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UP में आधी रात ‘पावर सर्जिकल स्ट्राइक’:47 लाख उपभोक्ताओं का बिना बताए बढ़ा दिया लोडउत्तर प्रदेश1 मिनट पहले
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राज्य विद्युत नियामक आयोग ने लगातार सातवें साल बिजली दरें न बढ़ाते हुए बड़ी राहत दी थी। पर पावर कारपोरेशन ने आधी रात चुपके से बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करते हुए प्रदेश के करीब 46.79 लाख उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा दिया।
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बिजली कंपनियों का ये कृत्य ‘पिछले दरवाजे से उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने जैसा माना जा रहा है। उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन के इस निर्णय के खिलाफ नियामक आयोग में याचिका दायर की है।
बिजली कंपनीवार समझिए कहां कितने उपभोक्ता प्रभावित
पावर कॉर्पोरेशन की इस कार्रवाई की जद में प्रदेश का हर कोना आया है। कुल 46,79,450 उपभोक्ता इससे सीधे प्रभावित हुए हैं
विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम)प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्यापूर्वांचल विद्युत वितरण निगम13,39,827मध्यांचल विद्युत वितरण निगम12,58,363पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम10,14,908दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम9,60,148केस्को (कानपुर) क्षेत्र1,06,214
टैरिफ नहीं बढ़ा तो निकाला नया रास्ता
बिजली कंपनियों का तर्क है कि नियम के मुताबिक यदि एक वित्तीय वर्ष में तीन बार किसी का लोड सीमा से अधिक जाता है, तो अगले साल लोड बढ़ा दिया जाता है। लेकिन कंपनियां नियम का आधा हिस्सा खा गईं, जिसमें साफ लिखा है कि ऐसा करने से पहले उपभोक्ता को लिखित सूचना देना अनिवार्य है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस कार्रवाई में 50 फीसदी उपभोक्ता स्मार्ट मीटर वाले हैं, जिनकी रीडिंग और शुद्धता पर पहले से ही प्रदेश भर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
उपभोक्ताओं पर थोप रहे 3654 MW का लोड
प्रदेश में 132 केवी के 480 सब-स्टेशन हैं। इनकी कुल क्षमता लगभग 6.95 करोड़ किलोवाट (69,529 MVA) है। इसके मुकाबले उपभोक्ताओं का संयोजित भार पहले ही 8.57 करोड़ किलोवाट पार कर चुका है।
अब बिना बुनियादी ढांचा सुधारे उपभोक्ताओं पर 3,654 मेगावाट का नया लोड और थोप दिया। इससे पूरा सिस्टम क्रैश हो सकता है।
लाखों कॉमर्शियल उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा, पर NOC नहीं
पावर कारपोरेशन ने लाखों कॉमर्शियल (वाणिज्यिक) उपभोक्ताओं का लोड तो बढ़ा दिया, लेकिन नियमानुसार विद्युत सुरक्षा विभाग से नई NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं ली गई। यदि कल को इस ओवरलोडिंग की वजह से बाजारों या दुकानों में कोई बड़ा हादसा या शॉर्ट सर्किट होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
नियामक आयोग में 4 बिंदुओं पर याचिका दायर
- बिना सूचना बढ़ाए गए सभी उपभोक्ताओं के लोड की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- नियमों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को रद्द कर लोड को तुरंत पहले जैसा किया जाए।
- पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) से जवाब तलब कर इस मुद्दे पर सार्वजनिक सुनवाई की जाए।
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