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पटाखा लाइसेंस के नाम पर वसूली, 2 सिपाही निलंबित:गोंडा में वीडियो सामने आने के बाद SP ने की कार्रवाई, दोनों के खिलाफ जांचगोंडा4 मिनट पहले
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गोंडा में पटाखा लाइसेंस के पुलिस सत्यापन के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में SP अभिषेक झा ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दोनों के रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद रविवार
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दोनों के रिश्वत लेते वीडियो हुए थे वायरल
पहला मामला नगर कोतवाली में तैनात सिपाही अजीत सिंह का है। उसका एक आवेदक से पटाखा लाइसेंस सत्यापन के नाम पर 1,000 रुपए लेते हुए वीडियो सामने आया था। यह वीडियो 5 नवंबर की दोपहर करीब दो बजे का बताया जा रहा है।
दूसरा मामला CO सिटी कार्यालय में तैनात महिला आरक्षी सुमन का है। उसके भी आवेदक से 1,000 रुपए लेने का वीडियो सामने आया था। फुटेज में महिला आरक्षी आवेदक से काउंटर की दराज में पैसे रखने के लिए कहती सुनाई दे रही है। इसके बाद आवेदक दराज में पैसे रखता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो भी 5 नवंबर की दोपहर का बताया गया है।
दोनों वीडियो का संज्ञान लेते हुए SP ने मामले की जांच ASP (पूर्वी) अजीत कुमार रजक को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस सत्यापन के बाद होता है दुकानों का आवंटन
जिले में पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदक सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन करते हैं। वहां से पुलिस रिपोर्ट के लिए फाइल नगर कोतवाली और संबंधित CO कार्यालय भेजी जाती है। पुलिस सत्यापन पूरा होने के बाद लकी ड्रा के जरिए पटाखा दुकानों का आवंटन किया जाता है।
आरोप है कि इसी सत्यापन प्रक्रिया की आड़ में दोनों पुलिसकर्मी आवेदकों से अवैध वसूली कर रहे थे। नगर कोतवाली में तैनात सिपाही के इस कथित कृत्य की जानकारी नगर कोतवाल को थी या नहीं, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नगर कोतवाल की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है।
SP अभिषेक झा ने कहा कि पुलिस विभाग में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।
वहीं, CO सिटी योगेंद्र सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अवैध गतिविधियों और वसूली से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी के भी इसमें शामिल पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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