अरशद वारसी ने मरती हुई मां को नहीं पिलाया पानी:आज भी पछताते हैं, कभी बेची लिपस्टिक, 'सर्किट' की सफलता की नहीं थी उम्मीद

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Arshad Warsi Success Story Explained; Munna Bhai Circuit | Jolly LLB

अरशद वारसी ने मरती हुई मां को नहीं पिलाया पानी:आज भी पछताते हैं, कभी बेची लिपस्टिक, ‘सर्किट’ की सफलता की नहीं थी उम्मीद2 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

बचपन के संघर्षों ने ही अरशद वारसी को बॉलीवुड का सफल अभिनेता बनाया। - Dainik Bhaskarबचपन के संघर्षों ने ही अरशद वारसी को बॉलीवुड का सफल अभिनेता बनाया।

14 साल की उम्र में अरशद वारसी ने ऐसा दर्द देखा, जिसने उन्हें वक्त से पहले बड़ा बना दिया। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने मां को पानी नहीं दिया था और कुछ घंटों बाद उनका निधन हो गया। इस बात का मलाल उन्हें आज भी है। माता-पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई और उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। उन्होंने बसों और घर-घर जाकर लिपस्टिक बेची, फोटो लैब में नौकरी की और छोटे-छोटे काम करके गुजारा किया।

हालात इतने मुश्किल थे कि कई बार भविष्य अंधेरे में नजर आता था। लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें ऐसा कलाकार बनाया, जिसने ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ के ‘सर्किट’ बनकर करोड़ों लोगों का दिल जीता। उन्हें भी इस किरदार की इतनी बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं थी।

आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं अरशद वारसी के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें।

माता-पिता के निधन के बाद कम उम्र में ही अरशद वारसी ने जिम्मेदारियां संभाल ली थीं।माता-पिता के निधन के बाद कम उम्र में ही अरशद वारसी ने जिम्मेदारियां संभाल ली थीं।

बचपन में खुशहाल जिंदगी, फिर सब कुछ बदल गया

19 अप्रैल 1968 को मुंबई में जन्मे अरशद वारसी का शुरुआती बचपन आर्थिक रूप से अच्छा था। उनके पिता अहमद अली खान वारसी शायर और गायक थे। परिवार का जीवन आरामदायक था, लेकिन समय के साथ हालात बिगड़ने लगे। कानूनी विवादों और आर्थिक नुकसान के कारण परिवार की संपत्ति चली गई। बड़ा घर छोड़कर उन्हें छोटे घरों में रहना पड़ा।

14 साल की उम्र में अनाथ हो गए

अरशद की जिंदगी का सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उन्होंने कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि वह सिर्फ 14 साल के थे, जब उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। इस घटना ने उन्हें उम्र से पहले जिम्मेदार बना दिया।

अरशद ने कहा था- “मैं अपनी उम्र के हिसाब से काफी मैच्योर हो गया था। पिताजी के जाने के बाद हालात लगातार खराब होते गए। मां के निधन के बाद मैं तुरंत रो भी नहीं पाया, क्योंकि मुझे लगा कि अब सब कुछ मुझे ही संभालना है। कई हफ्तों बाद मैं टूटकर रोया।”

मां की आखिरी याद आज भी नहीं भूले

अरशद ने बताया कि उनकी मां साधारण गृहिणी थीं और बहुत अच्छा खाना बनाती थीं। उन्हें किडनी फेल होने की बीमारी हो गई थी, इसलिए नियमित डायलिसिस कराना पड़ता था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी थी कि उन्हें पानी नहीं देना है। लेकिन उनकी मां बार-बार पानी मांगती थीं और अरशद ने डॉक्टरों की सलाह मानते हुए हर बार मना कर दिया।

उन्होंने कहा कि निधन से ठीक पहले वाली रात मां ने उन्हें बुलाकर पानी मांगा था, लेकिन उन्होंने पानी नहीं दिया। उसी रात उनकी मां का निधन हो गया। अरशद के मुताबिक, यह घटना आज भी उन्हें अंदर तक झकझोर देती है।

उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगता था कि अगर उन्होंने मां को पानी पिला दिया और उसके बाद उनका निधन हो गया, तो पूरी जिंदगी खुद को जिम्मेदार मानते। अब उन्हें लगता है कि शायद मां की आखिरी इच्छा पूरी कर देनी चाहिए थी। उनका मानना है कि कई बार परिवार वाले मरीज की इच्छा से ज्यादा अपने अपराधबोध के आधार पर फैसले लेते हैं।

आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी, बेची लिपस्टिक

माता-पिता के निधन के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी अरशद के कंधों पर आ गई। आर्थिक संकट इतना गहरा था कि उन्हें दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। गुजारा करने के लिए उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए। उन्होंने कॉस्मेटिक्स कंपनी में डोर-टू-डोर सेल्समैन के तौर पर काम किया। कई रिपोर्टों के मुताबिक वे मुंबई की बसों में लिपस्टिक और कॉस्मेटिक उत्पाद भी बेचते थे।

अरशद वारसी कहते हैं, “मैं घर-घर जाकर लिपस्टिक बेचता था। कई लोग दरवाजा बंद कर देते थे, लेकिन उसी दौर ने मुझे लोगों से बात करना और जिंदगी का सामना करना सिखाया।” उन्होंने बताया कि उस दौर में वह सप्ताहभर मेहनत करके कुछ सौ रुपए ही कमा पाते थे, जबकि मां के इलाज पर हर सप्ताह लगभग 800 रुपए खर्च हो जाते थे।

उन्होंने कहा, “मैं वीकेंड पर म्यूजिकल शो करता था, जिसके 175 रुपए मिलते थे। तभी मुझे समझ आया कि जिंदगी में आर्थिक रूप से मजबूत होना कितना जरूरी है।”

डांस ने बदली जिंदगी

संघर्ष के बीच अरशद का डांस का शौक कभी नहीं छूटा। उन्हें बचपन से नृत्य में रुचि थी। धीरे-धीरे उन्होंने डांस को ही करियर बनाने का फैसला किया। डांस के प्रति जुनून ने उनकी जिंदगी बदल दी। वे अकबर सामी के डांस ग्रुप से जुड़े।

1991 में ऑल इंडिया डांस प्रतियोगिता जीती और 1992 में लंदन में आयोजित वर्ल्ड डांस चैंपियनशिप के मॉडर्न जैज वर्ग में चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने डांस स्टूडियो शुरू किया और फिल्मों में कोरियोग्राफी करने लगे।

उन्होंने ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ के टाइटल ट्रैक के अलावा ‘ठिकाना’ और ‘काश’ जैसी फिल्मों में भी कोरियोग्राफी की। यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।

जया बच्चन की नजर पड़ी, मिल गया पहला मौका

कोरियोग्राफर के रूप में काम करते समय उनकी मुलाकात कई फिल्मी हस्तियों से हुई। इसी दौरान जया बच्चन ने उनकी प्रतिभा देखकर अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) की फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ में अभिनय का मौका दिया।

1996 में रिलीज हुई ‘तेरे मेरे सपने’ से अरशद वारसी ने बतौर अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) के बैनर तले बनी थी और निर्देशक जॉय ऑगस्टीन थे। इससे पहले वह बतौर कोरियोग्राफर पहचान बना चुके थे।

उनकी एंट्री किसी फिल्मी परिवार की वजह से नहीं, बल्कि प्रतिभा के दम पर हुई। अरशद ने कहा था कि वह अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और जॉय ऑगस्टीन के आभारी रहेंगे, जिन्होंने उन पर भरोसा किया।

पहली फिल्म के बाद नहीं मिला मनचाहा काम

‘तेरे मेरे सपने’ के बाद अरशद को लगा था कि उनके करियर की रफ्तार तेज होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगले कुछ वर्षों में उन्होंने ‘हीरो हिंदुस्तानी’, ‘होगी प्यार की जीत’, ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’, ‘जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी’ समेत कई फिल्मों में काम किया, लेकिन अधिकांश फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकीं। इस दौरान अच्छे किरदार भी कम मिले और उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में खुद को दोबारा साबित करना पड़ रहा है।

