शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Renuka Shahane Interview | Shah Rukh Khan Circus Days & Acting Career

भास्कर इंटरव्यूशाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी11 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

रेणुका शहाणे ने थिएटर से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। 'अंधेर नगरी' नाटक देखने के बाद उनका रुझान रंगमंच की ओर बढ़ा। - Dainik Bhaskarरेणुका शहाणे ने थिएटर से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। ‘अंधेर नगरी’ नाटक देखने के बाद उनका रुझान रंगमंच की ओर बढ़ा।

थिएटर से अभिनय की शुरुआत, पीएचडी छोड़कर एक्टिंग को करियर बनाना, शाहरुख खान के साथ ‘सर्कस’ में काम करने का अनुभव, निर्देशन की नई पारी और सोशल मीडिया पर बेबाक राय। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने करियर के कई किस्से साझा किए, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने लोकप्रियता से ज्यादा अच्छे काम को महत्व दिया।

सवाल: आपकी अभिनय यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? क्या बचपन से ही अभिनेत्री बनने का सपना था?

जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी। कॉलेज में एक नाटक ‘अंधेर नगरी’ का मंचन होना था। मैं संगीत मंडल का हिस्सा थी, इसलिए बैकग्राउंड वोकल्स देने गई थी।

वहीं पहली बार मैंने स्क्रिप्ट से स्टेज तक नाटक तैयार होते देखा। उस प्रक्रिया ने मुझे इतना प्रभावित किया कि मैंने तय कर लिया कि मुझे थिएटर का हिस्सा बनना है। उस समय अभिनेत्री बनने का सपना नहीं था, लेकिन थिएटर से प्यार हो गया था।

रेणुका शहाणे ने बताया कि 'सर्कस' के सेट पर शाहरुख खान को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटती थी।रेणुका शहाणे ने बताया कि ‘सर्कस’ के सेट पर शाहरुख खान को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटती थी।

सवाल: फिर थिएटर से जुड़ने का मौका कैसे मिला?

जवाब: मेरी मां के मित्र पंडित सत्यदेव दुबे अक्सर हमारे घर आते थे। हर बार मुझसे पूछते थे, ‘अभिनय करोगी?’ और मैं मना कर देती थी। लेकिन कॉलेज के अनुभव के बाद जब वे दोबारा आए और उन्होंने वही सवाल पूछा, तो मैंने पहली बार कहा, ‘हां, करूंगी।’ इसके बाद उनके साथ वर्कशॉप की, एक्सपेरिमेंटल मराठी थिएटर किया और वहीं से सफर शुरू हो गया।

सवाल: आपने तो क्लिनिकल साइकोलॉजी में एमए भी किया था। फिर पीएचडी क्यों नहीं की?

जवाब: मेरा इरादा पीएचडी करने का ही था। क्लिनिकल साइकोलॉजी में एमए के बाद मैंने ‘सर्कस’ सीरियल किया। उसी दौरान निर्देशक अजीज मिर्जा ने मुझसे कहा, ‘अब पीछे मत देखो, पीएचडी छोड़ दो। तुम्हें अभिनय में ही आगे बढ़ना चाहिए।’

उनकी बात मान ली। उसके बाद मुझे ‘सुरभि’ का ऑफर मिला और जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया।

सवाल: ‘सर्कस’ के दौरान शाहरुख खान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

जवाब: बहुत शानदार। उस समय शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोच रहे थे। उन्हें टेलीविजन में काम करने में मजा आता था। लेकिन उनकी लोकप्रियता तब भी जबरदस्त थी। ‘फौजी’ आ चुका था और लोग उनके दीवाने थे। जहां हम शूटिंग करते थे, वहां उन्हें देखने के लिए 10-20 हजार लोगों की भीड़ जुट जाती थी। तभी समझ में आ गया था कि उनमें कुछ अलग बात है।

टीवी शो ‘सर्कस’ 1989 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था।टीवी शो ‘सर्कस’ 1989 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था।

सवाल: क्या तब लगा था कि वे इतने बड़े सुपरस्टार बनेंगे?

