निदा फाजली पर डॉक्यूमेंट्री 'मैं निदा' को नेशनल अवॉर्ड:प्रोड्यूसर ने बताया- शायर को एक शेर की वजह से पाकिस्तान में लोगों ने घेर लिया था

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Nida Fazli Documentary Main Nida Wins National Film Award | Atul Gangwar

भास्कर इंटरव्यूनिदा फाजली पर डॉक्यूमेंट्री ‘मैं निदा’ को नेशनल अवॉर्ड:प्रोड्यूसर ने बताया- शायर को एक शेर की वजह से पाकिस्तान में लोगों ने घेर लिया था23 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय

  • कॉपी लिंक

फिल्म 'मैं निदा' का डायरेक्शन अतुल पांडे ने किया है और इसे अतुल गंगवार ने प्रोड्यूस किया है। - Dainik Bhaskarफिल्म ‘मैं निदा’ का डायरेक्शन अतुल पांडे ने किया है और इसे अतुल गंगवार ने प्रोड्यूस किया है।

दिवंगत शायर निदा फाजली के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मैं निदा’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘बेस्ट आर्ट्स एंड कल्चर फिल्म’ का पुरस्कार मिला है। इस डॉक्यूमेंट्री के निर्माता अतुल गंगवार पिछले करीब ढाई दशक तक निदा फाजली के बेहद करीब रहे। उन्होंने सिर्फ उनके साथ काम ही नहीं किया, बल्कि उनकी निजी जिंदगी, संघर्ष, रिश्तों और सोच को भी बहुत करीब से देखा।

दैनिक भास्कर से बातचीत में अतुल गंगवार ने निदा फाजली की निजी जिंदगी, पाकिस्तान में बसे परिवार, पिता से जुड़ा दर्द, जगजीत सिंह के साथ उनकी दोस्ती और उनकी जिंदगी के कई अनसुने किस्से शेयर किए।

सवाल: निदा फाजली से आपकी पहली मुलाकात कब हुई थी?

जवाब: पहली मुलाकात 1998 में हुई थी। हम ‘अदबी कॉकटेल’ नाम का एक शो बना रहे थे और उसके लेखक निदा साहब थे। उसी दौरान उन्होंने हमारी मुलाकात तलत अजीज साहब, मुकरी साहब (मोहम्मद उमर मुकरी) और कई बड़े कलाकारों से कराई। वहीं से हमारा रिश्ता शुरू हुआ, जो सालों तक चलता रहा।

सवाल: आखिर कब लगा कि निदा फाजली की जिंदगी पर डॉक्यूमेंट्री बननी चाहिए?

जवाब: उनके साथ काम करते-करते एहसास हुआ कि वह सिर्फ बड़े शायर नहीं, बल्कि बहुत बड़े इंसान भी थे। उनके जरिए मैं जॉनी वॉकर, टुनटुन, हसन कमाल, जावेद सिद्दीकी, राकेश बेदी और कई दिग्गजों से मिला। उन्होंने मुझे जिंदगी को देखने का नजरिया दिया। तभी लगा कि उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचनी चाहिए।

सवाल: निदा फाजली के परिवार का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान चला गया था। क्या वह इस दर्द के बारे में आपसे बात करते थे?

जवाब: निजी तौर पर वह इस बारे में बहुत कम बात करते थे, लेकिन जो कहना होता था, वह अपनी शायरी में कह देते थे। अपने पिता के इंतकाल के बाद, जब वह उनके जनाजे में शामिल नहीं हो पाए, तब उन्होंने मशहूर नज्म ‘तुम्हारी कब्र पर मैं फातिहा पढ़ने नहीं आया’ लिखी। उसमें उनका पूरा दर्द दिखाई देता है।

निदा फाजली का पूरा नाम मुक्तिदा हसन निदा फाजली था। उनका निधन 8 फरवरी 2016 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।निदा फाजली का पूरा नाम मुक्तिदा हसन निदा फाजली था। उनका निधन 8 फरवरी 2016 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।

सवाल: निदा फाजली अपनी मां और पिता को किस तरह याद करते थे?

जवाब: मां के लिए उन्होंने लिखा- ‘बेसन की सोंधी रोटी पे खट्टी चटनी जैसी मां।’ पिता के लिए उनकी नज्म आज भी पढ़िए तो आंखें नम हो जाती हैं, लेकिन बातचीत में वह कभी अतीत में नहीं जीते थे। उनका पूरा ध्यान वर्तमान और भविष्य पर रहता था।

सवाल: निदा फाजली के साथ जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद हो?

जवाब: एक बार मैं उनके घर गया तो उनके हाथ में चोट लगी थी। मैंने पूछा, “क्या हुआ?” हंसते हुए बोले, “मुशायरे में थक गया था। मंच पर पीछे टेंट समझकर टिक गया। पता चला पीछे कुछ नहीं था और सीधे नीचे गिर गया।” सबसे बड़ी बात यह थी कि वह खुद पर भी खुलकर हंस सकते थे।

सवाल: निदा फाजली और जगजीत सिंह से जुड़ा कोई खास किस्सा जो आपको आज भी याद हो?

जवाब: एक बार मुझे किसी बच्ची के लिए रिकमेंडेशन लेटर चाहिए था। निदा साहब ने एयरपोर्ट बुलाया। वहां जगजीत सिंह और के एस चित्रा भी मौजूद थे। मेरे पास खाली कागज था। निदा साहब ने वहीं तुरंत अपने हाथ से रिकमेंडेशन लिख दिया और जगजीत सिंह से उस पर साइन करवा दिए। उनकी हाजिरजवाबी और समझ कमाल की थी।

एक बार का किस्सा मुझे बहुत अच्छे से याद है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेरे एक प्रोफेसर थे। उनकी भतीजी के कुछ डॉक्यूमेंट्स पर साइन कराने थे। एक तरह का एप्रिसिएशन उनके लिए कि वो बच्ची बहुत अच्छा गाती है।

तो मैंने निदा साहब से बात की। वो बोले, “मैं दिल्ली आ रहा हूं, तो तुम एयरपोर्ट मुझसे मिलने आ जाओ।” मैं वहां पहुंचा तो देखा कि साथ में जगजीत सिंह जी, चित्रा जी और निदा साहब तो थे ही। मैंने उनसे कहा, “जी, वो चिट्ठी चाहिए आपसे।” वो बोले, “लाओ।”

मैं वहीं पास के एक काउंटर से कागज लेकर आया। उनके पास पहुंचा तो फिर उन्होंने जगजीत सिंह जी से कहा, “चलो, इस पर साइन कर दो।” कागज ब्लैंक था। चित्रा जी पीछे खड़ी थीं। जगजीत सिंह जी ने पीछे मुड़कर देखा तो चित्रा जी देख रही थीं कि भई, ये ब्लैंक पेपर पर साइन तो नहीं कर रहे। ब्लैंक पेपर पर साइन करना बड़ी बात है।

निदा साहब समझ गए। उन्होंने खट से अपने हाथ से एक एप्रिसिएशन लेटर लिखा और फिर उस पर जगजीत सिंह जी के साइन करवा दिए।

सवाल: निदा फाजली और जगजीत सिंह की दोस्ती कैसी थी?

जवाब: दोनों का रिश्ता सिर्फ प्रोफेशनल नहीं, बहुत व्यक्तिगत भी था। जगजीत सिंह की सबसे चर्चित एल्बम ‘इनसाइट’ में निदा साहब की लिखी गजलें थीं। दोनों अक्सर साथ बैठते थे। हारमोनियम निकलता था और वहीं बैठकर नई गजलें तैयार होती थीं।

सवाल: क्या निदा फाजली और जगजीत सिंह के बीच कभी मजेदार नोकझोंक भी होती थी?

