- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Hardoi
- Hardoi Youth Suicide Case | Family Accuses Police Of Assault
कमरे में फंदे पर लटका मिला युवक का शव:हरदोई में परिजनों ने पुलिस पर थप्पड़ मारने का लगाया आरोप, पत्नी को लेने ससुराल गया थाशाहनवाज खान | हरदोई2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
हरदोई के कोतवाली देहात क्षेत्र के रामनगर गांव में शनिवार रात एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि यूपी-112 पुलिसकर्मियों ने उसे लोगों के सामने थप्पड़ मारा, जिससे अपमानित होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, युवक शराब का आदी था और नशे की हालत में हंगामा कर रहा था।
मृतक की पहचान सुरसा थाना क्षेत्र के सथरा गांव निवासी राजेश कुमार (35) के रूप में हुई है। शनिवार रात करीब 10:15 बजे उसका शव पंचायत घर के पास खेत में गमछे के फंदे से लटका मिला। रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
बताया गया कि राजेश शराब का आदी था और अक्सर पत्नी रीना से विवाद करता था। करीब 8-10 दिन पहले रीना अपने दो बच्चों के साथ मायके रामनगर चली गई थी। शुक्रवार को राजेश अपनी ननिहाल में मिली जमीन बेचकर पत्नी और बच्चों को वापस ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा था।
शनिवार रात वह नशे की हालत में घर लौटा और हंगामा करने लगा। राजेश की सास रामसनेही के मुताबिक, दामाद को डराने के लिए उन्होंने यूपी-112 पर सूचना दी थी।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया थप्पड़ मारने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने राजेश को लोगों के सामने थप्पड़ मारा। इसके बाद वह कथित तौर पर अपमानित होकर वहां से चला गया। कुछ देर बाद पंचायत घर के पास खेत में उसका शव फंदे से लटका मिला।
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
देहात कोतवाल समर बहादुर ने पुलिस पर थप्पड़ मारने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि शनिवार रात करीब 8 बजे राजेश नशे की हालत में छत पर चढ़कर हंगामा कर रहा था। गांव के 10-12 लोगों ने उसे समझाकर नीचे उतारा था। इसके बाद वह वहां से चला गया।
कोतवाल के मुताबिक, रात करीब 10:15 बजे राजेश के फांसी लगाने की सूचना मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔




