मूवी रिव्यू – ‘है जवानी तो इश्क होना है’:वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग संभालती फिल्म, कमजोर कहानी और लंबाई बनी बड़ी चुनौती

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Varun Dhawan Comedy Film Review: Hai Jawaani Ishq Hona Hai

मूवी रिव्यू – ‘है जवानी तो इश्क होना है’:वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग संभालती फिल्म, कमजोर कहानी और लंबाई बनी बड़ी चुनौती23 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

  • कॉपी लिंक

फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ 5 जून 2026 को रिलीज हुई है। - Dainik Bhaskarफिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ 5 जून 2026 को रिलीज हुई है।

डेविड धवन की फिल्मों को देखने जाते वक्त दर्शक लॉजिक नहीं, हंसी ढूंढते हैं। गलतफहमियां, रिश्तों का गड़बड़झाला, भागदौड़ और ढेर सारी अफरा तफरी उनकी फिल्मों की पहचान रही है। है जवानी तो इश्क होना है भी उसी स्कूल की फिल्म है। यहां कहानी से ज्यादा जोर उन हालातों पर है जो धीरे धीरे इतने बेतुके हो जाते हैं कि दर्शक या तो हंसता है या फिर सिर पकड़कर बैठ जाता है। फिल्म में मनोरंजन के कुछ अच्छे पल जरूर हैं, लेकिन उन्हें पाने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है।

फिल्म की कहानी

जस एक खुशमिजाज लेकिन बेहद जोशीला इंसान है। उसकी पत्नी बानी उससे प्यार तो करती है, लेकिन उसकी जरूरतों और सोच के साथ तालमेल नहीं बैठा पाती। जस पिता बनना चाहता है, जबकि बानी उसकी इस जल्दबाजी और लगातार बढ़ते दबाव से परेशान हो चुकी है। बात इतनी बिगड़ जाती है कि वह जस से तलाक लेने का फैसला कर लेती है।

टूटे हुए रिश्ते से बाहर निकलने की कोशिश में जस की जिंदगी में प्रीत की एंट्री होती है। दोनों करीब आते हैं और जस को लगता है कि जिंदगी फिर पटरी पर लौट रही है। लेकिन डेविड धवन की फिल्म में चीजें इतनी आसान कहां होती हैं। असली गड़बड़ तब शुरू होती है जब बानी और प्रीत दोनों गर्भवती हो जाती हैं और दोनों बच्चों का पिता जस निकलता है।

इसके बाद फिल्म पूरी तरह गलतफहमियों, झूठ, छिपाने और एक के बाद एक पैदा होती हास्यास्पद परिस्थितियों के भरोसे आगे बढ़ती है। कहानी में दम से ज्यादा कन्फ्यूजन है और यही इसका सबसे बड़ा मनोरंजन भी है और सबसे बड़ी कमजोरी भी।

कहानी में वरुण धवन का किरदार अपनी शादीशुदा जिंदगी और बाहरी रिश्तों के बीच बुरी तरह फंसा हुआ नजर आता है।कहानी में वरुण धवन का किरदार अपनी शादीशुदा जिंदगी और बाहरी रिश्तों के बीच बुरी तरह फंसा हुआ नजर आता है।

फिल्म में एक्टिंग

वरुण धवन इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्हें देखकर कई बार उनके पुराने कॉमिक अवतार की याद आती है। भागते, छिपते, झूठ बोलते और फिर उसी झूठ में बुरी तरह फंसते किरदार को उन्होंने पूरी ऊर्जा के साथ निभाया है। जब भी फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ती है, वरुण अपनी मौजूदगी से उसे संभालने की कोशिश करते हैं।

मृणाल ठाकुर के हिस्से ज्यादा कुछ नहीं आता, लेकिन वह अपने किरदार को गरिमा के साथ निभाती हैं। बानी के रूप में वह कई बार कहानी की सबसे समझदार इंसान लगती हैं।

