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नैमिषारण्य में सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी:सीतापुर में अव्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को हुई परेशानी, प्रशासन रहा सतर्क,अभिषेक सिंह | सीतापुर2 मिनट पहले
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सीतापुर में अधिमास में पड़ने वाली पावन सोमवती अमावस्या पर सोमवार को विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी नैमिषारण्य में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त से ही चक्रतीर्थ, गोमती तट, राजघाट, देवदेवेश्वर घाट सहित विभिन्न पवित्र स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा अपने पितरों के निमित्त तर्पण और दान-पुण्य किया।
सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग के चलते श्रद्धालुओं का आगमन एक दिन पहले से ही शुरू हो गया था। सोमवार तड़के करीब चार बजे से ही चक्रतीर्थ और गोमती नदी के घाटों पर लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव”, “जय मां ललिता” और “गोमती मैया की जय” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने ललिता देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी, कालीपीठ, व्यास गद्दी, सूतगद्दी, रुद्रावर्त तीर्थ, त्रिशक्तिधाम और बालाजी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन किया। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार के कल्याण और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की।
तीर्थ पुरोहितों के अनुसार अधिमास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, जप और तप करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं भारी भीड़ उमड़ने से श्रद्धालुओं को काफी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख घाटों, मंदिरों और मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई, जबकि स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत और अन्य विभागों की टीमें भी पूरे दिन मुस्तैद रहीं। वही धार्मिक स्थल पर पार्किंग व्यवस्था कम होने से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी।
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