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इटावा में प्रसव के दो घंटे बाद प्रसूता की छुट्टी:घर जाकर महिला की हालत बिगड़ी, हुई मौत; डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगायाउवैस चौधरी | इटावा1 मिनट पहले
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इटावा के बकेवर क्षेत्र में एक महिला की प्रसव के कुछ घंटे बाद मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने लखना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।
बताया जा रहा है कि 25 वर्षीय जूली पाल पत्नी सोनू पाल निवासी बकेवर क्षेत्र को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन लखना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। यहां डॉक्टरों की देखरेख में जूली का सामान्य प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद जूली ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद महिला की हालत और स्वास्थ्य की पूरी निगरानी किए बिना ही महज दो घंटे के अंदर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार के मुताबिक मौजूद महिला डॉक्टर ने जूली को घर ले जाने के लिए कह दिया, जिसके बाद परिजन उसे लेकर घर पहुंच गए।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
पति सोनू पाल ने बताया कि घर पहुंचने के करीब आधे घंटे बाद ही जूली की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी हालत खराब होती देख परिजन उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे इटावा मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जूली की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पति सोनू पाल ने बताया कि उनकी शादी जनवरी 2025 में हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद यदि पत्नी की सही तरीके से जांच और निगरानी की जाती तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि पत्नी को खोने का दुख तो है, लेकिन वह चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला के साथ ऐसी घटना न हो।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, महिला की मौत को लेकर स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि महिला की मौत किस कारण हुई और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं।
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