पूजा हेगड़े का किरदार कहानी में बड़ा मोड़ लेकर आता है। वह स्क्रीन पर आकर्षक लगती हैं और वरुण के साथ उनकी केमिस्ट्री भी ठीक बैठती है। हालांकि पटकथा उन्हें सिर्फ कहानी की उलझन बढ़ाने तक सीमित कर देती है।

मनीष पॉल जहां भी नजर आते हैं, मुस्कुराने की वजह दे जाते हैं। अफसोस बस इतना है कि उन्हें ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं मिला। जिमी शेरगिल अपने गंभीर अंदाज में प्रभाव छोड़ते हैं और मौनी रॉय का छोटा सा रोल कुछ अच्छे कॉमिक पल पैदा करता है।

फिल्म का डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू

डेविड धवन अपने पुराने रंग में नजर आते हैं। उन्हें पता है कि दर्शक यहां गंभीर सिनेमा देखने नहीं आए हैं। इसलिए वह शुरुआत से ही फिल्म को पूरी तरह मनोरंजन के मोड में रखते हैं।

समस्या यह है कि फिल्म का पहला हिस्सा बेहद धीमा है। कई मजाक असर नहीं छोड़ते और कई दृश्य ऐसे लगते हैं जैसे उन्हें सिर्फ समय बढ़ाने के लिए रखा गया हो। इंटरवल के बाद कहानी थोड़ी रफ्तार पकड़ती है और कुछ स्थितियां सचमुच हंसाने में सफल रहती हैं।

फरहाद सामजी के संवादों में कुछ वन लाइनर अच्छे हैं और कई जगह थिएटर में हंसी भी निकलती है। लेकिन टॉयलेट ह्यूमर, शरीर का मजाक उड़ाने वाले चुटकुले और कुछ पुराने जमाने के हास्य दृश्य आज के दौर में बासी महसूस होते हैं।

तकनीकी तौर पर फिल्म रंगीन और भव्य दिखती है। लंदन की लोकेशन, चमकदार फ्रेम और बड़े सेट स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं। लेकिन संपादन काफी ढीला है। ढाई घंटे से ज्यादा लंबी यह फिल्म कई जगह अपनी ही रफ्तार की दुश्मन बन जाती है।

दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी भी फिल्म में हैं।दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी भी फिल्म में हैं।

फिल्म में म्यूजिक

म्यूजिक फिल्म की कमजोर कड़ियों में से एक है। कोई नया गाना ऐसा नहीं जो लंबे समय तक याद रहे। चुनरी चुनरी सबसे ज्यादा असर छोड़ता है, लेकिन उसकी वजह नया म्यूजिक नहीं बल्कि पुरानी यादें हैं। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की ऊर्जा बनाए रखने की कोशिश करता है, लेकिन चमत्कार नहीं कर पाता।

फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट

है जवानी तो इश्क होना है एक ऐसी फिल्म है जो आपसे ज्यादा सोचने की उम्मीद नहीं करती। यह पूरी तरह अफरा तफरी, गलतफहमियों और वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग पर टिकी हुई है। पहला हिस्सा कमजोर है, फिल्म जरूरत से ज्यादा लंबी है और कई मजाक पुराने लगते हैं। लेकिन दूसरे हिस्से में कुछ अच्छे कॉमिक पल और वरुण की ऊर्जा फिल्म को पूरी तरह बिखरने नहीं देती।

अगर आप डेविड धवन स्टाइल की हल्की फुल्की कॉमेडी के फैन हैं तो फिल्म आपको कुछ जगह हंसा सकती है। लेकिन अगर आप मजबूत कहानी या नई सोच की उम्मीद लेकर जाएंगे, तो शायद निराश लौटें।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTAखबरें और भी हैं…

  • मूवी रिव्यू – ‘बंदर’: बॉबी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और अनबैलेंस्ड नजरिया फिल्म को पीछे खींचता है

