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शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों पर कार्रवाई तय:15 दिन में खुद हटाना होगा अवैध निर्माण, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोटिस चस्पाश्रेया शर्मा | मेरठ8 मिनट पहले
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शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में बनाई गई 44 व्यावसायिक संपत्तियों पर कार्रवाई तय हो गई है। शनिवार देर शाम आवास एवं विकास परिषद ने सभी संपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ नोटिस चस्पा कर दिए। नोटिस में कहा गया है कि संपत्ति मालिक
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नोटिस लगने के बाद दुकानदारों और संपत्ति मालिकों में खलबली मच गई। हालांकि परिषद की ओर से लगातार दुकानदारों और आवंटियों के साथ बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
8 अप्रैल को आवास विकास ने आवासीय भवनों में पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां चलने पर 44 संपत्तियों को सील कर दिया था
सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त निर्देश दिए थे। इससे पहले 8 अप्रैल को आवास एवं विकास परिषद ने आवासीय भवनों में पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां चलने पर 44 संपत्तियों को सील कर दिया था। इन संपत्तियों में कई जगह व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं। इसके अलावा स्कूल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, बैंक्वेट हॉल, मिष्ठान भंडार, जिम और शोरूम भी संचालित हो रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने इन अवैध निर्माणों को हटाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के बाद उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने प्रभावित दुकानदारों और आवंटियों के साथ बैठक की। इसके बाद सील खोलकर हर संपत्ति का सर्वे कराया गया। इसमें स्वीकृत निर्माण, अवैध निर्माण और संपत्ति मालिकों की जानकारी जुटाई गई। सर्वे पूरा होने के बाद सभी संपत्तियों को फिर से सील कर दिया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सील खोलकर हर संपत्ति का सर्वे कराया गया था
विवाद से बचने के लिए मांगे दस्तावेज
उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि एक ही संपत्ति में कई दुकानें और कई मालिक हैं। ध्वस्तीकरण के बाद किसी तरह का स्वामित्व विवाद न हो, इसलिए सभी दुकानदारों और संपत्ति मालिकों से जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। अधिकांश लोगों ने अपने दस्तावेज जमा भी कर दिए हैं। परिषद की ओर से लगाए गए नोटिस में पहले जारी किए गए सभी नोटिसों का भी उल्लेख किया गया है।
व्यापारियों ने रखी ये मांग
मुख्यमंत्री के सलाहकार 17 जुलाई को मेरठ आए थे और उन्होंने कमिश्नरी में प्रभावित लोगों से बातचीत की थी
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी 17 जुलाई को मेरठ आए थे। उन्होंने कमिश्नरी में प्रभावित लोगों से बातचीत की थी। परिषद ने भी कई प्रस्ताव तैयार किए हैं। शुक्रवार को दुकानदारों और ईडब्ल्यूएस व एलआईजी आवंटियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें व्यापारियों ने मांग की कि जब तक उन्हें दूसरी व्यवस्था नहीं मिलती, तब तक हर व्यापारी को हर महीने 50 हजार रुपये गुजारा भत्ता दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वे नई दुकानें खरीदने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए उन्हें दुकानें निशुल्क आवंटित की जाएं।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी का 27 जुलाई को फिर मेरठ आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस बैठक में व्यापारियों की मांगों और परिषद के प्रस्तावों पर समीक्षा की जाएगी।
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