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पूर्व प्रधान को प्रशासक पद से हटाने का आदेश रद्द:अमरोहा के मामले में हुस्नबानो को हाईकोर्ट से राहत, प्रारंभिक जांच बरकरारप्रयागराज37 मिनट पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रशासक हुस्नबानो को आंशिक राहत देते हुए उन्हें प्रशासक पद से हटाने वाले आदेश के हिस्से को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने याचिका का निस्तारण करते हुए उनके प्र
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क्या है मामला जानिये
याची का प्रधान के रूप में कार्यकाल समाप्त हो चुका था, लेकिन 25 मई और 29 मई 2026 के शासनादेशों के तहत वह प्रशासक के रूप में कार्य कर रही थीं। इसी दौरान उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 95(1)(जी) के तहत उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई। आरोप था कि प्रधान रहते हुए उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं की थीं।
उन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया, लेकिन नोटिस देर से मिलने के कारण उनके पास वास्तव में केवल चार दिन बचे। जवाब दाखिल न होने पर 12 सितंबर 2026 के आदेश से उनके प्रशासकीय अधिकार छीन लिए गए और एक निश्चित धनराशि की देनदारी तय कर दी गई।
नोटिस अधिकार क्षेत्र से बाहर
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि- नोटिस बिना अधिकार क्षेत्र के जारी किया गया और जांच संबंधित प्रावधानों के अनुरूप नहीं हुई।जवाब के लिए बेहद कम समय दिया गया।जवाब न देने मात्र के आधार पर सक्षम अधिकारी बिना स्वतंत्र विवेक का प्रयोग किए जांच रिपोर्ट स्वीकार नहीं कर सकता।अधिनियम की धारा 27 के तहत सरचार्ज लगाने के लिए ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया से स्वतंत्र जांच जरूरी है, जबकि यह केवल प्रारंभिक जांच थी।कार्यकाल पूरा हो चुका है, इसलिए इस स्तर पर उन्हें प्रशासक पद से नहीं हटाया जा सकता।
कोर्ट ने सुना दिया आदेश
कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है जिसमें याची ने प्रशासक बनने के बाद कोई अनियमितता की हो। चूंकि सरचार्ज की कार्यवाही अभी शुरू ही नहीं हुई है, इसलिए आक्षेपित आदेश के जरिए केवल एक प्रारंभिक जांच की गई है, जो सरचार्ज निर्धारण की जांच शुरू करने का आधार बन सकती है।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 12.सितंबर .2026 के आदेश के केवल उस बाद के हिस्से में हस्तक्षेप किया, जिसमें याची को प्रशासक पद से हटाया गया था, और उनकी शक्तियां बहाल कर दीं। अन्य तर्कों पर कोर्ट ने कहा कि सरचार्ज की कार्यवाही शुरू होने पर, जब जरूरत होगी, उन पर विचार किया जा सकता है।
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