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बाराबंकी में खरीफ सीजन में यूरिया-डीएपी का संकट:समितियों पर लंबी कतारें, महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर किसानसरफराज वारसी | बाराबंकी5 मिनट पहले
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बाराबंकी में खरीफ सीजन में यूरिया और डीएपी की बढ़ती मांग के बीच जिले के किसानों को खाद के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों और बी-पैक्स केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं, क्योंकि स्टॉक खत्म होने की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन की लगातार जांच के बावजूद निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर खाद अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें यूरिया की एक बोरी करीब 500 रुपये और डीएपी 1800 रुपये तक खरीदनी पड़ रही है। छोटे और सीमांत किसानों का कहना है कि फसल बचाने की मजबूरी में वे महंगे दाम पर खाद खरीद रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के डर से शिकायत करने से भी बच रहे हैं।
13 उर्वरक केंद्रों का किया गया निरीक्षण
जिला कृषि अधिकारी ने शुक्रवार को सिरौलीगौसपुर और नवाबगंज तहसील के 13 उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इनमें दो सहकारी समितियां और 11 निजी दुकानें शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर निर्धारित दर पर यूरिया का वितरण होता मिला। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों के बयान भी दर्ज किए।
स्टॉक खत्म, एक दुकानदार पर मुकदमा
कोटवाधाम स्थित साधन सहकारी समिति में निरीक्षण के समय तक 230 बोरी यूरिया का वितरण हो चुका था और पूरा स्टॉक समाप्त हो गया था। वहीं, अधिक कीमत पर यूरिया बेचने की शिकायत सही पाए जाने पर रामनगर के भैरमपुर स्थित मेसर्स अब्दुल हाई खाद भंडार के संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एक दिन में बांटी गई हजारों बोरी खाद
कृषि विभाग के अनुसार, पीओएस मशीन की सर्वर समस्या अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। शुक्रवार को सहकारी केंद्रों से 23 हजार बोरी यूरिया, 2397 बोरी डीएपी और 519 बोरी एनपीके का वितरण किया गया। वहीं निजी बिक्री केंद्रों से 77,024 बोरी यूरिया, 6211 बोरी डीएपी और 7254 बोरी एनपीके किसानों को उपलब्ध कराई गई।
किसानों से शिकायत करने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री और भूमि अभिलेख के आधार पर नजदीकी समिति या अधिकृत बिक्री केंद्र से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त करें। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली या अन्य अनियमितता सामने आए तो उसकी शिकायत तत्काल कृषि विभाग से करें।
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