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बदलते मौसम और प्रदूषण से बच्चों को खतरा:बाल रोग विशेषज्ञ की अपील – मौसम के अनुकूल कपड़े और खानपान में बरतें सावधानीहर्षवर्धन पूनिया। मेरठ15 मिनट पहले
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अक्टूबर के आधा बीत जाने के बाद हुई बारिश और ओलावृष्टि से मौसम में बदलाव के साथ सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है। वहीं, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका भी है। ऐसे में बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम के अनुकूल कप
.चिकित्सक के पास परामर्श के लिए पहुंचा बच्चा
पीडियाट्रिशियन डॉ. ध्रुव वशिष्ठ के अनुसार, बदलते मौसम में बच्चों को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। दिन में धूप निकलने के बावजूद बाहर का मौसम ठंडा हो सकता है। इसलिए बच्चों को मौसम के हिसाब से कपड़े पहनाएं। न तो बहुत ज्यादा गर्म कपड़े पहनाएं और न ही उन्हें हल्के कपड़ों में रखें। सुबह और शाम के तापमान को ध्यान में रखते हुए बच्चों के कपड़ों का चयन करें।
बाहर के खाने और ठंडे पेय से बचें
डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि इस मौसम में बच्चों के खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बाहर मिलने वाले खाद्य पदार्थों और ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करना बेहतर है। बच्चों को पर्याप्त तरल पदार्थ दें। नारियल पानी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके साथ ही बच्चों की दिनचर्या और खानपान को संतुलित बनाए रखें।
बाल रोग विशषज्ञ डॉ ध्रुव वशिष्ठ
प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाएं
डॉक्टर के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। प्रदूषण और एलर्जी पैदा करने वाले कारकों से बच्चों में सांस संबंधी परेशानी और एलर्जी के लक्षण उभर सकते हैं। इसलिए बच्चों को प्रदूषण के संपर्क में आने से बचाने का प्रयास करें। पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे बाहर निकलें या स्कूल जाएं, तो उनकी उम्र के अनुकूल और सही फिटिंग वाला मास्क इस्तेमाल करने पर विचार करें।
परेशानी होने पर डॉक्टर से लें सलाह
यदि बच्चे को गले में खराश, खांसी या अन्य परेशानी हो तो उसे पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी दें। हालांकि, बच्चों को गर्म पानी से गरारे या भाप दिलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि इससे जलने का खतरा रहता है। छोटे बच्चों को बिना चिकित्सकीय सलाह के भाप न दें। यदि परेशानी बनी रहती है या सांस लेने में दिक्कत होती है, तो तुरंत नजदीकी बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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