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चित्रकूट में बिजली और सिंचाई संकट पर किसानों का प्रदर्शन:एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी, डीएम को सौंपा ज्ञापनजितेन्द्र कुमार | चित्रकूट1 मिनट पहले
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चित्रकूट में बिगड़ती बिजली व्यवस्था और सिंचाई संकट को लेकर किसानों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन और अनशन करेंगे।
किसानों ने बताया कि फीडरों की क्षमता बढ़ाए जाने के बावजूद उन्हें तय समय तक बिजली नहीं मिल रही है। इससे खरीफ सीजन में धान की रोपाई प्रभावित हो रही है और फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। उनका कहना है कि यह समय खरीफ फसलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
पंप नहरें भी नहीं हो रहीं संचालित
ज्ञापन में कहा गया कि पहाड़ी, सरधुवा और राजापुर सहित कई फीडरों की क्षमता बढ़ाई गई है, लेकिन अधिकांश गांवों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही। लोहदा, लमियारी, औरा और चिल्ली मल की सिंचाई पंप नहरें भी बिजली के अभाव में सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। इससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप
किसानों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं मिलने से उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
किसानों ने प्रशासन से सभी संबंधित फीडरों पर क्षमता के अनुरूप नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और सिंचाई पंप नहरों का नियमित संचालन कराने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हजारों किसान और ग्रामीण शांतिपूर्ण आंदोलन और अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। किसानों ने कहा कि इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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