आउटसाइडर होने की कीमत चुकानी पड़ी

द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में अरशद वारसी ने फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों के संघर्ष पर बात की थी। उन्होंने कहा था- “इंडस्ट्री का एक वर्ग ऐसा है, जिसे हिट फिल्म देने के लिए कई मौके मिलते हैं। लेकिन जो फिल्मी परिवार से नहीं आते, उनके लिए एक फ्लॉप के बाद फिर से संघर्ष शुरू हो जाता है।”

अरशद ने कहा कि समय के साथ उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया और शिकायत करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चुना।

लगा था ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ आखिरी फिल्म साबित होगी

2003 में जब निर्देशक राजकुमार हिरानी ने उन्हें ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में ‘सर्किट’ का रोल ऑफर किया, तब अरशद को लगा कि यह उनके करियर की आखिरी फिल्म साबित हो सकती है। उन्हें यकीन नहीं था कि सर्किट का किरदार इतना लोकप्रिय हो जाएगा।

अरशद वारसी कहते हैं- “मुझे पूरा यकीन था कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ के बाद मेरा करियर खत्म हो जाएगा। मुझे लगा था कि यह रोल बहुत छोटा है और इससे मुझे कोई फायदा नहीं होगा।” उन्होंने बताया कि उस समय संजय दत्त भी फिल्म की सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे।

‘सर्किट’ का रोल शुरुआत में पसंद नहीं आया था

अरशद वारसी कहते हैं, “अगर आप सिर्फ किरदार को देखें, तो वह बहुत बड़ा रोल नहीं था। अगर फिल्म नहीं चलती, तो उस किरदार का कोई मतलब नहीं रह जाता।” उन्होंने ‘सर्किट’ को “God-given role” बताते हुए कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी कि फिल्म सुपरहिट हुई और दर्शकों ने सर्किट और मुन्ना भाई की जोड़ी को दिल से अपनाया।

सर्किट का नाम पहले खुजली था

कम लोग जानते हैं कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में सर्किट का किरदार पहले अलग था। उसका नाम ‘खुजली’ रखा गया था। अरशद वारसी ने राजकुमार हिरानी से नाम बदलने का सुझाव दिया। उन्होंने किरदार के कपड़े, हेयरस्टाइल और कई दृश्यों में भी अपने सुझाव दिए। यही बदलाव आगे चलकर ‘सर्किट’ की पहचान बन गए।

संघर्ष से शुरू हुआ अरशद वारसी का सफर 'सर्किट' बनकर घर-घर तक पहुंचा।संघर्ष से शुरू हुआ अरशद वारसी का सफर ‘सर्किट’ बनकर घर-घर तक पहुंचा।

लोग नाम नहीं, ‘सर्किट’ कहकर बुलाने लगे

‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की सफलता के बाद लोग अरशद वारसी को उनके असली नाम से कम और ‘सर्किट’ के नाम से ज्यादा पहचानने लगे। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया कि लद्दाख में बाइक ट्रिप के दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि उनकी शक्ल अरशद वारसी जैसी लगती है और उन्हें उनकी मिमिक्री करके पैसे कमाने चाहिए। अरशद ने अपनी पहचान नहीं बताई और इस घटना का आनंद लिया।

‘लगे रहो मुन्नाभाई’ ने बनाई स्थायी पहचान

2006 में आई ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ ने सर्किट के किरदार को और लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद अरशद वारसी सिर्फ कॉमेडी अभिनेता नहीं रहे, बल्कि बहुमुखी कलाकार के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने ‘गोलमाल’ सीरीज, ‘धमाल’, ‘इश्किया’ और ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों से अपनी अभिनय क्षमता साबित की।

‘गोलमाल’ ने बनाया कॉमेडी का बड़ा चेहरा

रोहित शेट्टी की ‘गोलमाल’ सीरीज में अरशद वारसी ने माधव का किरदार निभाया। अजय देवगन, तुषार कपूर और श्रेयस तलपड़े जैसे कलाकारों के बीच भी उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद ‘धमाल’, ‘डबल धमाल’ और ‘टोटल धमाल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा के भरोसेमंद कॉमेडी अभिनेताओं में शामिल कर दिया। हालांकि, अरशद हमेशा कहते रहे कि वे सिर्फ कॉमेडी अभिनेता बनकर नहीं रहना चाहते।

‘इश्किया’ और ‘जॉली एलएलबी’ में दिखाया अलग रंग

विशाल भारद्वाज की ‘इश्किया’ में ‘बब्बन’ और ‘जॉली एलएलबी’ में संघर्षरत वकील जगदीश (जॉली) त्यागी के किरदार ने साबित कर दिया कि अरशद सिर्फ हंसाने वाले अभिनेता नहीं हैं। इन फिल्मों में उनके गंभीर अभिनय को समीक्षकों ने सराहा। बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार पसंद आते हैं, जिनमें कई परतें हों और अभिनेता के तौर पर कुछ नया करने का मौका मिले।

वेब सीरीज ‘असुर’ से मिली नई पहचान

2020 में आई वेब सीरीज ‘असुर’ अरशद वारसी के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई। इसमें उन्होंने फॉरेंसिक विशेषज्ञ धनंजय राजपूत का किरदार निभाया। यह भूमिका उनके पहले के कॉमिक किरदारों से बिल्कुल अलग थी। इस सीरीज के बारे में अरशद ने बताया था- दो वजहों से मैंने ‘असुर’ की। पहली, इसकी कहानी बेहद शानदार और अप्रत्याशित थी। दूसरी, यह कॉमिक किरदार नहीं था। यह एक गंभीर, जटिल और कई परतों वाला किरदार था, जैसा काम मुझे कम मिलता है।

सीरीज की सफलता के बाद दर्शकों ने उन्हें गंभीर अभिनेता के रूप में भी स्वीकार किया। अरशद वारसी मानते हैं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने उनकी छवि बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। वह कहते हैं- मुझे खुशी है कि अब लोग मुझे सिर्फ कॉमेडियन नहीं मानते। मैंने हमेशा अलग-अलग तरह के किरदार करने की कोशिश की और अब लोग उसे पहचान रहे हैं।

हाल ही में अरशद वारसी की वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हुई है। उनकी फिल्म वेलकम टू द जंगल सिनेमाघरों में हाल ही रिलीज हुई है। इसके अलावा वह शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ और गोलमाल 5 में नजर आएंगे।

अरशद वारसी की फिल्म धमाल 4 आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।अरशद वारसी की फिल्म धमाल 4 आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।

तीन दशक बाद भी लगातार सक्रिय

करीब तीन दशक लंबे करियर में अरशद वारसी ने 50 से अधिक फिल्मों और कई वेब सीरीज में काम किया है। उन्होंने कभी फिल्मों की संख्या के पीछे भागने के बजाय अपनी पसंद की पटकथाओं को प्राथमिकता दी। अरशद वारसी कहते हैं कि उन्हें कम काम करना मंजूर है, लेकिन ऐसा काम नहीं करना चाहते जिसमें उन्हें खुद विश्वास न हो।

परिवार बना सबसे बड़ी ताकत

अरशद वारसी की निजी जिंदगी भी संतुलित रही है। उन्होंने 1999 में मारिया गोरेटी से शादी की। दोनों की मुलाकात डांस के दिनों में हुई थी। अरशद कई मौकों पर कह चुके हैं कि संघर्ष के दिनों से लेकर सफलता तक मारिया ने हमेशा उनका साथ दिया। वे लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं और निजी जीवन को मीडिया की सुर्खियों से अलग रखते हैं।

____________________________

पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए…

हिट का क्रेडिट स्टार को, फ्लॉप का ठीकरा डायरेक्टर पर:विक्रम भट्ट बोले- हमें फ्लॉप फिल्मों की लाश उठाने के पैसे दिए जाते हैं

हिट फिल्म हो तो तालियां स्टार्स के हिस्से आती हैं, लेकिन फ्लॉप होते ही सबसे पहले कटघरे में डायरेक्टर खड़ा होता है। विक्रम भट्ट इसे फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सच मानते हैं। वह कहते हैं, “हमें फ्लॉप फिल्मों की लाश उठाने के पैसे दिए जाते हैं।” यह उनके चार दशक लंबे करियर का अनुभव है।पूरी खबर पढ़ें..

