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गलत के खिलाफ आवाज उठाने की मिली सजा:विवेक ओबेरॉय बोले- अंडरवर्ल्ड की धमकियों के बाद फिल्ममेकर्स ने बनाई दूरी, करियर हुआ तबाह5 घंटे पहले
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बॉलीवुड में टैलेंट और मेहनत के बावजूद कलाकारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। विवेक ओबेरॉय ने अपने करियर के शुरुआती दौर का दर्दनाक अनुभव साझा किया है। उनका कहना है कि गलत के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उन्हें बॉलीवुड में अलग-थलग कर दिया गया था। उनके साथ काम करने के इच्छुक फिल्ममेकर्स को अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन आने लगे। विवेक के मुताबिक, उन्हें फिल्मों से निकाला जाने लगा और इंडस्ट्री में काम के मौके खत्म होते चले गए।
गलत के खिलाफ खड़े हुए तो शुरू हुआ मुश्किलों का दौर
विवेक ओबेरॉय ने हाल ही में ‘रीलर्न पॉडकास्ट’ पर अपने करियर का मुश्किल दौर याद किया। उन्होंने बताया कि 2000 के शुरुआती सालों में करियर तेजी से आगे बढ़ रहा था, तभी एक विवाद के बाद उनकी जिंदगी बदल गई।
विवेक ने किसी का नाम लिए बिना बताया कि वह ऐसी सोच के साथ बड़े हुए थे, जिसमें कुछ मर्यादाओं को कभी पार नहीं करना चाहिए। महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और उनके प्रति गलत बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
अभिनेता के मुताबिक, उन्होंने उस समय गलत के खिलाफ आवाज उठाई। इसके बाद उन्हें लगातार परेशान किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिंदगी का बेहद अंधकारमय दौर था।
विवेक ने बताया कि इंडस्ट्री की एक ताकतवर लॉबी का दबाव उन पर हावी हो गया।
फिल्में साइन करने के बाद भी कर दिया जाता था बाहर
विवेक ने बताया कि वह करियर में कई सफल फिल्में दे चुके थे। हिट फिल्मों और अवॉर्ड्स से उन्हें पहचान मिल रही थी। इसके बावजूद इंडस्ट्री की एक ताकतवर लॉबी का दबाव उन पर हावी हो गया।
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में लोग उनसे दूरी बनाने लगे। विवेक के मुताबिक, जिन फिल्मों को वह पहले ही साइन कर चुके थे, उनसे भी उन्हें बाहर कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि वह इंडस्ट्री में ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ बन गए थे। इसका मतलब है ऐसा व्यक्ति, जिसे किसी जगह या समूह में स्वीकार नहीं किया जाता।
साथ देने वाले फिल्ममेकर्स को भी अंडरवर्ल्ड से धमकी मिली
विवेक ने अंडरवर्ल्ड की धमकियों को लेकर खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ फिल्ममेकर्स नैतिक आधार पर उनके साथ काम करने को तैयार थे। लेकिन कुछ हफ्तों बाद वही लोग फोन करके अपनी मजबूरी बताते थे।
अभिनेता के मुताबिक, फिल्ममेकर्स ने बताया कि उन्हें अंडरवर्ल्ड से फोन आए थे। गैंगस्टर्स चेतावनी देते थे कि अगर उन्होंने विवेक के साथ फिल्म बनाई तो उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने पड़ सकते हैं।
विवेक ने कहा कि धमकियों के कारण उनके साथ काम करने के इच्छुक लोग भी पीछे हटने लगे। उनके लिए काम के रास्ते बंद होते चले गए।
उन्होंने कहा कि वह दौर उनके लिए बेहद तकलीफदेह था। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है।
बोले- टैलेंट और परफॉर्मेंस की वजह से काम नहीं छीना गया
विवेक ने कहा कि उन्हें काम इसलिए मिलना बंद नहीं हुआ क्योंकि वह अच्छा काम नहीं कर पा रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह मामला उनके टैलेंट, परफॉर्मेंस या काम करने के तरीके से जुड़ा नहीं था, बल्कि इसकी वजह ऐसी परिस्थितियां थीं, जिन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था।
