संजीव कुमार बर्थ एनिवर्सरी:शर्त रखी तो हेमा मालिनी ने शादी नहीं की; गर्लफ्रेंड्स को नंबर से बुलाते थे, सुलक्षणा पंडित ने मांग भरने को कहा

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Sanjeev Kumar Birth Anniversary | Hema Malini Marriage Facts & Sulakshana Pandit

संजीव कुमार बर्थ एनिवर्सरी:शर्त रखी तो हेमा मालिनी ने शादी नहीं की; गर्लफ्रेंड्स को नंबर से बुलाते थे, सुलक्षणा पंडित ने मांग भरने को कहा2 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय

  • कॉपी लिंक

संजीव कुमार ने हिंदी के अलावा उन्होंने अपनी मातृभाषा गुजराती, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था। - Dainik Bhaskarसंजीव कुमार ने हिंदी के अलावा उन्होंने अपनी मातृभाषा गुजराती, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था।

1933 के आसपास की बात है। महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा के पास स्थित माता रानी के एक मंदिर में एक महिला पहुंची। मान्यता थी कि यहां सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मुराद कभी खाली नहीं जाती। महिला की बस एक ही कामना थी-एक बेटे की।

उसने माता रानी के चरणों में सिर झुकाकर मन्नत मांगी, ‘अगर मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तो मैं उसे दस साल तक उधार मांगकर लाए गए कपड़े ही पहनाऊंगी।’

समय बीता और माता रानी ने उसकी पुकार सुन ली। उसके घर एक बेटे का जन्म हुआ। यही बच्चा आगे चलकर भारतीय सिनेमा का एक ऐसा सितारा बना, जिसकी अदाकारी आज भी मिसाल मानी जाती है। उसने फिल्म शोले में ठाकुर बलदेव सिंह का अमर किरदार निभाकर इतिहास रच दिया।

हम बात कर रहे हैं संजीव कुमार की और आज उनकी 88वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से….

किस्सा-1

संजीव कुमार के पिता ने तीन शादियां की थीं संजीव कुमार के पिता जेठालाल शिवलाल जरीवाला गुजरात के सूरत के एक संपन्न जरी व्यापारी थे। उनके परिवार के पास आलीशान हवेली, घोड़ा-गाड़ी और उस दौर की तमाम शान-ओ-शौकत थी, लेकिन इतनी संपत्ति होने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी में कई दुख आए।

संजीव कुमार के भतीजे उदय जरीवाला की किताब संजीव कुमार: द एक्टर वी ऑल लव्ड के अनुसार, जेठालाल की पहली शादी से दो बेटियां लक्ष्मी और जसु हुईं। कुछ समय बाद उनकी पहली पत्नी का बीमारी के कारण निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी ने एक बेटी भगवती को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के दौरान उनका भी निधन हो गया।

इसके बाद जेठालाल की तीसरी शादी शांता बेन से हुई। शांता बेन की सबसे बड़ी इच्छा थी कि परिवार को एक बेटा मिले। इसके लिए वह महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित चारोटी के माता मंदिर में जाकर मन्नत मांगती थीं। उन्होंने प्रण लिया कि यदि बेटा हुआ, तो उसे 10 साल तक दान में मिले कपड़े उसे पहनाएंगी और उसका मुंडन भी उसी मंदिर में कराएंगी। करीब पांच साल बाद उनकी मन्नत पूरी हुई और 9 जुलाई 1938 को हरिहर जरीवाला का जन्म हुआ। यही हरिहर आगे चलकर हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता संजीव कुमार के नाम से पहचाने गए।

संजीव कुमार की मां ने उनके अभिनय का सपना पूरा करने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे।संजीव कुमार की मां ने उनके अभिनय का सपना पूरा करने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे।

किस्सा-2

कैसे हरिहर जरीवाला बने संजीव कुमार संजीव कुमार को उनका नाम संजीव कुमार देने का श्रेय फिल्ममेकर सावन कुमार टाक को जाता है। 1960 के दशक की शुरुआत में सावन कुमार ने मुंबई के तेजपाल थिएटर में आईपीटीए (IPTA) का एक नाटक देखा। उस नाटक में संजीव कुमार की दमदार एक्टिंग ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने वहीं तय कर लिया कि वे उन्हें अपनी फिल्म में मौका देंगे।

नाटक खत्म होने के बाद उन्होंने संजीव कुमार को चाय पर बुलाया और अपनी फिल्म ‘नौनिहाल’ की कहानी सुनाने लगे। कहानी सुनते-सुनते संजीव कुमार ने हैरानी से पूछा, “आप मुझे यह कहानी क्यों सुना रहे हैं?”

सावन कुमार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “क्योंकि मैं तुम्हें अपनी फिल्म में लेना चाहता हूं।”

हालांकि, सावन कुमार की एक शर्त थी। उन्होंने कहा कि हरिहर जरीवाला नाम फिल्मों के लिए उतना प्रभावशाली नहीं लगता। उस दौर में राज कुमार, दिलीप कुमार, मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार जैसे कलाकारों का नाम खूब चल रहा था। इसलिए उन्होंने पहले संजय कुमार नाम सुझाया, लेकिन उसी समय एक्टर संजय खान भी इंडस्ट्री में आ चुके थे। ऐसे में दोनों ने मिलकर नया नाम चुना-संजीव कुमार।

संजीव कुमार का जन्म गुजरात के सूरत में हुआ था। शुरुआती 7 साल सूरत में बिताने के बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था।संजीव कुमार का जन्म गुजरात के सूरत में हुआ था। शुरुआती 7 साल सूरत में बिताने के बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था।

किस्सा-3

फिल्म के सेट पर सबके सामने नूतन ने थप्पड़ जड़ा था

संजीव कुमार का नाम एक्ट्रेस नूतन से भी जुड़ा। संजीव कुमार और नूतन की मुलाकात 1968 में फिल्म ‘गौरी’ के सेट पर हुई और बाद में ‘देवी’ की शूटिंग के दौरान उनकी दोस्ती और गहरी हो गई।

पत्रकार हनीफ जवेरी ने विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि एक दिन नूतन और उनके पति रजनीश बहल के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। संजीव कुमार ने हालात संभालने की नीयत से रजनीश बहल को फोन किया था, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ और उनके पति का गुस्सा और बढ़ गया।

अगले दिन अपने पति को यह भरोसा दिलाने के लिए कि उनका संजीव कुमार से कोई रिश्ता नहीं है, नूतन शूटिंग के सेट पर पहुंचीं और संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था। इस घटना से फिल्म ‘देवी’ की शूटिंग रुक गई और दोनों कलाकार अलग-अलग चले गए।

संजीव कुमार और नूतन ने 'गौरी' और 'देवी' जैसी फिल्मों में साथ काम किया था।संजीव कुमार और नूतन ने ‘गौरी’ और ‘देवी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया था।

किस्सा-4

एक शर्त की वजह से हेमा मालिनी से शादी नहीं हो सकी

संजीव कुमार की अधूरी प्रेम कहानियों में सबसे चर्चित नाम हेमा मालिनी का है। दोनों का रिश्ता शादी तक पहुंचने की संभावना तक बन गई थी। हालांकि, एक शर्त ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। 1972 में फिल्म ‘सीता और गीता’ की शूटिंग के दौरान संजीव कुमार और हेमा मालिनी के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पत्रकार हनीफ जवेरी के मुताबिक, संजीव कुमार हेमा मालिनी को लेकर काफी सीरियस थे। दोनों के परिवारों के बीच शादी की बात भी पहुंच गई थी, लेकिन यहीं एक शर्त ने रिश्ते को तोड़ दिया। हनीफ जवेरी के अनुसार, हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती चाहती थीं कि शादी के बाद भी उनकी बेटी फिल्मों में काम करती रहे। वहीं, संजीव कुमार का साफ कहना था कि शादी के बाद उनकी पत्नी घर और परिवार को प्राथमिकता दे।

इसी मुद्दे पर दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी और रिश्ता टूट गया। उस समय हेमा मालिनी बॉलीवुड की नंबर-1 एक्ट्रेस थीं और अपने करियर के पीक पर थीं। हनीफ जवेरी का कहना है कि हेमा मालिनी को उम्मीद थी कि समय के साथ संजीव कुमार अपना फैसला बदल देंगे और उन्हें काम करने की अनुमति दे देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आखिरकार दोनों की राहें हमेशा के लिए अलग हो गईं। हेमा मालिनी से रिश्ता टूटने के बाद संजीव कुमार भीतर ही भीतर टूट गए थे।

संजीव कुमार और हेमा मालिनी ने 'सीता और गीता', 'शोले' और 'धूप छांव' जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया था।संजीव कुमार और हेमा मालिनी ने ‘सीता और गीता’, ‘शोले’ और ‘धूप छांव’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया था।

किस्सा-5

सुलक्षणा पंडित ने मंदिर ले जाकर सिंदूर भरने को कहा

बॉलीवुड की सबसे अधूरी प्रेम कहानियों में से एक संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित की मानी जाती है। फिल्म ‘उलझन’ की शूटिंग के दौरान सुलक्षणा पंडित, संजीव कुमार से बेइंतहा प्यार करने लगी थीं।

हनीफ जवेरी के मुताबिक, एक बार सुलक्षणा पंडित संजीव कुमार को मंदिर ले गईं और कहा, ‘मेरी मांग में सिंदूर भर दो।’ लेकिन संजीव कुमार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। संजीव कुमार को अपनी दिल की बीमारी के बारे में पता था। उनका मानना था कि वह लंबी जिंदगी नहीं जी पाएंगे, इसलिए वह किसी लड़की की जिंदगी अपने साथ जोड़कर उसे दुख नहीं देना चाहते थे।

संजीव कुमार के इनकार के बाद सुलक्षणा पंडित ने जीवनभर शादी नहीं की। वहीं, 1985 में संजीव कुमार के निधन ने उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया। संयोग की बात यह रही कि सुलक्षणा पंडित का निधन 6 नवंबर 2025 को हुआ। वहीं, 6 नवंबर (1985) को संजीव कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कहा था।

संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित ने 'उलझन', 'जिंदगी' और 'अपनापन' जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया थासंजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित ने ‘उलझन’, ‘जिंदगी’ और ‘अपनापन’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया था

किस्सा-6

धर्मेंद्र निभाना चाहते थे संजीव कुमार का मशहूर ठाकुर वाला किरदार

फिल्म ‘शोले’ में निर्देशक रमेश सिप्पी ने ठाकुर बलदेव सिंह के किरदार के लिए संजीव कुमार को चुना था, क्योंकि वे हर तरह के किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाने में माहिर थे।

दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में रमेश सिप्पी ने बताया था कि शुरुआत में धर्मेंद्र फिल्म में अपने किरदार को लेकर असमंजस में थे। वे ठाकुर का रोल निभाना चाहते थे। उन्होंने रमेश सिप्पी से कहा था, ‘फिल्म का मुख्य किरदार ठाकुर का है, इसलिए यह रोल मुझे करना चाहिए।’

इस पर रमेश सिप्पी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘अगर तुम ठाकुर बनोगे, तो वीरू का किरदार संजीव कुमार निभाएंगे और फिर हेमा मालिनी के साथ रोमांस करने का मौका भी उन्हें ही मिलेगा।’

बस, यही बात सुनकर धर्मेंद्र ने अपना इरादा बदल दिया और फिल्म में वीरू का किरदार निभाने के लिए तैयार हो गए।

जब संजीव कुमार ने 'शोले' में ठाकुर का रोल किया, तब उनकी उम्र महज 37 साल थी।जब संजीव कुमार ने ‘शोले’ में ठाकुर का रोल किया, तब उनकी उम्र महज 37 साल थी।

किस्सा-7

‘सिलसिला’ में काम करने के लिए जया बच्चन को संजीव कुमार ने मनाया साल 1981 में रिलीज हुई ‘सिलसिला’ उस दौर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी। इसकी वजह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और रेखा के कथित प्रेम त्रिकोण से जुड़ी चर्चाएं भी थीं।

हनीफ जावेरी ने बताया था कि शुरुआत में जया बच्चन फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहती थीं। ऐसे में फिल्म के डायरेक्टर यश चोपड़ा ने संजीव कुमार से मदद मांगी। चूंकि संजीव कुमार और जया बच्चन के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था, ऐसे में यश चोपड़ा ने उनसे कहा कि वे जया को फिल्म करने के लिए मनाएं।

संजीव कुमार ने जया बच्चन से बात की, जिसके बाद वह फिल्म के लिए वे तैयार हो गईं। हालांकि, उन्होंने एक शर्त रखी। जया ने कहा कि चाहे उस दिन उनका कोई सीन हो या न हो, वे फिल्म की शूटिंग के दौरान रोज सेट पर मौजूद रहेंगी। उन्होंने यह फैसला रेखा की मौजूदगी को देखते हुए लिया था।

किस्सा-8

गर्लफ्रेंड्स को नाम नहीं, नंबर से बुलाते थे संजीव कुमार

उदय जरीवाला की किताब में अंजू महेंद्रू ने संजीव कुमार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताया था। उनके मुताबिक, जब भी संजीव कुमार किसी महिला के बारे में सीरियस नहीं होते थे, तो उसका नाम लेने के बजाय उसे ‘नंबर’ से बुलाते थे। वह मजाक में अपनी महिला मित्रों को नंबर 1, नंबर 2, नंबर 3 जैसे नाम देते थे।

अंजू महेंद्रू ने बताया था, ‘हरि मुझे फोन करके कहते थे, ‘आज नंबर 1 का फोन आया था’ या ‘नंबर 8 ने आज यह कहा।’ हम दोनों के बीच यह एक मजाक बन गया था।’

किस्सा-9

10% दिल के सहारे जी रहे थे, फिर भी नहीं छोड़ी शराब 1976 के बाद जरीवाला परिवार को अगले दस सालों में कुल 9 हार्ट अटैक आए थे। संजीव कुमार को पहला हार्ट अटैक 1976 में आया। वह एक पार्टी में थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया।

वहीं, 1978 में उन्हें दूसरा हार्ट अटैक अमेरिका के ह्यूस्टन में आया। वह फिल्म ‘सुराग’ की शूटिंग के बाद अपनी बहन गायत्री पटेल के घर रुके हुए थे। संयोग ऐसा था कि जिस दिन उनकी भांजी आरती का जन्म हुआ, उसी दिन उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिवार ने यह बात गायत्री से कुछ दिन तक छिपाकर रखी। इलाज के बाद वह ठीक होकर भारत लौट आए। इसी घटना के बाद उन्होंने लगभग तय कर लिया कि अब वह शादी नहीं करेंगे।

इस बीच 1978 और 1979 में उनकी मां को दो हार्ट अटैक आए, जिनमें दूसरा जानलेवा साबित हुआ। 1982 में भाई निकुल जरीवाला को पहला हार्ट अटैक आया। फिर 1983 में संजीव कुमार को तीसरी बार दिल का दौरा पड़ा। इस बार उन्हें नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी कि अगर लंबी जिंदगी चाहिए तो शराब, सिगरेट और मसालेदार भोजन पूरी तरह छोड़ना होगा, लेकिन संजीव कुमार ऐसा नहीं कर पाए।

1984 में निकुल जरीवाला को दूसरा हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया। वहीं, जब संजीव कुमार अमेरिका गए, तब मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. डेंटन कूली ने कहा था कि उनका दिल सिर्फ 10 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहा है। हालांकि, उनकी बायपास सर्जरी सफल रही और उनका वजन भी काफी कम हो गया, लेकिन भारत लौटने के बाद संजीव कुमार फिर काम में पूरी तरह जुट गए। डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वह न सिगरेट छोड़ पाए, न शराब और न ही अपनी व्यस्त दिनचर्या। फिर 6 नवंबर 1985 को उन्हें चौथा और सबसे भीषण हार्ट अटैक आया। इस बार उन्हें बचाया नहीं जा सका। महज 47 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने के सिर्फ छह महीने बाद, 1986 में भाई किशोर जरीवाला की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

संजीव कुमार के निधन के बाद उनकी लगभग 10 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुईं, जिनमें 'प्रोफेसर की पड़ोसन' भी शामिल थी।संजीव कुमार के निधन के बाद उनकी लगभग 10 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुईं, जिनमें ‘प्रोफेसर की पड़ोसन’ भी शामिल थी।

एक नजर संजीव कुमार के करियर पर

संजीव कुमार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की। बाद में वह इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) और इंडियन नेशनल थिएटर से जुड़े। 1960 में उन्होंने फिल्म ‘हम हिंदुस्तानी’ से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन उन्हें असली पहचान 1970 में रिलीज हुई ‘खिलौना’ से मिली।

संजीव कुमार ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ‘कोशिश’, ‘आंधी’, ‘मौसम’, ‘अंगूर’, ‘नया दिन नई रात’, ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘पति पत्नी और वो’, ‘त्रिशूल’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। खासकर ‘शोले’ में ठाकुर बलदेव सिंह और ‘अंगूर’ में उनका डबल रोल उनके सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है।

…………..

