- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Sant kabir nagar
- Maulana Shamsul Huda Khan ED Notice | British Citizenship Controversy
मौलाना के घर नोटिस लेकर पहुंची ईडी लौटी:ब्रिटिश नागरिकता छिपाकर वेतन-पेंशन लेने के आरोप में जांच, 53 लाख का प्लॉट कुर्कदेवीलाल गुप्ता | संतकबीर नगर4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
संतकबीरनगर में मौलाना शमशुल हुदा खान का मामला फिर चर्चा में है। ब्रिटिश नागरिकता, मदरसा शिक्षक के रूप में वेतन-पेंशन लेने और विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। शनिवार को ईडी की टीम खलीलाबाद स्थित उनके घर नोटिस देने पहुंची। मौलाना के मौज
.
वीडियो कॉल पर ईमेल से नोटिस भेजने की मांग
जानकारी के अनुसार, लखनऊ ईडी टीम के एसआई नरेंद्र कुमार नोटिस लेकर पहुंचे थे। मौलाना ने वीडियो कॉल पर ईमेल से नोटिस भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह अपने वकील के जरिए जवाब देंगे। हालांकि, नोटिस और ईमेल से भेजने के अनुरोध को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है।
2013 में ब्रिटिश नागरिकता लेने का दावा
मौलाना संतकबीरनगर के दुधारा थाना क्षेत्र के देवरियालाल गांव के निवासी हैं। वह आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित एक मदरसे में सहायक शिक्षक थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उन्होंने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता ली थी।
उन पर भारतीय नागरिकता समाप्त होने की बात छिपाकर सरकारी वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ लेने का आरोप है। ईडी के अनुसार, मौलाना ने वेतन, पेंशन और भत्तों के रूप में करीब 53.46 लाख रुपए प्राप्त किए।
53.46 लाख का आवासीय प्लॉट कुर्क
ईडी ने 2 अक्टूबर को खलीलाबाद में मौलाना के नाम दर्ज 189.75 वर्गमीटर के आवासीय प्लॉट को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया था। एजेंसी के अनुसार, इस प्लॉट की कीमत 53.46 लाख रुपए है।
इससे पहले 11 फरवरी 2026 को ईडी ने संतकबीरनगर और आजमगढ़ में संबंधित ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस दौरान 17 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी इन संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
पांच करोड़ से अधिक के लेनदेन की जांच
ईडी की जांच वेतन और पेंशन के अलावा विदेशी फंडिंग और बैंक खातों के लेनदेन तक फैली है। एजेंसी के अनुसार, मौलाना और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में पांच करोड़ रुपए से अधिक की रकम प्राप्त होने के संकेत मिले हैं। इनमें रजा फाउंडेशन और कुल्लियातुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े खाते भी शामिल बताए गए हैं।
जांच एजेंसी विदेशी चंदे, बैंक खातों में हुए लेनदेन और संपत्तियों की खरीद के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, खातों में रकम आने मात्र से किसी लेनदेन का अवैध होना साबित नहीं होता। इसकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
अधूरा नहीं! पढ़िए पूरा! पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर ऐप पर
एप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें
पूरी खबर पढ़ें ऐप परप्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें
Source link




