यशपाल बोले- अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया:सुम्बुल ने सुनाया डरावना किस्सा, हर्ष बोले- भूत मिला तो उससे करूंगा बात

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Sumbul Touqeer & Harsh Rajput On Jhad Phoonk Film | Horror Story Interview

भास्कर इंटरव्यूयशपाल बोले- अल्फ्रेड हिचकॉक की ‘द बर्ड्स’ ने काफी डराया:सुम्बुल ने सुनाया डरावना किस्सा, हर्ष बोले- भूत मिला तो उससे करूंगा बात2 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी

  • कॉपी लिंक

आस्था और अंधविश्वास के बीच बारीक अंतर को फिल्म ‘झाड़ फूंक’ में दिखाया गया है। फिल्म में यशपाल शर्मा, सुम्बुल तौकीर खान और हर्ष राजपूत अहम भूमिकाओं में हैं। इसके डायरेक्टर राजन रामगोपाल वर्मा हैं।

30 अक्टूबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही फिल्म के कलाकारों और डायरेक्टर राजन रामगोपाल वर्मा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने फिल्म की कहानी, किरदारों, झाड़-फूंक के अनुभवों, बचपन के डर और फिल्म इंडस्ट्री में सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बढ़ते महत्व पर बात की।

फिल्म ‘झाड़ फूंक’ को लेकर यशपाल शर्मा, निर्देशक राजन रामगोपाल वर्मा, सुम्बुल तौकीर खान और हर्ष राजपूत ने अपने-अपने अनुभव साझा किए।फिल्म ‘झाड़ फूंक’ को लेकर यशपाल शर्मा, निर्देशक राजन रामगोपाल वर्मा, सुम्बुल तौकीर खान और हर्ष राजपूत ने अपने-अपने अनुभव साझा किए।

सवाल: फिल्म का नाम ‘झाड़ फूंक’ कैसे तय हुआ?

जवाब/राजन रामगोपाल वर्मा: फिल्म शुरू करते समय इसका नाम तय नहीं था। हम ऐसा टाइटल चाहते थे, जो कहानी से तुरंत जुड़ जाए। हर इंसान की जिंदगी में विश्वास के साथ अंधविश्वास भी होता है। कहानी पूरी होने पर लगा कि यह झाड़-फूंक पर आधारित है। इस तरह कहानी ने ही फिल्म का नाम दे दिया।

सवाल: कलाकारों की कास्टिंग कैसे की?

जवाब/राजन: मोहन ठाकुर के किरदार के लिए मुझे गहराई और प्रभाव वाले व्यक्तित्व के अभिनेता की जरूरत थी। यशपाल जी की फिल्में मैंने बचपन से देखी हैं। वे इस भूमिका के लिए बिल्कुल सही लगे। उन्होंने मेरी उम्मीद से भी बेहतर काम किया है।

आस्था के किरदार के लिए ऐसी अभिनेत्री चाहिए थी, जो भावनाओं को समझती हो और जिसकी बातों पर दर्शक भरोसा कर सकें। सुम्बुल से बेहतर कोई नहीं लगी। कहानी सुनते ही उन्होंने फिल्म के लिए हां कर दी।

राजवीर के लिए मुझे स्मार्ट और समझदार अभिनेता चाहिए था, जो आंखों से भी भावनाएं जाहिर कर सके। हर्ष ने किरदार शानदार तरीके से निभाया है।

सवाल: यशपाल जी, इस फिल्म में आपका किरदार कितना चुनौतीपूर्ण था?

जवाब/यशपाल शर्मा: फिल्म में मेरा करीब 80 फीसदी किरदार सामान्य इंसान जैसा है। उसकी बातचीत और व्यवहार आम लोगों जैसा है। हालांकि, किरदार बदलने पर अलग और प्रभावशाली अंदाज अपनाना पड़ा। सुपरनैचुरल विषय पर काम करते समय कुछ बदलाव जरूरी होते हैं। इसके लिए मैंने थोड़ी ट्रेनिंग भी ली।

फिल्म ‘झाड़ फूंक’ 30 अक्टूबर 2026 को जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई है।फिल्म ‘झाड़ फूंक’ 30 अक्टूबर 2026 को जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई है।

सवाल: सुम्बुल, आस्था के किरदार में क्या खास लगा कि आपने तुरंत हां कर दी?

जवाब/सुम्बुल: आस्था मासूम और सॉफ्ट हार्टेड लड़की है। मैं हमेशा ऐसे किरदार निभाना चाहती हूं, जो पहले नहीं किए हों। असल जिंदगी में मैं इतनी धीमी आवाज में बात नहीं करती, जबकि आस्था नरम अंदाज में बोलती है। यह मेरे लिए चुनौती थी। मैंने पहले ऐसा किरदार नहीं निभाया था।

सवाल: हर्ष, राजवीर के किरदार से कैसे जुड़ाव हुआ?

जवाब/हर्ष राजपूत: राजवीर साइकोलॉजी का प्रोफेसर है और मैंने भी साइकोलॉजी पढ़ी है, इसलिए किरदार से तुरंत जुड़ाव हो गया। खास बात यह थी कि उसके पास कोई सुपरपावर नहीं है। कहानी की शुरुआत और उसका निष्कर्ष काफी दिलचस्प है। दर्शक कई बातों पर विश्वास करने लगते हैं, लेकिन अंत में उन्हें संदेश भी मिलता है।

सवाल: क्या आप लोगों ने बचपन में झाड़-फूंक के अनुभव देखे हैं?

जवाब/यशपाल: मैं तो कई बार झाड़-फूंक से ठीक हुआ हूं। बचपन में घर के बड़े-बुजुर्ग हमें अलग-अलग जगह ले जाते थे। उस समय लोगों के पास आज जैसी जानकारी नहीं थी। झाड़-फूंक करने वालों के यहां काफी भीड़ रहती थी।

मुझे याद है, एक बार सर्दियों में हमें 15-20 लोगों के साथ ट्रक में बैठाकर एक गांव ले जाया गया था। वहां मंदिर में खुले बालों वाली एक महिला बैठी थी। वह लोगों से कह रही थी, ‘पूछो, हम जानते हैं।’ लोग लाइन लगाकर उससे सवाल पूछ रहे थे। मैं छोटा था, इसलिए ज्यादा याद नहीं, लेकिन वह दृश्य आज भी दिमाग में है।

सवाल: क्या आप लोग नजर और दूसरी मान्यताओं में विश्वास करते हैं?

जवाब/सुम्बुल: मेरे पापा झाड़-फूंक में विश्वास नहीं करते, लेकिन मेरी किसी प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हर दूसरे-तीसरे दिन नजर उतारते हैं। मुझे लगता है कि इन चीजों से ज्यादा असर दुआओं का होता है।

हर्ष: मेरे दिमाग में यह बात बैठी है कि उल्टी चप्पल पड़े होने से घर में झगड़ा होता है। इसलिए किसी के घर में उल्टी चप्पल देखता हूं, तो उसे सीधा कर देता हूं। हालांकि, ऐसी मान्यताएं कहां से आती हैं, मुझे भी नहीं पता।

सवाल: कभी रात में किसी अनजान आवाज के पीछे जाने का अनुभव हुआ है?

जवाब/सुम्बुल: 17 साल की उम्र में हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान मैं एक होटल में अकेली रुकी थी। रात में टीवी पर हॉरर फिल्म ‘द ग्रज’ चल रही थी। तभी कमरे के बाहर आवाजें आने लगीं। डर लगा, लेकिन जिज्ञासा में दरवाजा खोलकर देखा। वहां कोई नहीं था। अचानक तेज आवाज हुई और खिड़की खुल गई। पर्दा हवा में उड़ने लगा। मैं डरकर कमरे से बाहर निकल आई और रोने लगी। बाद में पता चला कि उस रात तूफान आया था और खिड़की ठीक से लॉक नहीं थी।

सवाल: सचमुच कोई भूत मिल जाए, तो उससे क्या पूछेंगे?

