- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Lucknow
- Sarojininagar Underpass Scam | Rs 3.5 Crore Looted, Deadly Road
‘सरोजनीनगर में 2300 मीटर की जगह बनाया 600 मीटर नाला’:लोग बोले- 3.5 करोड़ डकार गए ठेकेदार-अफसर, अधूरा अंडरपास जानलेवालखनऊकुछ ही क्षण पहलेलेखक: वैभव तिवारी
- कॉपी लिंक
वार्ड-10 सरोजनीनगर प्रथम में निर्माणाधीन अंडरपास सबसे बड़ी समस्या है। इसकी वजह से क्षेत्र में धूल उड़ती है। बरसात में जलभराव हो जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल होते हैं। 2300 मीटर की जगह मात्र 600 मीटर नाला बनने से जलभराव की समस्या है।
.
वार्ड में डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति भी खराब है। ज्यादातर सड़कें कच्ची हैं। इससे आए दिन सड़क हादसे होते हैं। क्षेत्र में चोरियां भी खूब हो रही हैं। इससे लोगों में डर बैठ गया है। लोग खाली घर छोड़कर जाने से डरने लगे हैं।
दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम वार्ड नंबर-10 सरोजनी नगर प्रथम में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की।
सबसे पहले देखिए समस्याओं की 3 तस्वीरें…
वार्ड स्थित निर्माणधीन रेलवे अंडरपास की वजह से आए दिन दोपहिया सवार गिरकर घायल होते हैं।
वार्ड में 2300 मीटर लंबा नाला बनने का बजट पास हुआ था। लोगों का आरोप है कि 600 मीटर लंबा नाला ही बनाया गया।
वार्ड की ज्यादा सड़कें कच्ची हैं। इससे आए दिन हादसे होते हैं।
क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
नाला निर्माण में घोटाला
सरोजनीनगर प्रथम क्षेत्र में नगर निगम की तरफ से 2300 मीटर नाले के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए पास हुए थे। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की तरफ से सिर्फ 600 मीटर नाला बनाया गया। इसमें सिर्फ 300 मीटर ओपन नाला बनाकर बाकी 300 मीटर में पाइप डाल दी गई।
नाला अभी तक सिर्फ सैनी बीर बाबा मोड़ से घई पैलेस तक बना हुआ है। इसके बाद इसका निर्माण रोक दिया गया है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार के साथ में मिलकर अधिकारियों ने पैसे की बंदरबांट की है।
लोगों का कहना है कि यह नाला 2024 में पास हुआ था। इस नाले से क्षेत्र के गोल्ड सिटी, शुभम सिटी, बजरंग सिटी, आर्यपुरम कालोनी, सोफा फैक्ट्री, रामदास खेड़ा, श्याम वेलफेयर, निलयम कालोनी, कृष्ण बिहार कालोनी, नन्दद्वार कालोनी, द्वारिकापुरी, शिवराम सिटी, सदरौना कालोनी, जयपुरिया स्कूल के पास और पंडितखेड़ा के कॉलोनियों के पानी की निकासी होनी थी।
मामले में स्थानीय विधायक राजेश्वर सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल सहित अन्य से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। मामले में विधायक ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में घोटला हुआ है। वार्ड की नालियां भी टूटी हैं।
अंडरपास बनाने में हो रही लापरवाही
उत्तर रेलवे की क्रासिंग नंबर 5 सी रामदास खेड़ा पर रेलवे की तरफ से अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर अंडर पास का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। इसके कारण इसमें बड़े गड्ढे मौजूद हैं। चारों तरफ धूल उड़ती रहती है। अंडरपास के पास में मिट्टी की दीवार खड़ी हुई है।
इस बीच आए दिन दुर्घटना होती है। बारिश होते ही जलभराव की स्थिति हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मामले में काम कर रहे ठेकेदार से शिकायत की जाती है तो वह कहते हैं कि अभी दूसरी जगह पर निर्माण कार्य चल रहा है। बाद में इसे कराया जाएगा।
लोगों ने बताया कि इसके कारण लोगों को घूम कर आवाजाही करनी पड़ती है। वह रास्ता भी खराब है। यहां पर आए दिन वाहन सवार गिरते रहते हैं। लोगों ने बताया कि पिछले एक साल से जलभराव के बीच में लोगों को मजबूरी में अंडरपास से होकर गुजरना पड़ता है।
निर्माणाधीन अंडरपास की वजह से धूल उड़ रही है।
चोरी की समस्या से परेशान कॉलोनी के लोग
वार्ड के लोगाें का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं होती हैं। मामले में लोग जब पुलिस से शिकायत करते हैं तो कार्रवाई का आश्वासन मिलता है ,लेकिन कोई आरोपी पकड़ा नहीं जाता है। ऐसे में समस्या बढ़ जाती है। पुलिस गश्त भी नहीं करती है।
पंडित खेड़ा के लोगों ने बताया कि पिछले 6 महीने में क्षेत्र में 15 चोरी की घटनाएं हुइर् हैं, लेकिन एक भी मामले में आराेपियों को पुलिस पकड़ नहीं पाई है। पंडित खेड़ा इलाके में काशी राम तिराहे के पास में पुलिस चौकी बनाने का प्रस्ताव था। इसके बाद गोकुल स्टेट के पास में पुलिस चौकी प्रस्तावित है।
पंडित खेड़ा में पुलिस चौपाल भी लगी थी। आश्वाशन मिला था। गश्त होगी, लेकिन दो साल में कुछ नहीं हुआ। चोरी बढ़ती जा रही है। लोगों का आरोप है कि गश्त के नाम पर डेढ़ महीने में एक बार पुलिस वाले आते हैं।
पढ़िए स्थानीय लोगों ने क्या कहा…
