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निवेशकों की शिकायतों से फिर घिरा कैनविज प्रकरण:गुलाटी गिरोह पर दो और मुकदमे दर्जशशांक राठौर | बरेली16 मिनट पहले
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बरेली। करोड़ों रुपये के कथित निवेश धोखाधड़ी मामले में कैनविज कंपनी के संचालक कन्हैया गुलाटी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। शाहजहांपुर और हरदोई के निवेशकों की शिकायत पर बारादरी थाने में दो नए मामले दर्ज किए गए हैं। आरोप है कि कंपनी से जुड़े व्यक्तियों ने 22 महीने में पांच प्रतिशत ब्याज और मूलधन लौटाने का भरोसा देकर लाखों रुपये का निवेश कराया, लेकिन अवधि पूरी होने पर राशि वापस नहीं की गई। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
शाहजहांपुर निवासी विश्वमोहन मिश्रा ने शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने भाई श्याम मोहन मिश्रा के साथ केएम एसोसिएट के खाते में 12 लाख रुपये जमा किए थे। यह राशि कंपनी से जुड़े जगतपाल के माध्यम से जमा कराई गई थी। आरोप है कि जगतपाल ने 22 महीने तक पांच प्रतिशत ब्याज और अवधि पूरी होने पर मूलधन लौटाने का आश्वासन दिया था। गारंटी के तौर पर चेक भी दिए गए थे।
बाद में जब ब्याज मिलना बंद हो गया, तो पुराने चेक वापस लेकर नए चेक देने की बात कही गई। डीडीपुरम स्थित कार्यालय में निवेशकों की मुलाकात जगतपाल के साथ ओमप्रकाश मौर्य, सुरेश कुशवाह, सोनू चंद्रा और उमेश गंगवार से हुई। आरोप है कि उन्हें नए चेक देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में कंपनी बंद होने और गुलाटी के फरार होने की जानकारी मिली।
हरदोई निवासी विनोद तिवारी ने पांच लाख रुपये का निवेश किया था। दो महीने तक ब्याज मिलने के बाद उन्होंने अपनी बहन सीमा त्रिवेदी और बहनोई राजेश त्रिवेदी के भी ढाई-ढाई लाख रुपये निवेश करा दिए। आरोप है कि बाद में उनसे गारंटी के चेक वापस ले लिए गए, लेकिन नए चेक नहीं दिए गए।
कन्हैया गुलाटी के खिलाफ बरेली में लगभग 68 मामले दर्ज हैं। वह बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी अनुराग आर्य ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली है, लेकिन वह अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
कैनविज मामले की जांच पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा था। अब शासन के निर्देश पर यह मामला लखनऊ की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को स्थानांतरित कर दिया गया है।
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