जवाब/हर्ष: मैं सबसे पहले पूछूंगा कि भाई, रहते कहां हो? इतने लोकप्रिय हो, सबके दिमाग में हो, लेकिन दिखाई नहीं देते। मौका मिला तो उसकी कहानी भी जानना चाहूंगा।

सुम्बुल: मैं उससे पूछना चाहूंगी कि उसकी मौत कैसे हुई, वह कितने समय से भटक रहा है और कौन सा काम अधूरा रह गया है।

यशपाल: मुझे लगता है कि भूत दिखाई ही नहीं देते। अंधेरे में सामान्य चीजें भी डरावनी लगती हैं। एक बार रात में दोस्त के साथ लौटते समय पौधों के बीच कुछ सफेद दिखाई दिया। हम दोनों डरकर भाग गए। अगले दिन पता चला कि वहां सफेदी का घड़ा रखा था।

यश पाल शर्मा को अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया था।यश पाल शर्मा को अल्फ्रेड हिचकॉक की ‘द बर्ड्स’ ने काफी डराया था।

सवाल: हॉरर फिल्म देखते हुए कभी ज्यादा डर लगा?

यशपाल: मैंने बहुत हॉरर फिल्में देखी हैं, लेकिन अल्फ्रेड हिचकॉक की ‘द बर्ड्स’ ने काफी डराया था। उसे देखने के बाद कई दिनों तक पक्षियों से डर लगता था। लगता था कि कहीं खिड़की पर चिड़िया न बैठी हो।

सवाल: आजकल कास्टिंग में सोशल मीडिया फॉलोअर्स भी देखे जाते हैं। क्या यह सही है?

जवाब/राजन: सोशल मीडिया फॉलोअर्स फिल्म के प्रमोशन में फायदेमंद होते हैं। मैंने ऐसी कास्टिंग देखी है, जहां ज्यादा फॉलोअर्स वाले कलाकार को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन यह कास्टिंग का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। कलाकार का काम और अभिनय ज्यादा जरूरी है।

हर्ष: सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने का मतलब यह नहीं कि सभी आपकी फिल्म देखने आएंगे। फॉलोअर्स की संख्या और दर्शकों का फिल्म तक पहुंचना अलग बातें हैं। इसलिए सिर्फ लोकप्रियता के आधार पर कास्टिंग सही नहीं है।

सुम्बुल: आज मेरे करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं, लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था। काम के मौके मिलने से मेरी पहचान बढ़ी। मेरा मानना है कि पहले कलाकार का काम देखना चाहिए। मैं इंस्टाग्राम पर चर्चा में बने रहने के लिए पोस्ट नहीं करती। कोई काम होने पर ही उसे साझा करती हूं।

सुम्बुल से कहा गया कि फिल्मों में काम करने के लिए टीवी से ब्रेक लेना होगा।सुम्बुल से कहा गया कि फिल्मों में काम करने के लिए टीवी से ब्रेक लेना होगा।

सवाल: टीवी कलाकारों को फिल्मों में काम करने के लिए टीवी छोड़ने की सलाह दी जाती है। क्या आपने भी ऐसा अनुभव किया है?

जवाब/सुम्बुल: हां, मुझसे कहा गया था कि फिल्मों में काम करने के लिए टीवी से ब्रेक लेना होगा। दो साल का ब्रेक लेने की सलाह भी दी गई। लेकिन कलाकार की पहचान उसके काम से होनी चाहिए। टीवी कलाकार भी मेहनत करते हैं और दर्शकों के बीच उनकी पहुंच काफी गहरी होती है।

सवाल: कलाकारों की कास्टिंग में आपकी प्राथमिकता क्या होती है?

