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हरियाणवी सॉन्ग ‘कॉलेज वाली छोरी’ पर कंट्रोवर्सी बढ़ी:रोडवेज कर्मचारी करेंगे चक्का जाम; एक्टर बोला- ₹5 लाख खर्च किए, गाना नहीं हटाऊंगासोनीपत2 घंटे पहलेलेखक: राम सिंहमार
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गाने में नवीन नारू और कलाकार सोनिका सिंह अभिनय करते हुए।
हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के” को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने इस सॉन्ग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साफ चेतावनी दी है कि यदि सॉन्ग को हटाया नहीं गया या इसके बोल नहीं बदले गए तो
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कर्मचारियों का आरोप है कि सॉन्ग में कंडक्टरों की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। इसे वे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते। वहीं, बढ़ते विरोध पर सॉन्ग के एक्टर नवीन नारू का बयान भी सामने आया है। उन्होंने भी स्पष्ट शब्दों में कहा-
गीत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाया जा रहा है। बेशक एफआईआर हो जाए, गाना डिलीट नहीं किया जाएगा। सॉन्ग बनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं। यदि मामला कानूनी रूप लेता है तो वह भी न्यायालय का सहारा लेंगे।
इसके अलावा उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करें, प्रदर्शन करें या चक्का जाम करें, वह अपना गीत डिलीट नहीं करेंगे। उधर, इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने कहा कि अभी उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। जैसे ही कोई शिकायत आएगी, सॉन्ग को देखकर संज्ञान लिया जाएगा।
हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी गीत “कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के” को लेकर हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया है।
24 मई को रिलीज हुए सॉन्ग के बोल क्या…
हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के” को सोमबीर खटक ने गाया है, जबकि नवीन नारू और सोनिका सिंह ने इसमें अभिनय किया है। यह सॉन्ग नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर 24 मई रिलीज किया गया है। सॉन्ग के लिरिक्स इस तरह से हैं– “एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के, घणे दिनां में घट गया पेट कंडक्टर के।” “कदे दादरी, कदे लोहारू, कदे रूट था पिलानी का, इब छोड़ दादरी, छोड़ रूट लोहारू का, पकड़ लिया रूट भिवानी का।” “सपना में आवे उसका गेट कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।” “सूखी पड़ी थी खेती, उसने देखो आज हरी कर दी, उसके चक्कर में ऊके गांव की छोरी चार फ्री कर दी।” “नजरां आली लत लगी कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।” “यो खास कंडक्टर मकड़ानी का, उसने ना कोई दुखड़ा राखे, दो नंबर की सीट हमेशा उसके खातिर बुक राखे।”
एक्टर नवीन नारू के साथ अंजलि राघव ने रील बनाई है
रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति को इसलिए आपत्ति…
- गाना कंडक्टरों की सामाजिक छवि खराब कर रहा: हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो की सांझा मोर्चा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि संदीप कुमार का कहना है कि यह सॉन्ग कंडक्टरों की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। सॉन्ग में नौकरी और छात्राओं को लेकर भ्रामक तथा आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे समाज में गलत धारणा बन रही है।
- समाज में गलत संदेश जा रहा है: यूनियन नेताओं का कहना है कि यह सॉन्ग केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज में एक गलत संदेश भी प्रसारित कर रहा है। उनका मानना है कि ऐसे गीत युवाओं के बीच गलत सोच को बढ़ावा देते हैं और पेशेगत सम्मान को प्रभावित करते हैं।
- शादी में बेटी के साथ खड़ा कंडक्टर क्या महसूस करेगा:संदीप कुमार ने कहा कि आगामी दिनों में शादी समारोहों और अन्य आयोजनों में यह सॉन्ग खूब बजाया जाएगा। ऐसे में यदि कोई कंडक्टर अपनी बेटी और परिवार के साथ किसी समारोह में मौजूद होगा और यह गीत बजेगा तो उससे बड़ा अपमान उसके लिए कोई नहीं होगा। एक पिता और कर्मचारी दोनों रूपों में यह स्थिति बेहद असहज और दुखद होगी।
- शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: यूनियन से जुड़े कर्मचारियों की ओर से हिसार सिटी थाना में सॉन्ग को लेकर लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यूनियन प्रतिनिधि संदीप कुमार ने बताया कि इसी कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
एक्टर नवीन ने कहा उनके गाने पर ही रोड़वेज के कर्मचारियों ने रील बनाई है।
रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति ने ये किया ऐलान…
