- Hindi News
- Entertainment
- Bollywood
- Naseeruddin Shah Targets BJP Over Satyajit Ray Institute Student Row
नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी के लिए अपशब्द कहे:झूठी पार्टी बताया; छात्रों को धमकाने और हॉस्टल खाली कराने का आरोप लगाया15 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
नसीरुद्दीन शाह लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं।
नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया। अभिनेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया।
शाह ने वीडियो में कहा कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।
अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्र 25 दिनों से धरना दे रहे हैं। वे कैंपस में हुई कथित हिंसा, सुरक्षा में कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने क्लास का भी बहिष्कार किया है।
यह विरोध 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा भी चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें जरूरी सुविधाएं न देना गलत है।
वहीं, संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोक दी थी। साथ ही छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। छात्रों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया।
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) की स्थापना 1995 में भारत सरकार द्वारा की गई थी।
दूसरी ओर, प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को क्लास में जाने से रोक रहे थे।
प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट समेत अनुशासन तोड़ने के आरोप हैं।
जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन का समर्थन किया था
गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह ने इससे पहले जुलाई के महीने में उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के छात्र आंदोलन का समर्थन किया था।
नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था।
प्रोटेस्ट के बीच बच्चों के साथ हुई मारपीट के बाद उन्होंने कड़े शब्दों में सरकार की निंदा की थी।
शाह ने एक वीडियो में कहा था,
आदाब, नमस्कार। मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आप सब से। पहली बात तो यह है कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नसमझ, नकाम और बेरहम बने। अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पूना फिल्म इंस्टीट्यूट में पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा जो सीखा है, वह उन बच्चों से, उन तालिब-ए-इल्म से जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है।
आगे नसीरुद्दीन शाह ने कहा था,
मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार, हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं। यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह जुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए।
आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।
.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔




