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तीन बैनामे, एक जमीन…कोर्ट पहुंचा मामला, एफआईआर दर्ज:सहारनपुर में भूमि कब्जाने, फर्जी बैनामे और जानलेवा हमले का आरोपसहारनपुर2 मिनट पहले
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प्रतीकात्मक फोटो।
सहारनपुर कोर्ट के आदेश पर बिहारीगढ़ थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे दिल्ली निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर सात नामजद और 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों पर फर्जी बैनामे तैयार कर करोड़ों रुपए मूल्य की जमीन हड़पने की स
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पुलिस के अनुसार, दिल्ली के साउथ वेस्ट स्थित दयाल पार्क वेस्ट सागरपुर निवासी निखिलेश कुमार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्होंने 16 अगस्त 2019 को ग्रीन रिबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र के मौजा थापुल इस्माईलपुर स्थित खसरा संख्या 2259 में 100 वर्ग गज (83.61 वर्गमीटर) का प्लॉट पंजीकृत बैनामे के माध्यम से खरीदा था। खरीद के बाद संबंधित भूमि का दाखिल-खारिज भी उनके नाम राजस्व अभिलेखों में हो गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि चरण सिंह, गोपाल सिंह, केहर सिंह, अजीत सिंह, रोहित शास्त्री, विकास तथा उनके अन्य साथियों ने संगठित गिरोह बनाकर उनकी भूमि पर कब्जा करने की साजिश रची। आरोप है कि वर्ष 2022 में रोहित शास्त्री ने उस भूमि का फर्जी बैनामा विकास के नाम कर दिया, जबकि वर्ष 2019 में संबंधित खसरे की पूरी भूमि पहले ही बेची जा चुकी थी और उसके नाम कोई भूमि शेष नहीं थी।
इसके बाद विकास ने वर्ष 2024 में कथित रूप से उसी भूमि का बैनामा केहर सिंह के नाम कर दिया और फिर जनवरी 2026 में केहर सिंह ने गोपाल सिंह के पक्ष में एक और बैनामा निष्पादित कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये सभी दस्तावेज फर्जी और कूटरचित हैं तथा केवल उनकी संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से तैयार किए गए।
प्रार्थना पत्र में ये भी कहा गया कि आरोपी पहले भी कई लोगों की जमीनों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने का प्रयास करते रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने कई बार थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
शिकायत में ये भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने उनकी संपत्ति का ताला तोड़ दिया, वहां रखा सामान क्षतिग्रस्त कर दिया और 25-30 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया। किसी तरह उनकी जान बची। जाते समय आरोपियों ने दोबारा आकर जान से मारने और जमीन पर कब्जा करने की धमकी भी दी।
निखिलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने भूमि की सुरक्षा के लिए सिविल कोर्ट में वाद भी दायर किया था, जहां से उनके पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा का आदेश पारित हुआ। इसके बावजूद आरोपियों ने कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी करते हुए कब्जे का प्रयास कर रहा है।
शिकायत में बताया कि लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और तहसील स्तर पर की गई जांच में भी संबंधित भूमि पर आरोपियों का कोई अधिकार नहीं पाया गया। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ बिहारीगढ़ थाने में पहले से भी कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने का हवाला दिया गया है।
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