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTAखबरें और भी हैं…

  • एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग: एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया

    एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया|बॉलीवुड,Entertainment - Dainik Bhaskar0:53Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा बॉयफ्रेंड का नाम: निकनेम ‘शिखु’ ने खींचा ध्यान, अंशुला के वेडिंग रिसेप्शन में ढोल भी बजाया

    निकनेम 'शिखु' ने खींचा ध्यान, अंशुला के वेडिंग रिसेप्शन में ढोल भी बजाया|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar0:33Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • रियलिटी शो ‘अलायंस’ में सीमा सजदेह की एंट्री: पूर्व पत्नी को देख सोहेल खान बोले- रिश्ते में गलती हुई होगी तो मेरी तरफ से हुई होगी

    पूर्व पत्नी को देख सोहेल खान बोले- रिश्ते में गलती हुई होगी तो मेरी तरफ से हुई होगी|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar0:46Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर का रीयूनियन: अंशुला के रिसेप्शन में ‘तूने मारी एंट्रियां’ पर साथ में किया डांस, ‘धुरंधर’ के गाने पर भी झूमे

    1:00Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

Source link

dp

Related Posts

BHU में UG कोर्स का रजिस्ट्रेशन शुरू:25 जुलाई आवेदन की अंतिम तिथि,सीयूईटी के अर्हता अंकों के आधार पर प्रवेश

Hindi News Local Uttar pradesh Varanasi BHU UG Admissions Open: Registration Ends July 25 BHU में UG कोर्स का रजिस्ट्रेशन शुरू:25 जुलाई आवेदन की अंतिम तिथि,सीयूईटी के अर्हता अंकों के…

झांसी में कच्छा-बनियान गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर हुआ:चार दिन पहले हाउसिंग सोसायटी में चोरी करने के दौरान की थी फायरिंग, दूसरा साथी फरार

Hindi News Local Uttar pradesh Jhansi Jhansi Kachha Baniyaan Gang Encounter | Police Fire; One Caught, Partner Flees झांसी में कच्छा-बनियान गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर हुआ:चार दिन पहले हाउसिंग…

You Missed

BHU में UG कोर्स का रजिस्ट्रेशन शुरू:25 जुलाई आवेदन की अंतिम तिथि,सीयूईटी के अर्हता अंकों के आधार पर प्रवेश

  • By dp
  • July 10, 2026
  • 0 views
BHU में UG कोर्स का रजिस्ट्रेशन शुरू:25 जुलाई आवेदन की अंतिम तिथि,सीयूईटी के अर्हता अंकों के आधार पर प्रवेश

Venice Film Festival To Fete George Clooney With Lifetime Achievement Award

  • By dp
  • July 10, 2026
  • 0 views
Venice Film Festival To Fete George Clooney With Lifetime Achievement Award

झांसी में कच्छा-बनियान गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर हुआ:चार दिन पहले हाउसिंग सोसायटी में चोरी करने के दौरान की थी फायरिंग, दूसरा साथी फरार

  • By dp
  • July 10, 2026
  • 1 views
झांसी में कच्छा-बनियान गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर हुआ:चार दिन पहले हाउसिंग सोसायटी में चोरी करने के दौरान की थी फायरिंग, दूसरा साथी फरार

Quedan boletos para América vs. LA Galaxy en Los Ángeles: Precios y cómo comprar para el amistoso | Sporting News

  • By dp
  • July 10, 2026
  • 2 views
Quedan boletos para América vs. LA Galaxy en Los Ángeles: Precios y cómo comprar para el amistoso | Sporting News

अरशद वारसी ने मरती हुई मां को नहीं पिलाया पानी:आज भी पछताते हैं, कभी बेची लिपस्टिक, 'सर्किट' की सफलता की नहीं थी उम्मीद

  • By dp
  • July 10, 2026
  • 5 views
अरशद वारसी ने मरती हुई मां को नहीं पिलाया पानी:आज भी पछताते हैं, कभी बेची लिपस्टिक, 'सर्किट' की सफलता की नहीं थी उम्मीद

Phillies recall Max Lazar from triple A, option Kyle Backhus

  • By dp
  • July 10, 2026
  • 6 views
Phillies recall Max Lazar from triple A, option Kyle Backhus