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बेल्थरारोड में सरयू का जलस्तर 64.870 मीटर पर पहुंचा:तुर्तीपार श्मशान घाट पानी से घिरा, छोटकी टंगुनिया के लिए 3 से 4 नाव की मांगअशोक कुमार जायसवाल | बेल्थरा रोड4 मिनट पहले
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सरयू नदी के जलस्तर में कमी आने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
बेल्थरारोड (बलिया) में सरयू नदी के जलस्तर में शनिवार को कमी आने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। शनिवार सुबह नदी का जलस्तर 64.870 मीटर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि यह खतरे के निशान 64.010 मीटर से अभी भी 86 सेंटीमीटर ऊपर है। शुक्रवार शाम चार बजे तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद शनिवार को कमी दर्ज होने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
सरयू का जलस्तर बढ़ने के कारण तुर्तीपार श्मशान घाट पहले ही पानी से घिर चुका है। घाट के आसपास करीब 150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया गया है। इसमें लगभग 75 हेक्टेयर क्षेत्र पानी की चपेट में आ चुका है। वन विभाग के अनुसार करीब 70 हजार पौधों के प्रभावित होने की आशंका है। जलस्तर घटने से अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद जगी है, हालांकि निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने से परेशानी बनी हुई है।
घाट तक पहुंचने में परेशानी
तुर्तीपार श्मशान घाट के आसपास पानी जमा होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद घाट और आसपास के निचले क्षेत्रों से पानी पूरी तरह उतरने में समय लग सकता है। ग्रामीणों की नजर अब नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर बनी हुई है।
तुर्तीपार, हल्दीरामपुर और टंगुनिया समेत सरयू किनारे बसे गांवों के लोगों का कहना है कि जलस्तर में कमी राहत की बात है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी ऊपर है। पूरी राहत तभी मानी जाएगी, जब पानी लगातार घटे और निचले इलाकों से भी जलभराव खत्म होना शुरू हो।
छोटकी टंगुनिया में रास्ता डूबा
छोटकी टंगुनिया गांव का रास्ता नदी के पानी में डूब गया है। इससे ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव का संचालन किया जा रहा है। गांव की आबादी करीब 800 है, ऐसे में सिर्फ एक नाव से ग्रामीणों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
टंगुनिया के प्रधान महेश यादव ने प्रशासन से ग्रामीणों की सुविधा के लिए तीन से चार और नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। उनकी मांग पर उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने जल्द नाव उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
जलस्तर घटा, लेकिन निगरानी जरूरी
शनिवार सुबह सरयू का जलस्तर 64.870 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मीटर से 86 सेंटीमीटर अधिक है। जलस्तर में कमी ने तटवर्ती लोगों को अस्थायी राहत जरूर दी है, लेकिन नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण निगरानी अभी भी जरूरी बनी हुई है। ग्रामीण लगातार जलस्तर में बदलाव पर नजर रख रहे हैं।
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