    बॉबी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और अनबैलेंस्ड नजरिया फिल्म को पीछे खींचता है|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar1:14Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • वरुण धवन ने पैर छूकर गोविंदा का लिया आशीर्वाद: गले भी लगे, डेविड धवन को भी संभालते दिखे; देखें वीडियो

    गले भी लगे, डेविड धवन को भी संभालते दिखे; देखें वीडियो|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar0:48Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • ब्रेकअप के बाद सुसाइड के ख्याल आए: प्रोड्यूसर ने पेमेंट रोककर 16 लाख का जुर्माना लगाया, रुबीना दिलैक बोलीं- मजबूरी में घर-गाड़ी बेची

    प्रोड्यूसर ने पेमेंट रोककर 16 लाख का जुर्माना लगाया, रुबीना दिलैक बोलीं- मजबूरी में घर-गाड़ी बेची|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar2:24Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • सलमान के लीगल नोटिस को अमित जानी ने फाड़ा: फिल्म ‘काला हिरण’ के प्रोड्यूसर बोले – मुझे मैसेज आया कि D-कंपनी छोड़ेगी नहीं

    0:49Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

Source link

dp

Related Posts

मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:2 करोड़ के इंश्योरेंस के लिए रची मौत की साजिश, अरशद वारसी की कॉमेडी हंसाती है या उलझाती है?

Hindi News Entertainment Bollywood Jeevan Ya Bhima Movie Review | Arshad Warsi, Vijay Raaz & Sanjeeda Sheikh मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:2 करोड़ के इंश्योरेंस के लिए रची मौत…

ब्रह्माकुमारीज केंद्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर दिखा आध्यात्मिक रंग:लखनऊ के गोमती नगर में झांकी, नृत्य और नाटिका से दिया सतयुगी जीवन का संदेश

Hindi News Local Uttar pradesh Lucknow Lucknow Gomti Nagar Brahmakumaris Krishna Janmashtami Celebration ब्रह्माकुमारीज केंद्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर दिखा आध्यात्मिक रंग:लखनऊ के गोमती नगर में झांकी, नृत्य और नाटिका…

You Missed

Chinese Petroleum Chamber Proposes Libyan Energy Sector Cooperation

  • By dp
  • September 4, 2026
  • 0 views
Chinese Petroleum Chamber Proposes Libyan Energy Sector Cooperation

मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:2 करोड़ के इंश्योरेंस के लिए रची मौत की साजिश, अरशद वारसी की कॉमेडी हंसाती है या उलझाती है?

  • By dp
  • September 4, 2026
  • 0 views
मूवी रिव्यू- जीवन या भीमा कॉन:2 करोड़ के इंश्योरेंस के लिए रची मौत की साजिश, अरशद वारसी की कॉमेडी हंसाती है या उलझाती है?

A single drink a day may raise risk of dying from cancer | CNN

  • By dp
  • September 4, 2026
  • 1 views
A single drink a day may raise risk of dying from cancer | CNN

ब्रह्माकुमारीज केंद्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर दिखा आध्यात्मिक रंग:लखनऊ के गोमती नगर में झांकी, नृत्य और नाटिका से दिया सतयुगी जीवन का संदेश

  • By dp
  • September 4, 2026
  • 0 views
ब्रह्माकुमारीज केंद्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर दिखा आध्यात्मिक रंग:लखनऊ के गोमती नगर में झांकी, नृत्य और नाटिका से दिया सतयुगी जीवन का संदेश

Popular pantry staple could get you stopped at airport security under little-known TSA rule

  • By dp
  • September 4, 2026
  • 4 views
Popular pantry staple could get you stopped at airport security under little-known TSA rule

मैं किसी स्टार के पीछे नहीं भागता:निखिल आडवाणी बोले- 25 साल बाद मनोज बाजपेयी संग काम किया तो उन्होंने कहा- अब आए हो

  • By dp
  • September 4, 2026
  • 4 views
मैं किसी स्टार के पीछे नहीं भागता:निखिल आडवाणी बोले- 25 साल बाद मनोज बाजपेयी संग काम किया तो उन्होंने कहा- अब आए हो