जवाब/यशपाल: किसी कलाकार को देखते समय मैं सबसे पहले उसका अभिनय देखना चाहता हूं। कोई उसके इतने मिलियन फॉलोअर्स बताए, तो मैं कहता हूं कि पहले परफॉर्मेंस दिखाओ। फिल्म में कलाकार को किरदार निभाना है, इंस्टाग्राम रील्स नहीं बनानी हैं। कलाकार टीवी, थिएटर या फिल्मों से आए, उसकी पहचान काम से होनी चाहिए।

सवाल: शाहरुख खान और सुशांत सिंह राजपूत जैसे कई कलाकार भी टीवी से निकलकर फिल्मों में आए। क्या आपके हिसाब से कलाकार की पहचान उसके काम से होनी चाहिए?

जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। कलाकार कहीं से भी आया हो, वह कलाकार ही होता है। उसके लिए यह मायने नहीं रखना चाहिए कि उसने टीवी किया है, थिएटर किया है या फिल्में की हैं। आखिरकार उसकी पहचान उसका अभिनय और काम ही है।

सवाल: राजन जी, आपका नाम राजन रामगोपाल वर्मा है। क्या आपका फिल्ममेकर रामगोपाल वर्मा से कोई रिश्ता है?

जवाब/राजन: नहीं, उनसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मेरे पिता का नाम भी रामगोपाल वर्मा है, लेकिन वे फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हैं। हमारा परिवार ज्वेलरी कारोबार से जुड़ा है। वर्मा हमारा पारिवारिक सरनेम है और बचपन से मेरे नाम के साथ जुड़ा है।

सवाल: सुम्बुल, क्या आप इस बार बिग बॉस देख रही हैं? इस सीजन में आपके पिता तौकीर खान को लेकर भी चर्चा हो रही है?

जवाब/सुम्बुल: मुझे पता है कि इस बार बिग बॉस में काजी तौकीर आए हुए हैं। करीब 14-15 साल की उम्र में मैं एक शो में काम कर रही थी। उसमें मैंने हीरो की बहन का किरदार निभाया था। बाद में गूगल पर शो की कास्ट देखी, तो वहां मेरे नाम की जगह काजी तौकीर की फोटो और नाम दिखाई दे रहा था। शायद तौकीर नाम को लेकर कन्फ्यूजन हुआ था और मेरी जगह उनका नाम डाल दिया गया था।

बिग बॉस देखने की बात करें, तो मैंने पहले भी यह शो नहीं देखा और इस बार भी नहीं देख रही हूं। अपना सीजन तक नहीं देखा, तो दूसरों का क्या देखूंगी?

हर्ष राजपूत को समझ में नहीं आता है कि बिग बॉस में क्यों जाना चाहिए।हर्ष राजपूत को समझ में नहीं आता है कि बिग बॉस में क्यों जाना चाहिए।

सवाल: हर्ष, आपको कई बार बिग बॉस का ऑफर मिला है। आपने अब तक शो में जाने का फैसला क्यों नहीं किया?

जवाब/हर्ष राजपूत: हां, मुझे कई बार ऑफर मिला है। लेकिन सच कहूं, तो अभी तक समझ नहीं आया कि मुझे बिग बॉस में क्यों जाना चाहिए।

मेरे लिए एक्टिंग जिंदगीभर का काम है। बिग बॉस में जाने के बाद आपकी पूरी पर्सनैलिटी लोगों के सामने आ जाती है। अगर वहां जाने के बाद मैं कोई फिक्शनल किरदार निभाऊंगा, तो दर्शक मुझे पहले से जान चुके होंगे। ऐसे में वे उस किरदार को कैसे स्वीकार करेंगे, यह मेरे लिए सवाल है। इसलिए कोशिश है कि मुझे कभी ऐसा मौका न मिले।

