हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Harshita Gaur Mirzapur Movie Journey | Excel Entertainment Farhan Akhtar

भास्कर इंटरव्यूहर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे3 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ से मिली पहचान, संघर्ष, डिंपी के सफर और बड़े पर्दे पर फिल्म तक पहुंचने की पूरी कहानी साझा की। - Dainik Bhaskarहर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ से मिली पहचान, संघर्ष, डिंपी के सफर और बड़े पर्दे पर फिल्म तक पहुंचने की पूरी कहानी साझा की।

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं।

एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है।

हर्षिता गौर ने बताया, डिंपी के किरदार ने उनके एक्टिंग करियर को नई पहचान दी।हर्षिता गौर ने बताया, डिंपी के किरदार ने उनके एक्टिंग करियर को नई पहचान दी।

सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों?

जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है।

सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं?

जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी।

सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी?

जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया।

सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ?

जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा।

उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए।

सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता?

जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है।

सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया?

जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है।

सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया?

जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

‘मिर्जापुर’ की शूटिंग को हर्षिता ने परिवार के साथ घर वापसी जैसा अनुभव बताया।‘मिर्जापुर’ की शूटिंग को हर्षिता ने परिवार के साथ घर वापसी जैसा अनुभव बताया।

सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है?

जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है।

सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा?

जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं।

सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं?

जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है।

हर्षिता बोलीं, पंकज त्रिपाठी आज भी सेट पर उन्हें प्यार से कुछ खाने की सलाह देते हैं।हर्षिता बोलीं, पंकज त्रिपाठी आज भी सेट पर उन्हें प्यार से कुछ खाने की सलाह देते हैं।

सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है?

जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली हो गई हो, कुछ खा रही हो?’ मैं उन्हें कहती हूं कि मैं नौ साल से ऐसी ही हूं।

सवाल: जीतेंद्र कुमार के ‘मिर्जापुर’ परिवार में शामिल होने पर क्या लगा?

जवाब: शुरुआत में जीतू थोड़े शांत थे, लेकिन जैसे ही वे खुले तो लगा कि हम उन्हें बहुत पहले से जानते हैं। नए इंसान के साथ घुलने-मिलने में समय लगता है, लेकिन उनके साथ ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। वे आसानी से परिवार का हिस्सा बन गए।

सवाल: रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

जवाब: रवि जी बहुत अच्छे स्टोरीटेलर हैं। दूर से देखने पर वे शांत लगते हैं, लेकिन किस्से सुनाते हैं तो उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत अच्छा है। एक बार जैसलमेर में मैं, श्वेता और रवि जी साथ बैठे थे। बाद में डायरेक्टर और राइटर भी आ गए। रवि जी जिस उत्साह से अपने किरदार और फिल्म के बारे में बात कर रहे थे, वह बहुत अच्छा लगा।

मुझे लगता है कि अच्छे एक्टर्स की खासियत होती है कि उनके अंदर का बच्चा कभी खत्म नहीं होता। रवि जी ने इतना काम किया है, इतने उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन आज भी किसी अच्छे सीन को लेकर उसी उत्साह से बात करते हैं। यही उनकी खूबसूरत क्वालिटी है।

सवाल: ‘मिर्जापुर’ फिल्म बनने की खबर जब पहली बार मिली तो आपकी प्रतिक्रिया क्या थी?

जवाब: उड़ती-उड़ती खबर हम सब सुन रहे थे कि मेकर्स कुछ ऐसा सोच रहे हैं। लेकिन तब सवाल था कि फिल्म बनाएंगे तो क्या बनाएंगे? कहानी क्या होगी? फिर जब पता चला कि फिल्म सीजन 1 की दुनिया में वापस जा रही है तो थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि हम किरदारों की जिंदगी में सीजन 3 तक आगे बढ़ चुके थे। लेकिन जब स्क्रिप्ट सुनी और शूट किया तो लगा कि इसे बहुत अच्छे तरीके से नए अंदाज में बनाया गया है।

सवाल: सीजन 1 की दुनिया में वापस जाना आपके लिए कितना मुश्किल था?

जवाब: बहुत मुश्किल था। हम सभी अपने किरदारों की जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके थे। लेकिन फिल्म में फिर उसी दौर में जाना था। एक तरफ वही दुनिया, वही किरदार और वही रिश्ते दिखाने थे, दूसरी तरफ इसे बड़े पर्दे के हिसाब से नया भी बनाना था। यह बहुत मुश्किल काम था, लेकिन टीम ने इसे बहुत फ्रेश तरीके से पेश किया है।

बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ देखकर हर्षिता को लगा, हर इमोशन थिएटर में 10 गुना बढ़ जाता है।बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ देखकर हर्षिता को लगा, हर इमोशन थिएटर में 10 गुना बढ़ जाता है।

सवाल: क्या ‘मिर्जापुर: द मूवी’ देखने के लिए दर्शकों को पहले सीरीज देखनी जरूरी है?

