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आगरा में अस्पताल ने मरीज की मौत छिपाकर वसूले 5:परिजनों का आरोप- पैर भी काटा, मौत का पता चला तो 2 घंटे हंगामालवी किशोर | आगरा3 मिनट पहले
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आगरा के गोयल सिटी हॉस्पिटल पर एक मरीज की मौत छिपाने और उसे कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखने का आरोप लगा है। परिजनों का दावा है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर उनसे करीब पांच लाख रुपये वसूल लिए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि शुक्रवार को मरीज के पैर का ऑपरेशन कर उसे काट दिया गया, जबकि मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी।
शनिवार को जब परिजनों और ग्रामीणों को मरीज की मौत की जानकारी मिली, तो अस्पताल में करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दरअसल, कोटकी निवासी शैलेश 12 सितंबर की रात साइकिल से घर लौट रहे थे, तभी एटा रोड पर एक रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल शैलेश को रात करीब 11 बजे ट्रांस यमुना कॉलोनी फेज-2 स्थित गोयल सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि शैलेश की मौत 13 सितंबर को ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी।
इसके बाद भी कई दिनों तक शैलेश को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज जारी होने की बात कही जाती रही। इस दौरान इलाज के नाम पर करीब पांच लाख रुपये लिए जाने का आरोप है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार को वेंटिलेटर पर ही पैर का ऑपरेशन कर उसे काट दिया गया।
शनिवार को गांव के कुछ लोग शैलेश को देखने अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि स्टाफ ने उन्हें मरीज से मिलने नहीं दिया और उनके साथ अभद्रता की। इसके बाद ग्रामीण जबरन अंदर पहुंचे तो शैलेश को मृत पाया। मौत की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल की ओर से 85 हजार रुपये का और बिल दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
मामले की जानकारी पर गरीब सेना के अध्यक्ष बाल योगी भी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। अस्पताल के बाहर हंगामा होने के साथ सड़क पर जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया।
अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश गोयल का कहना है कि परिजन रोजाना मरीज से मिल रहे थे। इलाज के दौरान मरीज की मौत हुई है। उनका आरोप है कि इसके बाद बाल योगी अस्पताल पहुंचे और रुपये देने का दबाव बनाया। प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि अभी मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
शिकायत मिलने पर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारण और लगाए गए अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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