अंडरपास बनाने के नाम पर झूठ बोलते हैं
रामदास खेड़ा में रहने वाले आलोक विश्वकर्मा का मकान रेलवे क्रासिंग के पास में है। उन्होंने बताया कि जब से रेलवे के लोगों ने अंडरपास का काम करना शुरू किया है, तब से लापरवाही बरती जा रही है। हम लोगों ने एक खंभा भी लगाया था। इसे भी तोड़ दिया गया है।
यहां पर धूल उड़ रही है। कई बार शिकायत की। जब शिकायत की जाती है तो बताते हैं कि अभी घर में शादी है। दूसरे कामों में व्यस्त हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा है।
आलोक विश्वकर्मा ने कहा- रेलवे के अफसरों ने गांव में अफवाह उड़ा दिया है कि हम लोगों ने मुआवजा नहीं मिलने पर कोर्ट से स्टे ले रखा है।
3 किलोमीटर तक घूमकर आना-जाना पड़ता है
मेवा लाल बताते हैं कि अंडरपास आधा बन गया उसके बाद रुका है। हम लोगों को घर से निकलने की समस्या है। 3 किलोमीटर तक घूमकर जाना पड़ता है। रेलवे के लोगों की हठधर्मिता है कि ये लोग काम नहीं कर रहे हैं। हम लोगों को समस्या हो रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। रेलवे के अधिकारियों तक भी कई शिकायत पहुंचाई गई पर कोई सुन नहीं रहा है।
मेवालाल ने कहा- अंडरपास न बनने की वजह से यहां पर धूल उड़ती है। बारिश होते ही जलभराव हो जाता है।
शिकायत को कोई सुन नहीं रहा है
आशुतोष अनौरा में रहते हैं। उनका कहना है कि केसरीखेड़ा में फ्लाईओवर बन रहा है। इसके कारण हमारे पिता का एक्सीडेंट हो गया है। पुल का निर्माण नहीं हो रहा है। इसके कारण पूरे क्षेत्र को तकलीफ हो रही है।
आशुतोष ने कहा- आखिर शिकायत करें तो कहां करें? हम लोग थक चुके हैं।
लोग बोले- नगर निगम के अधिकारियों ने किया घोटाला
अमित सिंह बताते हैं कि हम लोगों ने मेहनत करके साढ़े तीन करोड़ का बजट नाले के लिए पास कराया, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने मिलकर बंदरबांट कर ली। इसके कारण 2300 मीटर का पैसा सिर्फ 600 मीटर में खर्च कर दिया गया। इसमें 300 मीटर पाइप डाली गई।
आईजीआरएस के साथ में आरटीआई लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक से भी शिकायत हुई। इससे 15 कॉलोनियों के पानी की निकासी होनी थी।
अमित सिंह ने कहा- नाला निर्माण करने वाली एजेंसी नगर निगम और नाला डिजाइन करने वाले लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम सिद्धार्थ गुप्त ने बताया-
रामदास खेड़ा क्रासिंग पर बन रहे अंडरपास को सही कराया जाएगा। हम देखेंगे कि कौन सा डिपार्टमेंट इसका काम कर रहा है? जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
पार्षद प्रतिनिधि संजय गुप्ता ने बताया-
वार्ड में कच्ची सड़क सबसे अधिक है। इसके कारण जलभराव होता रहता है। लड़कियों के लिए कोई राजकीय विद्यालय नहीं है। सरकारी बारात घर नहीं है। जनता को सुविधाएं बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।कुछ लोगों के मकान आने की वजह से नाले का निर्माण बंद हो गया था। तहसील के साथ नगर निगम के लेखपाल आए थे। इस संंबंध में एक्सईएन बात करेंगे।
इंजीनियरिंग विभाग के एक्सईएन राजीव ने बताया-
मामले में अभी नाला बनाने के लिए और बजट पास हो रहा है। इसके लिए डिस्पोजल प्लान बन गया है। इसकी अधिक जानकारी नहीं दे सकेंगे।
- नगर निगम का हेल्पलाइन नंबर : पाइप लाइन में लीकेज, गंदे पानी की सप्लाई होने पर नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दी जा सकती है। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर- 8177054100, 8177054003, 8177054010 पर कॉल करना होगा।
- अपने वॉर्ड की कवरेज और समस्याओं की जानकारी देने के लिए वॉट्सएप नंबर 9452909661 पर मैसेज कीजिए।
—————————–
इस वार्ड को भी जानिए-
‘प्राइवेट लोगों को पैसे देकर साफ करवाना पड़ता है सीवर’ : मल्लाही टोला वार्ड के लोग बोले- स्वेज इंडिया के कर्मचारी काम नहीं करते
लखनऊ का मल्लाही टोला वार्ड शहर के पुराने हिस्से हुसैनाबाद में आता है। गंदगी यहां की मुख्य समस्या है। यहां नाला और सीवर की सफाई नहीं हो रही है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। हालांकि, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वार्ड में काफी विकास हुआ। अन्य क्षेत्रों से तुलना की जाए तो उनके वार्ड को लेकर नगर निगम के अधिकारी और पार्षद गंभीर रहते हैं।
सीवर सफाई को लेकर लोगों ने कार्यदायी संस्था स्वेज इंडिया पर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि कई कॉलोनी में सीवर लाइन प्राइवेट है। स्वेज इंडिया उनकी सफाई नहीं करती है। प्राइवेट कर्मचारियों को बुलाकर सीवर साफ करवाना पड़ता है। (पूरी रिपोर्ट पढ़िए)
अधूरा नहीं! पढ़िए पूरा! पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर ऐप पर
एप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें
पूरी खबर पढ़ें ऐप परप्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें
Source link




