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उन्नाव में 50 किमी लंबी शिव शोभायात्रा निकली:बड़े चौराहे पर स्थापित होगी भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा, जगह जगह स्वागत हुआउन्नाव3 मिनट पहले
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उन्नाव में सावन मास की मासिक शिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार को परियर स्थित बाबा बालखंडेश्वर महादेव मंदिर से विशाल शिव शोभायात्रा निकाली गई। करीब 50 किलोमीटर लंबी यह यात्रा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापना के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों, गंगाघाट और शुक्लागंज होते हुए उन्नाव शहर पहुंची। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।
शोभायात्रा में भगवान शिव की आकर्षक झांकियां, भगवा ध्वज और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर शिवभक्तों का स्वागत किया। शुक्लागंज के राजधानी मार्ग स्थित गोकुल बाबा चौराहे पर क्षेत्रवासियों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का सम्मान किया।
विधायक पंकज गुप्ता ने बताया कि यात्रा बाबा बालखंडेश्वर मंदिर, परियर से शुरू होकर बहरौला, हाजीपुर, बसधना, फतेहपुर, पिपरी, बनी, पिंडोखा, देवारा और सहजनी समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरी। इसके बाद गंगाघाट और शुक्लागंज होते हुए बड़े चौराहे पर पहुंची।
आयोजकों के अनुसार बड़े चौराहे पर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। इसके बाद भव्य आरती का आयोजन होगा। प्रतिमा स्थापना को लेकर शिवभक्तों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला।
सनातन संस्कृति से युवाओं को जोड़ने का माध्यम : विधायक
विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि सावन के पवित्र माह में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा की पुनर्स्थापना उन्नाव के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में समाज को एक सूत्र में बांधने की शक्ति होती है। इससे बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति और विरासत को समझने का अवसर मिलता है।
त्याग और परोपकार की प्रेरणा देते हैं भगवान शिव
विधायक ने समुद्र मंथन के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव ने विषपान कर समाज को त्याग, सेवा और परोपकार का संदेश दिया। उनका जीवन यह सिखाता है कि व्यक्ति को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और दूसरों के हित के लिए भी कार्य करना चाहिए।
उन्होंने परिवारों में कमजोर होते संस्कारों पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, सेवा और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में ऐसे मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
देर शाम तक शिव शोभायात्रा उन्नाव शहर की ओर बढ़ती रही। प्रतिमा स्थापना और भव्य आरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
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