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वन-नाइट थ्रिलर:‘गजब रात’ में कॉप बने मनोज सुलझाते दिखेंगे मर्डर मिस्ट्री, एक रात के भीतर खुलेंगे कई रहस्यअमित कर्ण. मुंबई36 मिनट पहले
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पहले इस फिल्म का नाम ‘घूसखोर पंडत’ था। टाइटल को लेकर हुए विवाद के बाद मेकर्स ने इसका नाम बदलकर ‘गजब रात’कर दिया।
नीरज पांडे की फिल्म ‘गजब रात’ में मनोज बाजपेयी पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे। एक मर्डर केस और चलती कार से फेंकी गई घायल लड़की के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानी है। यह वन-नाइट थ्रिलर तेजी से बदलते घटनाक्रम और कई उपकथाओं के जरिए सस्पेंस रचती है।
फिल्म में नुसरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम और अक्षय ओबेरॉय भी अहम भूमिकाओं में हैं। प्रोडक्शन डिजाइनर राजेश चौधरी के मुताबिक, कहानी की रफ्तार और अलग-अलग किरदारों के बीच उलझे घटनाक्रम इसकी खासियत हैं। ‘गजब रात’ का प्रीमियर 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर होगा।
भोपाल का एक अस्पताल बना प्राइम स्पॉट, दिल्ली में भी हुई है इसकी शूटिंग
फिल्म के लिए भोपाल में दिल्ली का माहौल री-क्रिएट हुआ। राजेश के मुताबिक, एक निर्माणाधीन अस्पताल को शूटिंग के लिए डेवलप किया गया। फिल्म की जरूरतों के हिसाब से इसमें लगभग 60 फीसदी अतिरिक्त काम कराया गया। इसके अलावा दिल्ली के कई इलाकों में भी शूटिंग हुई है।
नुसरत के किरदार और घायल लड़की का रहस्य अभी बरकरार
राजेश के मुताबिक, मनोज अपने किरदार को उसकी परिस्थितियों, पृष्ठभूमि और व्यक्तित्व के हिसाब से गढ़ते हैं। फिल्म में उनके कॉप किरदार की पहचान सिर्फ उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी सोच और व्यवहार से भी उभरती है। वहीं, नुसरत का किरदार और चलती कार से फेंकी गई घायल लड़की के बीच संबंध भी कहानी के रहस्य का हिस्सा हैं। फिल्म में नुसरत की भूमिका क्या होगी इस पर अभी कुछ भी रिवील नहीं किया गया है।
डिजिटल टूल्स ने रिसर्च, विजुअल को तैयार करने में समय बचाया
‘गजब रात’ के प्रोडक्शन में एआई टूल्स का भी इस्तेमाल किया गया है। राजेश बताते हैं…‘डिजिटल टूल्स ने रिसर्च, रेफरेंस जुटाने और शुरुआती विजुअल प्रेजेंटेशन तैयार करने में समय बचाया। इससे निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर और प्रोडक्शन डिजाइनर के बीच सीन की इमैजिनेशन करना भी आसान हुआ।
पहले जहां स्केच, किताबों, तस्वीरों और वास्तविक लोकेशन के अध्ययन पर अधिक समय लगता था, वहीं अब तकनीक की मदद से शुरुआती जानकारी जल्दी उपलब्ध हुई। बाकी कहानी के हिसाब से लोकेशन, सीन और माहौल तय करने के लिए इंसानी समझ और रचनात्मक सोच जरूरी रही।
फिल्म की कहानी में एक ही रात के भीतर कई घटनाएं सामने आती हैं
राजेश का मनोज के साथ पहले भी काम करने का अनुभव रहा है। उन्होंने ‘सोनचिरैया’ और ‘इंस्पेक्टर झांडे’ के दौरान मनोज के साथ काम किया है। उनके मुताबिक, ‘गजब रात’ की कहानी में एक ही रात के भीतर कई घटनाएं सामने आती हैं और घायल लड़की का रहस्य जांच को नया मोड़ देता है। फिल्म का जोर तेज रफ्तार घटनाक्रम, अलग-अलग किरदारों की आपस में जुड़ती कहानियों और सस्पेंस पर है।
वहीं राजेश का कहना है कि प्रोडक्शन डिजाइनर का काम निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर और निर्माता के साथ तालमेल बनाकर स्क्रिप्ट के अनुरूप सेट और लोकेशन तैयार करना होता है। शूटिंग के दौरान एक्टर्स से बातचीत भले ही काम तक सीमित रहे, लेकिन साथ बिताया समय टीम के बीच सहजता भी बढ़ाता है।
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