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दुधवा से कानपुर जू लाई गई हिंसक बाघिन:दांत घिसने से हुई इंसानों पर हमलावर; डॉ. नासिर की देखरेख में आइसोलेशन में रखादीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर3 मिनट पहले
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लखीमपुर खीरी के दुधवा बफर जोन (नॉर्थ निघासन रेंज) में इंसानों पर हमला करने वाली एक आदमखोर बाघिन को कानपुर चिड़ियाघर (जू) लाया गया है। 8 साल की इस मादा बाघिन को परसों रात पिंजरा लगाकर पकड़ा गया था, जिसके बाद उसे सुरक्षित कानपुर जू पहुंचाया गया।
चिड़ियाघर के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने बताया कि बाघिन को वर्तमान में कानपुर जू के अस्पताल परिसर में बने आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाघिन के दांत काफी घिस चुके हैं, जिसके कारण वह शिकार करने में असमर्थ होकर इंसानों पर हमलावर हो रही थी।
दांत घिसे होने के कारण जंगल में छोड़ना खतरनाक, अब जू ही होगा ठिकाना
वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर और उनकी टीम के मुताबिक, उम्र बढ़ने और दांत घिस जाने की वजह से जंगली जानवर स्वाभाविक रूप से शिकार नहीं कर पाते। ऐसे में वे आसान शिकार की तलाश में बस्तियों का रुख करते हैं और इंसानों पर हमला करने लगते हैं। बाघिन के दांत अत्यधिक घिस जाने के कारण अब इसे दोबारा जंगल में छोड़ना मुमकिन नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से यह बाघिन अब अपनी पूरी जिंदगी कानपुर चिड़ियाघर में ही बिताएगी।
पिंजरे में बेहद अक्रामक रवैया, किसी को पास जाने की इजाजत नहीं
डॉ. नासिर ने बताया कि चिड़ियाघर के अस्पताल परिसर में आने के बाद से बाघिन का व्यवहार बेहद एग्रेसिव और अटैकिंग (हमलावर) बना हुआ है। हाल ही में बिजनौर की कौड़िया रेंज से लाए गए तेंदुए/बाघ की तुलना में यह मादा बाघिन कहीं ज्यादा एक्टिव और अक्रामक नजर आ रही है। किसी भी तरह के इंफेक्शन और सुरक्षा खतरे को देखते हुए फिलहाल किसी भी आम व्यक्ति या कर्मचारी को अस्पताल परिसर में इसके बाड़े के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
डाइट में दिया गया चिकन, लगातार रखी जा रही निगरानी
कानपुर जू पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम बाघिन की देखरेख में जुटी हुई है। पहले दिन डाइट के तौर पर उसे चिकन दिया गया और उसने पानी भी पिया है।
डॉ. नासिर की अगुवाई में टीम लगातार उसके व्यवहार और सेहत पर बारीकी से निगरानी रख रही है। बाघिन के इंसानों पर हमलों के सटीक आंकड़ों की जानकारी जुटाई जा रही है। एहतियात के तौर पर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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