जवाब: सुपरस्टार बनेंगे, ऐसा शायद किसी ने नहीं सोचा था। लेकिन इतना जरूर महसूस होता था कि उनका करिश्मा बाकी कलाकारों से अलग है। और सिर्फ करिश्मा ही नहीं, उनके काम करने का तरीका भी कमाल का है। आज भी उनकी ऊर्जा, अनुशासन और वर्क एथिक्स वैसे ही हैं। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

सवाल: आज टीवी पर पहले जैसी गहरी कहानियां क्यों नहीं बन रहीं?

जवाब: पहले वीकली शोज होते थे, इसलिए कहानी पर बहुत मेहनत होती थी। आज डेली सोप्स का दौर है। हर महीने इतने सारे एपिसोड बनाने हों तो उसी स्तर की गहराई बनाए रखना आसान नहीं होता। फिर भी मैं लेखकों और पूरी टीम को श्रेय देती हूं कि वे लगातार लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। मुझे आज भी लगता है कि अच्छे वीकली शोज की वापसी होनी चाहिए।

सवाल: अभिनय के बाद आपने निर्देशन की तरफ भी कदम बढ़ाया है, अभी डायरेक्शन में नया क्या कर रही हैं?

जवाब: मैंने हाल ही में ‘तर्पण’ नाम की शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें पहली बार अपने पति आशुतोष राणा को डायरेक्ट किया। शुरुआत में हम दोनों थोड़ा घबराए हुए थे, लेकिन अनुभव शानदार रहा। आशुतोष इतने बेहतरीन अभिनेता हैं कि उन्हें निर्देशित करना मेरे लिए सीखने जैसा अनुभव था।

रेणुका शहाणे और आशुतोष राणा की शादी 25 मई 2001 को हुई थी।रेणुका शहाणे और आशुतोष राणा की शादी 25 मई 2001 को हुई थी।

सवाल: निर्देशन की प्रेरणा कहां से मिली?

जवाब: मैंने डॉ. विजया मेहता को असिस्ट किया था। उनके साथ काम करते हुए निर्देशन की प्रक्रिया करीब से देखी। मुझे लगा कि मेरे पास फिल्म स्कूल की डिग्री नहीं है, लेकिन उनसे जो सीखा वही मेरी सबसे बड़ी शिक्षा है। तभी तय कर लिया था कि एक दिन अपनी कहानियां खुद लिखूंगी और निर्देशित भी करूंगी।

सवाल: फिल्म इंडस्ट्री में महिला निर्देशकों की संख्या आज भी कम है। इसकी वजह क्या मानती हैं?

जवाब: मुझे लगता है कि इसकी सबसे बड़ी वजह आर्थिक भरोसा है। अगर किसी पुरुष निर्देशक ने कई फ्लॉप फिल्में भी दी हों, तब भी लोग उन पर पैसा लगाने को तैयार हो जाते हैं। लेकिन महिलाओं के मामले में ऐसा भरोसा कम देखने को मिलता है। हालात बदल रहे हैं, लेकिन कैमरे के पीछे महिलाओं की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।

सवाल: अगर आपकी बायोपिक बने तो उसमें आपकी जिंदगी का कौन-सा पक्ष सबसे ज्यादा दिखना चाहिए?

जवाब: मुझे लगता है कि अच्छी मां और अच्छी नागरिक के रूप में मेरा जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है। लोग शायद इसे बहुत ग्लैमरस न मानें, लेकिन समाज के लिए यही सबसे जरूरी भूमिकाएं हैं।

रेणुका शहाणे ने कहा कि कलाकार की पहचान उसके काम से बनती है, सिर्फ सोशल मीडिया से नहीं।रेणुका शहाणे ने कहा कि कलाकार की पहचान उसके काम से बनती है, सिर्फ सोशल मीडिया से नहीं।

सवाल: आज सोशल मीडिया और लाइक्स का बहुत दबाव है। आप इसे कैसे देखती हैं?