अभिनेता के मुताबिक, उन्होंने काम से खुद को साबित किया था, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट उनके हाथ से निकलते चले गए। सबसे तकलीफदेह बात यह थी कि वह अपनी मेहनत और प्रतिभा से इस स्थिति को बदल नहीं पा रहे थे।
2003 में सलमान खान को लेकर की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
विवेक ओबेरॉय के करियर में 2003 का विवाद काफी चर्चा में रहा था। 1 अप्रैल 2003 को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सलमान खान पर गंभीर आरोप लगाए थे।
विवेक ने दावा किया था कि सलमान ने उन्हें फोन पर धमकियां दी थीं। उस समय विवेक और ऐश्वर्या राय के रिश्ते की चर्चा थी। ऐश्वर्या इससे पहले सलमान के साथ रिलेशनशिप में थीं।
मौजूदा पॉडकास्ट में विवेक ने इस विवाद को लेकर किसी का नाम नहीं लिया और न ही घटनाओं का पूरा ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि गलत के खिलाफ खड़े होने के बाद उन्हें इंडस्ट्री में किस तरह की परेशानियां झेलनी पड़ीं।
विवेक इससे पहले भी कई इंटरव्यू में बॉलीवुड की लॉबी और गुटबाजी पर बात कर चुके हैं।
गुस्से, शराब और खुद से नफरत के दौर से भी गुजरे
विवेक के मुश्किल दौर का असर उनके फिल्मी करियर के साथ निजी जिंदगी पर भी पड़ा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि उस समय उनके अंदर काफी गुस्सा और नाराजगी थी।
वह शराब का सहारा लेने लगे थे। उनके मन में गुस्सा, खुद से नफरत और अपमानित किए जाने का एहसास था। उन्हें लगता था कि आसपास के लोग भी उनका साथ छोड़ रहे हैं।
विवेक ने इस दौर को बेहद मुश्किल बताया। उनके मुताबिक, लगातार काम छिनने और इंडस्ट्री में अकेले पड़ने से वह मानसिक रूप से भी प्रभावित हुए थे।
फिल्म ‘कंपनी’ के लिए विवेक ओबेरॉय को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
‘कंपनी’ और ‘साथिया’ से मिली थी पहचान
विवेक ओबेरॉय ने 2002 में राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने चंदू का किरदार निभाया था। उनकी एक्टिंग पसंद की गई और उन्हें फिल्मफेयर समेत कई अवॉर्ड मिले।
इसी साल रिलीज हुई ‘साथिया’ में उन्होंने आदित्य का किरदार निभाया। रानी मुखर्जी के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को पसंद आई। इन फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री के उभरते सितारों में शामिल कर दिया था।
इसके बाद उन्होंने ‘युवा’, ‘मस्ती’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ में काम किया। फिल्म में माया डोलस के किरदार के लिए भी उन्हें सराहना मिली।
शुरुआती सफलता के बाद उनका करियर उतार-चढ़ाव से गुजरा। उन्होंने ‘कृष 3’, ‘विवेगम’ और ‘लूसिफर’ में अलग-अलग किरदार निभाए।
अब ‘रामायण’ और ‘स्पिरिट’ को लेकर चर्चा में हैं अभिनेता
लंबे उतार-चढ़ाव के बाद विवेक ओबेरॉय फिर बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, वह नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में विद्युतजिह्वा के किरदार में नजर आए हैं। यह किरदार रावण का बहनोई और शूर्पणखा का पति है।
वह संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ का भी हिस्सा हैं। इसमें प्रभास और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
विवेक का कहना है कि करियर में एक ऐसा दौर भी आया, जब उनके हाथ से काम निकलता चला गया। उनके खुलासे ने बॉलीवुड में लॉबी, गुटबाजी और कलाकारों की चुनौतियों को फिर चर्चा में ला दिया है।
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