जवाब: बिल्कुल नहीं। अगर आपने ‘मिर्जापुर’ देखा है तो किरदारों के साथ पहले से जुड़ाव है, इसलिए फिल्म का मजा और बढ़ जाएगा। लेकिन अगर आपने सीरीज नहीं देखी है तो भी फिल्म समझने में परेशानी नहीं होगी। फिल्म इस तरह बनाई गई है कि पहले तीन सीजन देखने की जरूरत नहीं है। आप इसे क्लीन स्लेट और क्लीन माइंड के साथ देख सकते हैं।

सवाल: बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ देखने का अनुभव कैसा होगा?

जवाब: जब मैंने पहली बार फिल्म का ट्रेलर थिएटर की बड़ी स्क्रीन पर देखा तो मुझे लगा कि क्या मैं सच में इस चीज का हिस्सा हूं? बड़े पर्दे पर हर चीज 10 गुना बड़ी हो जाती है। ‘मिर्जापुर’ में इमोशन, हिंसा, ड्रामा और रिश्ते पहले से बहुत मजबूत हैं। बड़े पर्दे पर इन सबका असर और ज्यादा होगा। ट्रेलर देखने के बाद मुझे खुद लगा कि यह फिल्म देखनी है।

सवाल: फिल्म की शूटिंग के दौरान पुरानी ‘मिर्जापुर’ फैमिली के साथ काम करने में क्या खास रहा?

जवाब: ऐसा लग रहा था जैसे हम घर वापस आ गए हैं। हम सबने साथ में एक बहुत बड़ी चीज बनाई थी, जो लोगों के दिलों तक पहुंची। इसलिए दोबारा साथ आए तो सभी के अंदर वही पुराना उत्साह था। कई नए लोग भी जुड़े, लेकिन उनकी फ्रीक्वेंसी इतनी अच्छी तरह मैच हुई कि लगा ही नहीं कि कोई नया है।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

सवाल: क्या फिल्म में ‘मिर्जापुर’ के पुराने किरदारों को नए अंदाज में देखना दिलचस्प होगा?

जवाब: बिल्कुल। यही इस फिल्म की खासियत है। किरदार वही हैं, लेकिन उन्हें नए तरीके से पेश किया गया है। कहानी को बड़े पर्दे के हिसाब से नए अंदाज में बनाया गया है। अगर आपने सीरीज देखी है तो कई चीजों में पुरानी यादें मिलेंगी, लेकिन फिल्म आपको कुछ नया भी देगी।

सवाल: क्या आपको लगता है कि ‘मिर्जापुर’ फिल्म के बाद इसका दूसरा पार्ट भी आ सकता है?

जवाब: अभी इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकती। आगे क्या होगा, यह दर्शकों के प्यार और फिल्म की सफलता पर निर्भर करेगा।

सवाल: दर्शकों से ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर क्या कहना चाहेंगी?

जवाब: मैं चाहती हूं कि सभी लोग फिल्म देखने जाएं। आपने हमें करीब 8 साल तक इतना प्यार दिया है और उसी प्यार की वजह से यह सीरीज अब बड़े पर्दे तक पहुंची है। जिन लोगों ने ‘मिर्जापुर’ देखा है, वे जरूर फिल्म देखने जाएं। लेकिन जिन्होंने सीरीज नहीं देखी है, वे भी बिना किसी चिंता के फिल्म देख सकते हैं। अगर ट्रेलर आपको अच्छा लगा है तो यह मत सोचिए कि पहले सीरीज देखनी जरूरी है। आप नए दर्शक की तरह फिल्म देखने जा सकते हैं।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया

    Hindi News Entertainment Bollywood Sunil Lahri Slams Kriti Sanon Rakshabandhan Ad | Controversy Statement मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित…

    राजनाथ सिंह-सीएम योगी का कार्यक्रम:लखनऊ कैंट को मॉडल छावनी बनाने के लिए 101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

    Hindi News Local Uttar pradesh Lucknow Lucknow Cantt Model Chhawani Project | Rajnath Singh Yogi Adityanath राजनाथ सिंह-सीएम योगी का कार्यक्रम:लखनऊ कैंट को मॉडल छावनी बनाने के लिए 101 करोड़…

    You Missed

    Paxten Aaronson vs. Diego Luna: Rocky Mountain Cup rivalry heats up | MLSSoccer.com

    • By dp
    • August 30, 2026
    • 1 views
    Paxten Aaronson vs. Diego Luna: Rocky Mountain Cup rivalry heats up | MLSSoccer.com

    मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया

    • By dp
    • August 30, 2026
    • 1 views
    मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया

    How to Watch Red Sox vs. Yankees: TV Channel, Live Stream, Time

    • By dp
    • August 30, 2026
    • 2 views
    How to Watch Red Sox vs. Yankees: TV Channel, Live Stream, Time

    हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

    • By dp
    • August 30, 2026
    • 3 views
    हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

    How to watch the Montana and Montana State football games on Saturday, Aug. 29

    • By dp
    • August 30, 2026
    • 4 views
    How to watch the Montana and Montana State football games on Saturday, Aug. 29

    राजनाथ सिंह-सीएम योगी का कार्यक्रम:लखनऊ कैंट को मॉडल छावनी बनाने के लिए 101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

    • By dp
    • August 30, 2026
    • 4 views
    राजनाथ सिंह-सीएम योगी का कार्यक्रम:लखनऊ कैंट को मॉडल छावनी बनाने के लिए 101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास