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जौनपुर में कारगिल विजय दिवस समारोह आयोजित:पूर्व सैनिक संगठन ने शहीदों को याद किया, परिजनों को सम्मानित कियाअंकित श्रीवास्तव | जौनपुर2 मिनट पहले
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जौनपुर में सैनिक कल्याण कार्यालय में रविवार को 11 बजे अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन ने कारगिल विजय दिवस मनाया। यह संगठन का चौथा और राष्ट्र का 27वां कारगिल विजय दिवस समारोह था। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर जवानों के परिवारों को अंगवस्त्रम और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
कैप्टन अजीत पांडेय ने इस अवसर पर कहा कि यह दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि इस युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों से देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए एक-एक इंच भूमि को मुक्त कराया था।
कारगिल विजय दिवस भारतीय इतिहास में शौर्य और राष्ट्र प्रेम का प्रतीक है। इस दिन देश उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जिन्होंने विश्व के सबसे दुर्गम युद्ध क्षेत्रों में से एक में असाधारण पराक्रम दिखाया। सैनिकों ने शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान, 16 से 18 हजार फीट की ऊंचाई, दुर्गम पर्वतीय चोटियां, ऑक्सीजन की कमी और दुश्मन की लगातार गोलाबारी के बावजूद देश की रक्षा की।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन ने कारगिल विजय दिवस मनाया।
टोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 5140, प्वाइंट 4875 और खालूबार रिज जैसी चोटियां भारतीय सेना की वीरता का प्रमाण हैं। इन मोर्चों पर सैनिकों ने लगभग सीधी खड़ी चट्टानों पर रात के अंधेरे में चढ़ाई कर दुश्मन के मजबूत बंकरों पर कब्जा किया था। इस युद्ध में अनेक युवा सैनिकों ने अपनी जान न्योछावर कर सर्वोच्च बलिदान दिया।
कारगिल युद्ध के बाद भारत ने अपनी रक्षा तैयारियों, खुफिया समन्वय, सीमा अवसंरचना और सैन्य आधुनिकीकरण में व्यापक सुधार किए हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति, तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन, सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और सुरंग निर्माण, आधुनिक निगरानी प्रणाली और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे कदमों ने देश की सामरिक क्षमता को मजबूत किया है।
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