जवाब: एक बार हमारे एक परिचित को जगजीत सिंह का शो कराना था। मैंने निदा साहब से कहा कि आप बात कर देंगे तो शायद फीस कम हो जाएगी। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मेरा नाम मत लेना। अगर मेरा नाम लिया तो वो तुम्हें डिस्काउंट नहीं देगा, उल्टा मुझे किसी मुशायरे में मुफ्त में पढ़ने बुला लेगा।”

बाद में हुआ यह कि जगजीत सिंह ने अपनी फीस तो पूरी रखी, लेकिन पूरे शो की स्पॉन्सरशिप ही करवा दी। यानी आयोजकों पर कोई बोझ नहीं पड़ा। यही दोनों की दोस्ती थी।

निदा फाजली ने फिल्म सरफरोश सुपरहिट गजल 'होशवालों को खबर क्या, बेखुदी क्या चीज है' लिखी थी, जिसे जगजीत सिंह ने गाया था।निदा फाजली ने फिल्म सरफरोश सुपरहिट गजल ‘होशवालों को खबर क्या, बेखुदी क्या चीज है’ लिखी थी, जिसे जगजीत सिंह ने गाया था।

सवाल: डॉक्यूमेंट्री बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?

जवाब: सबसे बड़ी चुनौती थी सालों की यादों और फुटेज को समेटना। दूसरी चुनौती यह थी कि लेखकों को फिल्म इंडस्ट्री उतना याद नहीं रखती, जितना अभिनेता या निर्देशक को रखती है। लेकिन जिन लोगों ने सच में निदा साहब को जाना था, उन्होंने हमारी हर संभव मदद की।

सवाल: क्या किसी कलाकार ने भी इस सफर में मदद की?

जवाब: जी हां। सिंगर शान ने बिना किसी हिचकिचाहट के इंटरव्यू दिया। उनके पिता मानस मुखर्जी, निदा साहब के बहुत अच्छे दोस्त थे। उन्होंने अपने पिता और निदा साहब के रिश्ते पर खुलकर बात की। इससे डॉक्यूमेंट्री और समृद्ध हुई।

सवाल: पाकिस्तान में निदा फाजली की एक शायरी पर काफी विवाद हुआ था।

जवाब: जी। उन्होंने पढ़ा था- ‘घर से मस्जिद है बहुत दूर, चलो यूं कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए।’ लोगों ने पूछा कि क्या बच्चा अल्लाह से बड़ा है? निदा साहब ने जवाब दिया, “मस्जिद इंसान बनाता है, लेकिन बच्चे को खुद अल्लाह बनाता है। अब बड़ा कौन है, आप तय कर लीजिए।” यही उनकी सोच थी।

सवाल: बचपन में ग्वालियर का उनकी शायरी पर कितना असर रहा?

जवाब: बहुत गहरा। उन्होंने मीरा के भजन सुनकर शायरी की शुरुआत की थी। उनकी पूरी रचनाओं में गंगा-जमुनी तहजीब और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है। इसलिए कई लोग उन्हें आधुनिक दौर का कबीर भी कहते हैं।

निदा फाजली ने फिल्म रजिया सुल्तान के प्रसिद्ध गाने 'तेरा हिज्र मेरा नसीब है' और 'हरियाला बन्ना आया रे' लिखे।निदा फाजली ने फिल्म रजिया सुल्तान के प्रसिद्ध गाने ‘तेरा हिज्र मेरा नसीब है’ और ‘हरियाला बन्ना आया रे’ लिखे।

सवाल: क्या नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद ऐसे विषयों पर और फिल्में बनने की उम्मीद बढ़ी है?

जवाब: बिल्कुल। अभी तक ज्यादातर डॉक्यूमेंट्री बड़े सितारों पर बनती रही हैं। लेकिन अगर एक शायर पर बनी फिल्म को राष्ट्रीय सम्मान मिलता है तो इससे दूसरे फिल्मकारों को भी प्रेरणा मिलेगी कि साहित्य और लेखकों पर भी गंभीर काम किया जाए।

सवाल: आखिर में, निदा फाजली की जिंदगी से सबसे बड़ी सीख क्या मिली?

