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सहारनपुर में नकली नोटों का नेटवर्क तलाशने पहुंची NIA:बैंक के रिकॉर्ड खंगाले, पीएनबी की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ के नकली नोटसहारनपुर4 मिनट पहले
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ये फोटो आरबीआई के अधिकारियों की है
सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ 29 लाख रुपए की नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच अब कई स्तरों पर तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की आठ सदस्यीय टीम भी सहारनपुर
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एनआईए की टीम सोमवार रात सहारनपुर पहुंची और इसके बाद से ही जांच में जुटी है। टीम बैंक की करेंसी चेस्ट में नकदी पहुंचने की प्रक्रिया, नोटों की जांच, कैश के रखरखाव और रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। जांच का अहम बिंदु यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट आखिर किस माध्यम से करेंसी चेस्ट तक पहुंचे।
बैंक शाखाओं से लेकर करेंसी चेस्ट तक खंगाली जा रही पूरी कड़ी
जांच एजेंसियां इस संभावना को भी ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं कि नकली नोट किसी बैंक शाखा के जरिए करेंसी चेस्ट में पहुंचे हों। इसके अलावा संगठित तरीके से नकली करेंसी की आपूर्ति किए जाने की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है।
बैंक में नकदी जमा होने से लेकर उसके सत्यापन और आगे भेजे जाने तक की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। इस दौरान बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ हो सकती है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों की पहचान किस स्तर पर नहीं हो सकी और इतनी बड़ी रकम बैंकिंग सिस्टम में कैसे पहुंच गई।
आरबीआई की लखनऊ टीम ने भी किया रिकॉर्ड का परीक्षण
मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी गंभीरता दिखाई है। लखनऊ से आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम सहारनपुर पहुंची और बैंक की कार्यप्रणाली से जुड़े रिकॉर्ड तथा दस्तावेजों की जांच की।
आरबीआई की टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि करेंसी के सत्यापन और लेनदेन से जुड़ी प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन या लापरवाही तो नहीं हुई। बैंक में नकदी की जांच किस तरह की जाती थी और करेंसी चेस्ट में रकम पहुंचने के बाद उसका मिलान व सत्यापन किस स्तर पर होता था, इसकी जानकारी भी जुटाई गई।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज भी जांच के घेरे में
मामले की जांच में फोरेंसिक टीम ने भी करेंसी चेस्ट पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्री की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन साक्ष्यों से नकली नोटों के स्रोत और उनके बैंक तक पहुंचने की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
पुलिस भी करेंसी चेस्ट और उससे जुड़े स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए नकदी की आवाजाही और संबंधित लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन बैंक अधिकारी पहले ही सस्पेंड
मामले में पंजाब नेशनल बैंक ने कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इनमें वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय के रवि कुमार कांसे, सहारनपुर करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं।
इन अधिकारियों के निलंबन के बाद बैंक ने उनके स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती भी कर दी है। इसका उद्देश्य बैंकिंग कामकाज को सामान्य बनाए रखना और जांच की प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न होने देना है।
4.39 लाख रुपए नोटों की गड्डियों से निकालने का भी मामला
जांच के दौरान आरबीआई को भेजे जाने वाले करीब 11 करोड़ रुपए में से 4 लाख 39 हजार रुपए नोटों की गड्डियों से निकाले जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में बैंक के पार्ट टाइम हाउस कीपर को हिरासत में लिए जाने की चर्चा रही, हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एसआईटी गिरफ्तारी की तैयारी में
मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) भी आरोपितों की भूमिका तय करने में जुटा है। टीम नकली करेंसी की आपूर्ति, वितरण और उसके लेनदेन से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस टीम संदिग्धों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर दबिश की तैयारी में है।
एसपी सिटी सहारनपुर व्योम बिंदल के मुताबिक, नकली करेंसी मामले में एसआईटी आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी। फोरेंसिक टीम ने करेंसी चेस्ट से साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसके साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज की लगातार जांच कर रही है।
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