- हिसार डिपो में होगी बड़ी बैठक: सॉन्ग को हटवाने के लिए रोडवेज विभाग ने आगामी रणनीति तैयार की है। गुरुवार को हिसार डिपो में सांझा मोर्चा संघर्ष समिति के बैनर तले आठ अलग-अलग इकाइयों के अध्यक्ष और कर्मचारी बैठक करेंगे। इस बैठक में आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार की जाएगी।
- शुक्रवार को दोबारा पुलिस के पास पहुंचेंगे कर्मचारी: संदीप कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सभी सदस्य एकत्रित होकर हिसार सिटी थाना पहुंचेंगे और पहले से दी गई शिकायत पर कार्रवाई की मांग करेंगे। यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती तो आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
- पहले हिसार, फिर पूरे हरियाणा में होगा आंदोलन: यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो सबसे पहले हिसार डिपो से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके बाद हरियाणा के प्रत्येक जिले में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
- चक्का जाम तक पहुंच सकती है लड़ाई: रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि यदि फिर भी समाधान नहीं निकला तो पूरे हरियाणा में रोडवेज कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम भी किया जाएगा। संदीप कुमार ने बताया कि हिसार, भिवानी, जींद और गुरुग्राम के सिटी थानों में पहले ही शिकायतें दी जा चुकी हैं। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी शिकायतें दी जाएंगी।
- मांग स्पष्ट- गाना हटाओ या बोल बदलो: रोडवेज कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि या तो सॉन्ग को पूरी तरह हटाया जाए या इसके बोलों में बदलाव किया जाए। उनका कहना है कि इसी से विवाद का समाधान संभव है।
एक कॉलेज की लड़की ने गाने पर रील बनाई है और एक्टर नवीन नारू ने ये रील शेयर की।
एक्टर नवीन नारू गाने के बढ़ते विरोध पर दिया ये जवाब…
- मेरे गीत के बोलों में कुछ भी गलत नहीं: नवीन नारू का कहना है कि सॉन्ग के बोल में कुछ भी गलत नहीं है। बेवजह विवाद का विषय बनाया जा रहा है। हरियाणा में ऐसे कई गीत मौजूद हैं, जिनमें अश्लीलता, बदमाशी और गाली-गलौज दिखाई गई है। यदि उनके गीत को हटाया जाता है तो उन सभी गीतों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।
- खरबूजे जैसी तेरी जवानी जैसे सॉन्ग विवाद क्यों नहीं: नवीन नारू ने सवाल उठाते हुए कहा कि “खरबूजे जैसी तेरी जवानी” और “हाय रे डॉक्टरनी” जैसे गीतों पर कभी इस तरह का विरोध क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि किसी गीत को लेकर मानक तय किए जा रहे हैं तो वह सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
- मासूम शर्मा के गीतों का भी लिया नाम : नवीन नारू ने कहा कि हरियाणा में कई ऐसे गीत हैं, जिनमें बदमाशी और गाली-गलौज को प्रमुखता से दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि उनके गीत पर कार्रवाई की जाती है तो ऐसे सभी गीतों की भी समीक्षा होनी चाहिए।
- सभ्य परिवार खुद यह गीत नहीं बजाएगा: नवीन नारू का कहना है कि कोई भी सभ्य परिवार यदि इस गीत को उचित नहीं मानता तो वह इसे अपने समारोह में नहीं बजाएगा। यह निर्णय लोगों की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। यदि किसी को यह गीत आपत्तिजनक लगता है तो डीजे संचालक भी इसे बजाने से मना कर सकता है। डीजे वाले के घर में भी बहन-बेटी होती हैं और वह स्वयं तय कर सकता है कि कौन-सा गीत बजाना है।
- स्टेज शो में सबसे ज्यादा ड्राइवर-कंडक्टर ही बैठते हैं: नवीन नारू ने कहा कि स्टेज डांस और मनोरंजन कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा ड्राइवर और कंडक्टर ही मौजूद रहते हैं। इसलिए केवल उनके गीत को निशाना बनाना उचित नहीं है। दावा है कि कई रोडवेज और डीटीसी कर्मचारी भी इस गीत पर रील बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज की लड़कियां भी इस गीत को पसंद कर रही हैं और सोशल मीडिया पर इसका उपयोग कर रही हैं।
- छेड़छाड़ करने वाला गाना देखकर ऐसा नहीं करता: उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने किसी महिला के साथ छेड़छाड़ की है तो उसके लिए किसी गीत को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। किसी का व्यवहार उसके व्यक्तिगत संस्कार और सोच पर निर्भर करता है, न कि किसी गाने या फिल्म पर।
- डीटीसी कंडक्टर की रील का भी किया जिक्र: नवीन नारू ने बताया कि एक डीटीसी कर्मचारी ने भी इस गीत पर रील बनाकर कहा है कि विरोध करने वाले लोग दूध के धुले हुए नहीं हैं और हर व्यक्ति में कोई न कोई कमी होती है। उनके अनुसार इस गीत को केवल मनोरंजन के रूप में देखा जाना चाहिए और बेवजह विवाद नहीं किया जाना चाहिए।
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हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी” को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो के कंडक्टरों ने सॉन्ग पर आपत्ति जताते हुए सिटी थाना हिसार में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य महिला आयोग को भी भेजी गई है। (पूरी खबर पढ़ें)
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