जवाब: मेरे लिए शायद इसलिए आसान है क्योंकि मुझे आज तक सोशल मीडिया की वजह से काम नहीं मिला। मुझे हमेशा काम की वजह से काम मिला है। दूसरी बात, मैं एक कैरेक्टर एक्टर हूं, इसलिए हर समय परफेक्ट दिखने का दबाव नहीं रहता। सोशल मीडिया अच्छा माध्यम है, लेकिन अगर हम अपनी खुशी और आत्मविश्वास को लाइक्स के भरोसे छोड़ देंगे, तो यह सही नहीं होगा। आखिरकार पहचान आपके काम से बनती है, न कि सिर्फ सोशल मीडिया से।

_____________________________________

यह इंटरव्यू भी पढ़ें..

सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे

मराठी वेब सीरीज ‘अगं आई अहो आई’ में रेणुका शहाणे ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो रिश्तों को जोड़ने में विश्वास रखती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि ‘अगं आई’ और ‘अहो आई’ का मतलब क्या है, सास-बहू के रिश्तों को लेकर धारणाएं कैसे बदल सकती हैं, परिवार क्यों टूट रहे हैं और बेटी की शादी के बाद मां किन भावनाओं से गुजरती है।पूरा इंटरव्यू पढ़ें…

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    नोएडा में निवेश के नाम पर 59 लाख की ठगी:वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाया, 10 बार में रकम ट्रांसफर

    Hindi News Local Uttar pradesh Gautambudh nagar Noida Cyber Fraud | Senior Citizen Duped Of 59 Lakh In Trading Scam नोएडा में निवेश के नाम पर 59 लाख की ठगी:वॉट्सऐप…

    संजय दत्त@67: सलमान ने दी BMW, समुद्र में फेंकी चाबी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी ने कहा- बोर्डिंग स्कूल भेजो, राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे

    Hindi News Entertainment Bollywood Sanjay Dutt Birthday Interesting Facts; Salman Khan BMW | Tina Munim Rajesh Khanna Mumbai Jail संजय दत्त@67: सलमान ने दी BMW, समुद्र में फेंकी चाबी:बिगड़ते देख…

    You Missed

    नोएडा में निवेश के नाम पर 59 लाख की ठगी:वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाया, 10 बार में रकम ट्रांसफर

    • By dp
    • July 29, 2026
    • 0 views
    नोएडा में निवेश के नाम पर 59 लाख की ठगी:वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाया, 10 बार में रकम ट्रांसफर

    ‘NFL Top 100’ countdown continues: Who are contenders for No. 1 spot?

    • By dp
    • July 29, 2026
    • 2 views
    ‘NFL Top 100’ countdown continues: Who are contenders for No. 1 spot?

    शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी

    • By dp
    • July 29, 2026
    • 2 views
    शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी

    SK Hynix second-quarter profit surges 557% to a new high — but misses estimates

    • By dp
    • July 28, 2026
    • 4 views
    SK Hynix second-quarter profit surges 557% to a new high — but misses estimates

    संजय दत्त@67: सलमान ने दी BMW, समुद्र में फेंकी चाबी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी ने कहा- बोर्डिंग स्कूल भेजो, राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे

    • By dp
    • July 28, 2026
    • 4 views
    संजय दत्त@67: सलमान ने दी BMW, समुद्र में फेंकी चाबी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी ने कहा- बोर्डिंग स्कूल भेजो, राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे

    Folk icon Linda Perhacs reportedly missing as friends seek answers after months of silence

    • By dp
    • July 28, 2026
    • 5 views
    Folk icon Linda Perhacs reportedly missing as friends seek answers after months of silence