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झमाझम बारिश के बीच देर रात निकली बप्पा की सवारी:झांसी में DJ पर नाचते गाते शोभायात्रा में शामिल हुए भगवान गणेश के भक्तझांसी4 घंटे पहले
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झांसी में तेज बारिश के बीच विसर्जन को जातीं गणेश प्रतिमाएं।
झांसी में शुक्रवार को लगातार बारिश के बीच देर रात गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बारिश तेज होने पर आयोजकों ने प्रतिमाओं को तिरपाल से ढंककर शोभायात्राएं निकालीं।
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डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्त नाचते-गाते लक्ष्मीताल, पहूज नदी और गढ़मऊ झील पहुंचे, जहां आरती के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
पहले 3 तस्वीर देखिए…
तेज बारिश के बीच गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए पहूज नदी के घाट ले जाते भक्त।
मूर्ति को ट्रांसपेरेंट तिरपाल से ढंक कर ले जाते हुए भक्त।
खाती बाबा के महाराजा की शोभायात्रा में डांस करते युवा।
रात 11 बजे निकली सुभाष मार्केट के राजा की शोभायात्रा
सुभाष मार्केट के राजा की शोभायात्रा रात करीब 11 बजे शुरू हुई। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पहूज नदी पर बने विसर्जन कुंड तक पहुंचे।
यहां अंतिम आरती के बाद प्रतिमा विसर्जित की गई। शहर के अन्य इलाकों से भी बड़ी प्रतिमाएं देर रात घाटों और विसर्जन स्थलों तक पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने आरती से पहले नाच-गाकर गणपति को विदाई दी।
पुराने शहर में भी बारिश के बीच निकली शोभायात्रा
पुराने शहर में भी देर रात शोभायात्रा निकली, जिसमें भोपाल समेत अन्य जिलों से आए डीजे शामिल हुए। सैकड़ों युवाओं ने बारिश के बीच नाचते हुए विसर्जन कुंड तक पहुंचकर आरती की और प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
पहूज नदी घाट पर पहुंचे युवाओं ने जमकर किया डांस।
गढ़मऊ झील भी पहुंचीं गणेश प्रतिमाएं
शहर के विभिन्न इलाकों से कई प्रतिमाएं गढ़मऊ झील पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और आरती के बाद उनका विसर्जन किया। बारिश के बावजूद उत्साह बना रहा।
देर रात इन प्रमुख प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन
मानिक चौक के राजा, सुभाषगंज के राजा, बड़े बाजार के राजा, सुभाष मार्केट के राजा और टंडन रोड के महाराजा समेत कई प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
पहूज नदी पर बने कुंड में किया गया विसर्जन।
पहूज नदी पर पुलिस और नगर निगम का पहरा
पहूज नदी पर पुलिस और नगर निगम की टीमें तैनात रहीं। श्रद्धालुओं को नदी में सीधे विसर्जन से रोककर बनाए गए कुंडों में प्रतिमाएं विसर्जित कराई गईं।
नदी में विसर्जन प्रतिबंधित होने की जानकारी देते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।प्रशासन ने श्रद्धालुओं को गहरे पानी तक पहुंचने से रोकने के लिए रेलिंग पर रस्सियां बांधी थीं।
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