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ग्राउंड रिपोर्टअमिताभ ने प्रतापगढ़ के लोगों से माफी मांगी:लाइब्रेरी का 2006 में उद्घाटन, किताबें अब तक नहीं; लोग बोले- उन्हें KBC में ही गांव याद आता हैमनु कुमार सिंह, उन्नति खरे / प्रतापगढ़10 घंटे पहले
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‘कौन बनेगा करोड़पति’ में प्रतापगढ़ के डड़वा महोखरी गांव के रहने वाले चंद्र प्रकाश तिवारी हॉट सीट पर पहुंचे थे। उनसे बात करने के दौरान अमिताभ ने माफी मांगी थी।
यूपी के प्रतापगढ़ में हरिवंश राय बच्चन के नाम पर बनी लाइब्रेरी में उद्घाटन के 20 साल बाद भी किताबें नहीं हैं। जया बच्चन ने 2006 में इस लाइब्रेरी बिल्डिंग का लोकार्पण किया था। उन्होंने बेटे-बहू और पति अमिताभ बच्चन के साथ गांव आने का वादा भी किया था, लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।
हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर अमिताभ बच्चन ने इस बात को लेकर माफी मांगी। कहा- आप लोग घबराइए नहीं, जल्द ही लाइब्रेरी शुरू होगी।
दैनिक भास्कर की टीम प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर बाबूपट्टी पहुंची। गांववालों से बात की। उनका कहना है कि अमिताभ बच्चन के आने की उम्मीद तो जगी है, लेकिन वे पहले भी KBC पर ऐसा वादा कर चुके हैं। इतने सालों में बिल्डिंग जर्जर हो गई और खिड़की-दरवाजे टूटने लगे हैं। अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव से रिपोर्ट…
लाइब्रेरी बिल्डिंग का उद्घाटन 2006 में हुआ था। तब जया बच्चन और अमर सिंह गांव आए थे।
कभी अपने गांव नहीं आए अमिताभ बच्चन
रानीगंज तहसील में डॉ. हरिवंश राय बच्चन का पैतृक गांव बाबूपट्टी है। अमिताभ बच्चन आज तक यहां नहीं आए हैं। बच्चन परिवार की गांव में जो जमीन थी, उसे दान दे दिया गया था। उसी पर लाइब्रेरी बनाई गई है।
2004 में मछलीशहर से तत्कालीन सपा सांसद सीएन सिंह ने लाइब्रेरी बनाने के लिए सांसद निधि से 22 लाख रुपए दिए थे। 5 मार्च 2006 में जया बच्चन और अमर सिंह ने गांव पहुंचकर लाइब्रेरी का लोकार्पण किया था।
सीएन सिंह को ही इसमें कॉपी-किताब और फर्नीचर की व्यवस्था करानी थी, लेकिन 2004 में ही उनका कार्यकाल खत्म हो गया। जया बच्चन ने लोकार्पण करने पहुंचीं तो उन्होंने कहा था कि इसे हम शुरू कराएंगे।
जया बच्चन ने चौरा देवी का आशीर्वाद लिया था
जया बच्चन ने बहू के रूप में मां चौरा देवी स्थल पर माथा टेककर आरती उतारी थी। फिर परिवार की महिलाओं से भी मिली थीं। इसके बाद जया बच्चन ने गांववालों से कहा था कि बेटे अभिषेक बच्चन की शादी के बाद बहू ऐश्वर्या को साथ लेकर गांव आएंगी। इसके साथ ही गांव में एक गर्ल्स डिग्री कॉलेज खुलवाने की भी बात कही थी।
लाइब्रेरी बिल्डिंग देखरेख न होने के चलते जर्जर हो गई है। बिल्डिंग अभी भी खाली पड़ी है।
खिड़की-दरवाजे टूटे, बिल्डिंग जर्जर हुई
तब गांववालों में उम्मीद जगी थी कि अमिताभ बच्चन अपने पैतृक गांव आएंगे। इससे गांव का विकास होगा। लेकिन, धीरे-धीरे यह उम्मीद कम होती चली गई। गांव में न कॉलेज खुला और न ही जया बच्चन बेटे-बहू को लेकर पहुंचीं। लाइब्रेरी की बिल्डिंग तो बन गई, लेकिन वहां किताबें कभी नहीं पहुंचीं। देख-रेख नहीं हुई, तो बिल्डिंग भी जर्जर होने लगी। खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं। फर्श भी टूट गया है।
KBC में हॉट सीट पर पहुंचे थे चंद्र प्रकाश तिवारी
2 अक्टूबर को ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में हॉट सीट पर चंद्र प्रकाश तिवारी पहुंचे थे। चंद्र प्रकाश पट्टी तहसील के डड़वा महोखरी गांव के रहने वाले हैं। अमिताभ के पूछने पर चंद्र प्रकाश ने अपने गांव का नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि वह बाबूपट्टी गांव के बगल के गांव के रहने वाले हैं।
लाइब्रेरी बिल्डिंग में लगे खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं। यहां हर हर तरफ गंदगी फैली है।
अमिताभ बोले- लाइब्रेरी हमारी पत्नी का विचार था
