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बुलंदशहर की सबा हैदर ने अमेरिका में जीता विधानसभा चुनाव:71% वोट मिले, पिता बोले- देश के लिए गर्व की बातप्रदुमन कौशिक | बुलंदशहरकुछ ही क्षण पहले
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औरंगाबाद की बेटी सबा हैदर बनीं अमेरिकी राज्य की विधायक।
बुलंदशहर जिले के कस्बा औरंगाबाद से ताल्लुक रखने वाली सबा हैदर ने अमेरिका की राजनीति में बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने इलिनॉयस राज्य के 84वें हाउस डिस्ट्रिक्ट से प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पारी को नई ऊंचाई दी है।
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चुनाव में सबा हैदर को करीब 71 प्रतिशत मत मिले, जबकि रिपब्लिकन प्रत्याशी ब्रायन स्कोपा को 29 प्रतिशत वोट हासिल हुए। सबा की जीत की खबर से उनके पैतृक क्षेत्र औरंगाबाद के साथ गाजियाबाद में रह रहे परिजनों में भी खुशी की लहर है।
पूरे भारत के लिए गर्व की बात उनके पिता सैयद अली हैदर ने बेटी की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए इसे पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल परिवार की जीत नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है।
रिश्तेदारों और परिचितों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। सबा हैदर की उपलब्धि के पीछे शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक सक्रियता का लंबा सफर रहा है।
उन्होंने गाजियाबाद के होली चाइल्ड स्कूल से पढ़ाई करने के बाद राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज से स्नातक किया। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से वन्यजीव विज्ञान में स्वर्ण पदक हासिल किया।
वर्ष 2006 में बुलंदशहर निवासी कंप्यूटर इंजीनियर अली काजमी से विवाह के बाद वह अमेरिका चली गईं। पति के साथ शिकागो क्षेत्र में बसने के बाद उन्होंने वहां अपनी नई पहचान बनाई।
प्रमाणित योग प्रशिक्षक के रूप में काम शुरू अमेरिका में उन्होंने प्रमाणित योग प्रशिक्षक के रूप में काम शुरू किया। कॉलेज के विद्यार्थियों से लेकर कॉरपोरेट क्षेत्र के पेशेवरों तक को योग का प्रशिक्षण दिया।
इसी दौरान सामाजिक गतिविधियों और स्थानीय लोगों के बीच उनकी सक्रियता बढ़ती गई। उनके परिवार में एक बेटा अजीम और बेटी आयशा हैं। सबा ने राजनीति में कदम रखने के बाद वर्ष 2022 में पहली बार ड्यूपेज काउंटी बोर्ड का चुनाव लड़ा, लेकिन करीब एक हजार मतों से हार गईं।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में दोबारा चुनाव मैदान में उतरकर रिपब्लिकन प्रत्याशी पैटी गस्टिन को 8,521 मतों से पराजित किया और काउंटी बोर्ड में पहुंचीं।
राहत जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
वहां उन्होंने पर्यावरण और रणनीतिक योजना समितियों की अध्यक्षता करते हुए जनस्वास्थ्य तथा सामुदायिक विकास से जुड़े मुद्दों पर काम किया। विधानसभा चुनाव में उन्होंने सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और महंगाई से राहत जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
लगातार जनसंपर्क और सामाजिक कार्यों के जरिए बनाई गई पहचान अब उन्हें अमेरिकी राज्य की प्रतिनिधि सभा तक ले गई है। उनकी जीत को भारतीय मूल के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सबा की मां चांदनी के मुताबिक, बचपन से ही उनकी बेटी की रुचि सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में रही है। वह स्कूल के दिनों में वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं।
जनसेवा और राजनीति में सक्रिय भूमिका
उनकी इसी रुचि और मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने आगे चलकर जनसेवा और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का रास्ता तैयार किया। मां ने बताया कि सबा के पति ने भी उनके राजनीतिक सफर में हमेशा सहयोग और प्रोत्साहन दिया।
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