं।”
मंदाकिनी के मुताबिक, उन्होंने लो-कट आउटफिट पहना था और बच्चे को शरीर के करीब रखा था। कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लगा कि मां अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है। उन्होंने कहा कि सीन का उद्देश्य मां और बच्चे के रिश्ते को दिखाना था, जिसे बाद में अलग तरह से समझा गया।
झरने वाला सीन दोहराने से मना किया था
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स ने उनसे झरने वाले सीन को दोहराने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी फिल्म के सफल होने के लिए सिर्फ एक सीन नहीं, बल्कि अच्छी कहानी जरूरी है।
उन्होंने कहा, “हिट होने के लिए बहुत अच्छी कहानी चाहिए, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसका ट्रीटमेंट क्या है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? सब कुछ मायने रखता है।”
‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा समेत इंडस्ट्री के कई प्रमुख कलाकारों के साथ काम किया और अपने करियर में कई फिल्मों में नजर आईं।
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