यह खबर भी पढ़ें…

धर्मेंद्र ने कॉलर पकड़ी तो राजकुमार ने छोड़ी फिल्म:बप्पी लाहिड़ी के गहने देखकर बोले- मंगलसूत्र भी पहन लो, अमिताभ के सूट को पर्दा कहा

“ये कौन हैं?” सलमान खान का सवाल सुनते ही जवाब आया- “जानी…, अपने अब्बा से जाकर पूछना, हम कौन हैं।” यही थे राजकुमार। वो अभिनेता, जो फ्लॉप फिल्म के बाद भी अपनी फीस बढ़ा देते थे। कहते थे- ‘मेरी पिक्चर चले न चले, मैं फेल नहीं हुआ। कभी बप्पी लाहिड़ी के गहने पहनने का सरेआम मजाक बना देते थे, तो कभी गोविंदा जैसे कलाकारों की शर्ट काटकर रूमाल बना लेते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTAखबरें और भी हैं…

  • ‘गलत काम करने वालों की आलोचना होनी चाहिए’: अयोध्या में चढ़ावा चोरी पर अनुपम खेर बोले- इससे लोगों की आस्था पर फर्क नहीं पड़ता

    अयोध्या में चढ़ावा चोरी पर अनुपम खेर बोले- इससे लोगों की आस्था पर फर्क नहीं पड़ता|अयोध्या,Ayodhya - Dainik Bhaskar0:51Play videoPlay videoअयोध्या

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • प्रभास को जोकर कहने पर फंसे थे अरशद वारसी: सफाई में कहा- सिर्फ दोस्तों से मजाक करता हूं, पता है हद क्या है, सेलेब्स ने की थी निंदा

    सफाई में कहा- सिर्फ दोस्तों से मजाक करता हूं, पता है हद क्या है, सेलेब्स ने की थी निंदा|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar1:09Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

Source link

dp

Related Posts

हाथरस में लोडर चालक का शव खेत में मिला:परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, अवैध खनन को लेकर विवाद की आशंका

Hindi News Local Uttar pradesh Hathras Hathras Loader Driver Murder Case | Family Accuses Illegal Mining Mafia हाथरस में लोडर चालक का शव खेत में मिला:परिवार ने हत्या का आरोप…

ट्रोलिंग पर कटरीना कैफ का जवाब:दूसरों की सुनेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे; डिलीवरी के बाद लुक को लेकर हुईं ट्रोल, सलमान सपोर्ट कर चुके

Hindi News Entertainment Bollywood Katrina Kaif Statement On Post Delivery Trolling | Bollywood News ट्रोलिंग पर कटरीना कैफ का जवाब:दूसरों की सुनेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे; डिलीवरी के बाद…

You Missed

हाथरस में लोडर चालक का शव खेत में मिला:परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, अवैध खनन को लेकर विवाद की आशंका

  • By dp
  • October 9, 2026
  • 0 views
हाथरस में लोडर चालक का शव खेत में मिला:परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, अवैध खनन को लेकर विवाद की आशंका

Tennis: Tanagers Rally To Finish Third At State

  • By dp
  • October 9, 2026
  • 5 views
Tennis: Tanagers Rally To Finish Third At State

ट्रोलिंग पर कटरीना कैफ का जवाब:दूसरों की सुनेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे; डिलीवरी के बाद लुक को लेकर हुईं ट्रोल, सलमान सपोर्ट कर चुके

  • By dp
  • October 9, 2026
  • 4 views
ट्रोलिंग पर कटरीना कैफ का जवाब:दूसरों की सुनेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे; डिलीवरी के बाद लुक को लेकर हुईं ट्रोल, सलमान सपोर्ट कर चुके

Afghanistan look to tick boxes in rare Test outing against confident Bangladesh

  • By dp
  • October 9, 2026
  • 5 views
Afghanistan look to tick boxes in rare Test outing against confident Bangladesh

प्रेमानंद महाराज के शिष्यों की जांच की मांग:अखिल भारत हिंदू महासभा ने एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र, सात बिंदुओं पर जांच की मांग

  • By dp
  • October 9, 2026
  • 5 views
प्रेमानंद महाराज के शिष्यों की जांच की मांग:अखिल भारत हिंदू महासभा ने एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र, सात बिंदुओं पर जांच की मांग

Lakers’ need for a big man behind Walker Kessler is only growing

  • By dp
  • October 9, 2026
  • 6 views
Lakers’ need for a big man behind Walker Kessler is only growing