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हिंदू मरघट की जमीन से अतिक्रमण हटा:प्रशासन ने जेसीबी से ढहाए मजार के पिलर, दोबारा कब्जे पर कार्रवाई की चेतावनीसरफराज वारसी | बाराबंकी3 मिनट पहले
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बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के मदारपुर गांव में हिंदू मरघट की जमीन पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को प्रशासन ने मंगलवार को हटा दिया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अनिल कुमार सरोज की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से मजार के लिए बनाए जा रहे पिलरों को ध्वस्त कर कब्जा हटाया गया। इस दौरान राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही, और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
जानकारी के अनुसार, रविवार को गांव के एक समुदाय के कुछ लोग हिंदू मरघट के नाम दर्ज भूमि पर पिलर खड़े कर मजार बनाने का प्रयास कर रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर हिंदू पक्ष ने विरोध जताया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया था।
इस मामले में निर्माण कार्य में शामिल पांच लोगों के खिलाफ शांति भंग की आशंका के तहत कार्रवाई करते हुए चालान किया गया था। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने लेखपाल के नेतृत्व में जमीन की पैमाइश की थी। हालांकि, उस समय भूमि की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
इसके बाद मंगलवार को उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज, तहसीलदार बालेन्दु भूषण वर्मा, बदोसराय कोतवाली प्रभारी राम अवतार सरोज, राजस्व विभाग की टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा पैमाइश कराई गई। राजस्व अभिलेखों की जांच में संबंधित भूमि हिंदू मरघट के नाम दर्ज पाई गई।
अभिलेखों की पुष्टि के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन बुलवाई और मजार के लिए बनाए गए अस्थायी पिलरों को हटवा दिया। प्रशासन ने मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में इस भूमि पर दोबारा किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण करने का प्रयास न किया जाए।
लेखपाल महेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि पैमाइश में भूमि हिंदू मरघट के नाम दर्ज मिली, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज ने कहा कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार मरघट की भूमि पर किया गया अस्थायी कब्जा नियमानुसार हटाया गया है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
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