जवाब: यही कि जिंदगी को हमेशा सकारात्मक सोच के साथ जीना चाहिए। उन्होंने संघर्ष बहुत किए, लेकिन कभी हार नहीं मानी। जब भी मैं उनकी शायरी पढ़ता हूं या उनकी यादों को जीता हूं तो यही महसूस करता हूं कि मुश्किलें चाहे कितनी भी हों, इंसान को उम्मीद और मेहनत का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTAखबरें और भी हैं…

  • पंजाबी सिंगर खान साब भड़के, बोले- डंडों से ही मानोगे: बापू लाल बादशाह मेले में पहुंचे, खड़े होकर हूटिंग पर गाना रोका, कहा- हार्टअटैक हो जाएगा

    बापू लाल बादशाह मेले में पहुंचे, खड़े होकर हूटिंग पर गाना रोका, कहा- हार्टअटैक हो जाएगा|जालंधर,Jalandhar - Dainik Bhaskar1:15Play videoPlay videoजालंधर

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • सलमान ने देर रात तस्वीरें शेयर कीं: हेल्थ को लेकर चिंता के बीच पूछा- आप लोगों की तबीयत कैसी है; नए वीडियो में भी थके दिखे

    हेल्थ को लेकर चिंता के बीच पूछा- आप लोगों की तबीयत कैसी है; नए वीडियो में भी थके दिखे|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar0:34Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पंजाबी फिल्म को पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर ने फर्जी बताया: युवती के नाम पर सवाल उठाए; ‘जफ्फी डालो’ बोलने पर एक्ट्रेस शहनाज गिल ट्रोल

    युवती के नाम पर सवाल उठाए; 'जफ्फी डालो' बोलने पर एक्ट्रेस शहनाज गिल ट्रोल|पठानकोट,Pathankot - Dainik Bhaskar1:05Play videoPlay videoपठानकोट

    • कॉपी लिंक

    शेयर

Source link

dp

Related Posts

CJP प्रदर्शन में मौत के दावे पर भड़कीं कुणिका सदानंद:बोलीं- गलत-गलत बात मत फैलाइए; एक्ट्रेस की पुलिस से बहस भी हुई

Hindi News Entertainment Bollywood Kunika Sadanand Delhi CJP Protest Controversy | Actress Argument Video CJP प्रदर्शन में मौत के दावे पर भड़कीं कुणिका सदानंद:बोलीं- गलत-गलत बात मत फैलाइए; एक्ट्रेस की…

अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए थे:ब्लॉग में सर्जरी और ICU का जिक्र, लिखा- जो डटे रहते हैं, वे चैंपियन

Hindi News Entertainment Bollywood Amitabh Bachchan Hospital Surgery ICU Blog Post | Health Statement अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए थे:ब्लॉग में सर्जरी और ICU का जिक्र, लिखा- जो डटे…

You Missed

CJP प्रदर्शन में मौत के दावे पर भड़कीं कुणिका सदानंद:बोलीं- गलत-गलत बात मत फैलाइए; एक्ट्रेस की पुलिस से बहस भी हुई

  • By dp
  • July 21, 2026
  • 1 views
CJP प्रदर्शन में मौत के दावे पर भड़कीं कुणिका सदानंद:बोलीं- गलत-गलत बात मत फैलाइए; एक्ट्रेस की पुलिस से बहस भी हुई

Michael Saylor Calls Corporate Bitcoin Adoption Necessary and Inevitable

  • By dp
  • July 21, 2026
  • 2 views
Michael Saylor Calls Corporate Bitcoin Adoption Necessary and Inevitable

अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए थे:ब्लॉग में सर्जरी और ICU का जिक्र, लिखा- जो डटे रहते हैं, वे चैंपियन

  • By dp
  • July 21, 2026
  • 4 views
अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए थे:ब्लॉग में सर्जरी और ICU का जिक्र, लिखा- जो डटे रहते हैं, वे चैंपियन

A six-year-old entered an iron lung after polio. More than 70 years later, he had become the world’s longest-known survivor

  • By dp
  • July 21, 2026
  • 2 views
A six-year-old entered an iron lung after polio. More than 70 years later, he had become the world’s longest-known survivor

अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए थे:ब्लॉग में सर्जरी और ICU का जिक्र, X पर लिखा- खेल समाप्त हो गया

  • By dp
  • July 21, 2026
  • 4 views
अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए थे:ब्लॉग में सर्जरी और ICU का जिक्र, लिखा- जो डटे रहते हैं, वे चैंपियन

Judge to hear evidence against singer D4vd in killing, dismemberment of teen and decide on trial

  • By dp
  • July 21, 2026
  • 2 views
Judge to hear evidence against singer D4vd in killing, dismemberment of teen and decide on trial