सुम्बुल: मुझे लगता है कि बिग बॉस में किसी इंसान की पूरी पर्सनैलिटी सामने नहीं आती। उसके व्यक्तित्व के कुछ हिस्से ही दिखते हैं। असल जिंदगी में हर इंसान डिप्लोमैटिक होता है। कोई हर किसी के मुंह पर बुरा नहीं बोलता और न ही हर समय लड़ता रहता है।

लेकिन बिग बॉस में कई बार लोगों को ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता है। वहां किसी इंसान का एक खास तरह से दिखना जरूरी नहीं कि उसकी असल जिंदगी की छवि भी हो। शो के दौरान कई चीजें प्लान की जाती हैं। बाहर आने के बाद लोग मिलते हैं और दोस्त बन जाते हैं। शो की लड़ाइयां और नाराजगी भी खत्म हो जाती हैं।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ की स्पेशल स्क्रीनिंग:पति को सपोर्ट करने पहुंचीं आलिया, रवि दुबे ने सनी देओल के पैर छुए; देखें तस्वीरें

    Hindi News Entertainment Bollywood Ramayan Special Screening Mumbai | Alia Bhatt Sunny Deol Bollywood Stars रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ की स्पेशल स्क्रीनिंग:पति को सपोर्ट करने पहुंचीं आलिया, रवि दुबे…

    दूसरी बार पोस्टमार्टम में जांघ के पास मिली गोली:पहली रिपोर्ट में किडनी-तिल्ली फटने से बताई थी मौत की वजह

    Hindi News Local Uttar pradesh Hardoi Hardoi Murder Case | Postmortem Report Controversy; Bullet Found दूसरी बार पोस्टमार्टम में जांघ के पास मिली गोली:पहली रिपोर्ट में किडनी-तिल्ली फटने से बताई…

    You Missed

    Trey Gowdy: “All You Had To Do Is Nominate John Cornyn,” I Don’t Know If Paxton Will Win

    • By dp
    • November 4, 2026
    • 3 views
    Trey Gowdy: “All You Had To Do Is Nominate John Cornyn,” I Don’t Know If Paxton Will Win

    रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ की स्पेशल स्क्रीनिंग:पति को सपोर्ट करने पहुंचीं आलिया, रवि दुबे ने सनी देओल के पैर छुए; देखें तस्वीरें

    • By dp
    • November 4, 2026
    • 3 views
    रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ की स्पेशल स्क्रीनिंग:पति को सपोर्ट करने पहुंचीं आलिया, रवि दुबे ने सनी देओल के पैर छुए; देखें तस्वीरें

    Lions provide update on Jack Campbell

    • By dp
    • November 4, 2026
    • 4 views
    Lions provide update on Jack Campbell

    यशपाल बोले- अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया:सुम्बुल ने सुनाया डरावना किस्सा, हर्ष बोले- भूत मिला तो उससे करूंगा बात

    • By dp
    • November 4, 2026
    • 5 views
    यशपाल बोले- अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया:सुम्बुल ने सुनाया डरावना किस्सा, हर्ष बोले- भूत मिला तो उससे करूंगा बात

    Petróleo sube tras ataque de Estados Unidos a isla iraní y menor expectativa de acuerdo de paz

    • By dp
    • November 4, 2026
    • 6 views
    Petróleo sube tras ataque de Estados Unidos a isla iraní y menor expectativa de acuerdo de paz

    दूसरी बार पोस्टमार्टम में जांघ के पास मिली गोली:पहली रिपोर्ट में किडनी-तिल्ली फटने से बताई थी मौत की वजह

    • By dp
    • November 4, 2026
    • 6 views
    दूसरी बार पोस्टमार्टम में जांघ के पास मिली गोली:पहली रिपोर्ट में किडनी-तिल्ली फटने से बताई थी मौत की वजह