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आमिर की ‘ललकार’:ये फिल्म सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं, बंटवारे में बिछड़े क्रिकेटर्स का दर्द भी दिखाएगीअमित कर्ण. मुंबई6 घंटे पहले
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फिल्म ‘ललकार’ का सबसे अहम किरदार लाला अमरनाथ का है। वे भारत के पहले टेस्ट शतकवीर थे और स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी कर चुके थे।
बॉलीवुड में इन दिनों आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘ललकार’ की चर्चा तेज हैं। कहा जा रहा है कि ‘लगान’ के करीब 25 साल बाद दोनों एक बार फिर बड़े परदे पर साथ आने वाले हैं। हालांकि फिल्म की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्र इसे एक बड़े स्पोर्ट्स-पीरियड ड्रामा के रूप में देख रहे हैं।
इस फिल्म की कहानी भारतीय क्रिकेट इतिहास के बेहद महत्वपूर्ण दौर से जुड़ी है। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ फिल्मी गलियारों में ही नहीं, बल्कि क्रिकेट और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जल्द ही इस पर आधिकारिक ऐलान हो सकता है।
कहानी का फोकस होगा लाला अमरनाथ और क्रिकेट को मिलती नई पहचान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का सबसे अहम किरदार लाला अमरनाथ का है। वे भारत के पहले टेस्ट शतकवीर थे और स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी कर चुके थे। क्रिकेट इतिहास में उनका नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाता है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की शुरुआती पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लाला ऑलराउंडर थे। वे राइट हैंड बल्लेबाज और राइट-आर्म मीडियम पेस गेंदबाज थे। फिल्म केवल उनके क्रिकेट रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं रहेगी। इसके जरिए उस दौर के भारत को भी दिखाने की कोशिश होगी, जब देश स्वतंत्रता के बाद नई राष्ट्रीय पहचान गढ़ रहा था और खेल धीरे-धीरे उस पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा था।
1952 की भारत-पाक ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के इर्द-गिर्द होगी कहानी
आमिर स्टारर इस फिल्म की कहानी का एक बड़ा हिस्सा 1952 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेली गई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के इर्द-गिर्द विकसित होने की चर्चा है। यह वह दौर था जब विभाजन की यादें ताजा ही थीं और दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की शुरुआत हो रही थी।
फिल्म में दिखाया जा सकता है कि बंटवारे के बाद कई खिलाड़ी और खेल प्रशासक अलग-अलग देशों में बंट गए। ऐसे में 1952 की टेस्ट सीरीज सिर्फ क्रिकेट मुकाबला नहीं, बल्कि इतिहास, यादों और बिछड़े रिश्तों की पीड़ा का भी सामना थी।
फिल्म में वैसा ही भावनात्मक स्पर्श हो सकता है, जैसा ‘सैम बहादुर’ में दो जिगरी अफसरों के अलग देशों का प्रतिनिधित्व करने के दौरान दिखा था। इसे ट्रेडिशनल स्पोर्ट्स बायोपिक से अलग माना जा रहा है।
‘लगान’ के बाद यह दोबारा आमिर और आशुतोष की फिल्मी साझेदारी होगी
‘लगान’ के बाद यह पहला मौका होगा जब आमिर और आशुतोष गोवारिकर किसी फीचर फिल्म में साथ काम करेंगे। बता दें कि दोनों की पीडियड ड्रामा ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही थी और ऑस्कर तक पहुंची थी, इसलिए एक बार फिर से दोनों की नई साझेदारी को लेकर इंडस्ट्री में काफी एक्साइटमेंट बनी हुई है।
मुमकिन है कि फिल्म में ‘लगान’ वाली स्टारकास्ट से भी कुछ कलाकार शामिल हो सकते हैं। आमिर का मानना है कि वह टीम उनके लिए लकी मैस्कॉट है। ‘ललकार’ सिर्फ एक क्रिकेट फिल्म नहीं होगी। इसमें खेल, इतिहास, राजनीति और मानवीय रिश्तों का ऐसा तालमेल देखने को मिल सकता है जो इसे ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचाएगा।
पाकिस्तानी क्रिकेटर के रोल में दिख सकते हैं फरहान
सूत्रों कहते हैं…‘ललकार’ का उद्देश्य केवल मैचों को री-क्रिएट करना नहीं होगा। इसमें स्वतंत्रता के बाद का भारत, विभाजन का असर, बदलते राजनीतिक हालात और खेल के माध्यम से उभरती नई राष्ट्रीय चेतना जैसे पहलू भी शामिल किए जाने की योजना है।
इसी वजह से फरहान अख्तर के भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने की बात कही जा रही है। वे किसी पाकिस्तानी क्रिकेटर की भूमिका निभा सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, फजल महमूद का नाम लाला के करीबी दोस्तों में आता है। दोनों सभी टेस्ट मैच में आमने-सामने थे।
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