बाबूपट्टी का नाम सुनते ही अमिताभ बच्चन ने कहा- ‘यह हमारे पूर्वजों का जन्मस्थान था। बाबूजी वहीं से आए थे। हम वहां कुछ करना चाह रहे थे, लेकिन इसमें रुकावट हो गई। वहां के लोग बहुत नाराज हैं। प्रतापगढ़… बाबूपट्टी के लोगों से भैया हम माफी चाहते हैं। हम लाइब्रेरी खोल देंगे, आप घबराइए मत।
हमारी पत्नीजी गई थीं वहां और उनका यह विचार था कि यहां पर बच्चों के लिए कोई पढ़ने की जगह नहीं है। क्यों न हम लोग एक लाइब्रेरी बनाकर दे दें। हम बोले ठीक है। बिल्डिंग-विल्डिंग बन गई, लेकिन खाली पड़ी हुई है। अब हम उसके अंदर कुछ भरेंगे।’
अमिताभ बच्चन ने कहा कि लाइब्रेरी बनाने का आइडिया हमारी पत्नी जया बच्चन का था। हम इसे जल्द शुरू कराएंगे।
ऋषभ बोले- KBC में बिग बी को गांव की याद आती है
ऋषभ द्विवेदी कहते हैं कि मैंने कई बार बिग बी को ट्विटर और इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजे, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं मिला।
गांव के ऋषभ द्विवेदी ने बताया- जब अमिताभ बच्चन ने अपनी गलती मानी, तो गांववालों को गर्व हुआ। हालांकि, उन्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं थी। जब भी केबीसी आता है, तभी अमिताभ बच्चन को गांव की याद आती है।
शो में 3 बार पहले भी उन्होंने गांव आने और कुछ करने की बात कही, लेकिन बाद में कोई जवाब नहीं मिला। मैं पिछले 10 साल से ट्विटर, इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर अमिताभ बच्चन और उनके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आता।
पुरुषोत्तम द्विवेदी का कहना है कि अमिताभ ने आश्वासन तो कई बार दिया, लेकिन आए कभी नहीं।
पुरुषोत्तम बोले- अमिताभ ने आश्वासन तो बहुत दिए, लेकिन आए नहीं
पुरुषोत्तम द्विवेदी कहते हैं- अमिताभ ने आश्वासन तो बहुत दिए, लेकिन आए नहीं। अब मन में ग्लानि भी है कि इतनी बड़ी हस्तियां आश्वासन देती हैं, लेकिन परिणाम नहीं दिखता। इस बार 100% उम्मीद लग रही है कि वो आएंगे। हर चीज का समय-मुहूर्त होता है।
गांव के अमिताभ श्रीवास्तव का कहना है- अमिताभ बच्चन के आने की पूरी उम्मीद लग रही है। हमारे परिवार वाले बहुत खुशी मना रहे हैं। हो सकता है कि पहले कोई दिक्कत हो गई होगी, इसलिए नहीं आ सके।
अमिताभ श्रीवास्तव कहते हैं कि इस बार बिग बी जरूर आएंगे।
एक बार फिर से गांव के विकास की उम्मीद
महाराष्ट्र की संस्था ‘डॉ. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान’ ने ‘मातृभूमि योजना’ के तहत गांव को गोद लिया है। फर्स्ट फेज में गांव के डेवलपमेंट पर एक करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रतिष्ठान 1 करोड़ रुपए देगा, जबकि पंचायत राज विभाग 40 लाख रुपए मंजूर करेगा। पंचायत राज विभाग ने प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। अब प्रतिष्ठान से पैसे जमा होने का इंतजार है।
पहले चरण में डॉ. हरिवंश राय बच्चन के नाम पर सीसी रोड, स्ट्रीट लाइटें और एक लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव है। ग्राम प्रधान/प्रशासक विकास यादव की मानें, तो डॉ. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान के संस्थापक निवृत्ति यादव 11 अक्टूबर को बाबूपट्टी आ सकते हैं। करीब 15 दिन पहले यह जानकारी फोन पर निवृत्ति यादव की ओर से दी गई थी।
DM अभिषेक पांडेय ने लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति देखी और जल्द इसे शुरू कराने का निर्देश दिया।
DM बोले- दीपावली से पहले शुरू होगी लाइब्रेरी
बुधवार (7 अक्टूबर) शाम DM अभिषेक पांडेय ने बाबूपट्टी पहुंचकर लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। पुस्तकालय की बदहाल स्थिति देखने के बाद उन्होंने SDM रानीगंज अनुराग सिंह को निर्देश दिए कि PWD से एस्टीमेट बनवाकर दीपावली तक इसके जीर्णोद्धार का काम पूरा कराया जाए। उन्होंने गांववालों को आश्वस्त किया कि लाइब्रेरी जल्द शुरू कराई जाएगी।
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