'आप आयशा बेगम बनकर बात कर रही हैं':मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर दिए शर्मिला टैगोर के बयान पर सवाल उठाए

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Mukesh Khanna Vs Sharmila Tagore | Vande Mataram Controversy Statement

‘आप आयशा बेगम बनकर बात कर रही हैं’:मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर दिए शर्मिला टैगोर के बयान पर सवाल उठाए22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुकेश खन्ना और शर्मिला टैगोर ने किसी भी फिल्म में एक साथ काम नहीं किया है। - Dainik Bhaskarमुकेश खन्ना और शर्मिला टैगोर ने किसी भी फिल्म में एक साथ काम नहीं किया है।

सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी। उनकी यह टिप्पणी सीनियर एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम् के पूरे गीत को गाने के बजाय केवल शुरुआती अंतरों को गाने की बात कही थी।

‘द फ्री प्रेस जर्नल’ से बातचीत के दौरान मुकेश खन्ना से शर्मिला टैगोर के कथित सुझाव को लेकर कहा, “वह अपनी समझ के हिसाब से बोल रही हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। शायद अपनी बात समझाते हुए उनके मुंह से यह निकल गया कि दूसरे धर्मों के लोग इसे समझ या स्वीकार नहीं कर पाएंगे।”

अभिनेता मुकेश खन्ना ने हाल ही में मांग की है कि 'जन गण मन' को हटाकर 'वंदे मातरम' को भारत का राष्ट्रगान बनाया जाना चाहिए।अभिनेता मुकेश खन्ना ने हाल ही में मांग की है कि ‘जन गण मन’ को हटाकर ‘वंदे मातरम’ को भारत का राष्ट्रगान बनाया जाना चाहिए।

मुकेश खन्ना ने कहा, “आप बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां काली पूजा इतने बड़े स्तर पर मनाई जाती है। आप बंगाली संस्कृति और बंगाली फिल्मों के बीच बड़ी हुई हैं। फिर आज आपको समझ में आ रहा है कि एक धर्म वाला इसको एक्सेप्ट नहीं करे। उस वक्त नहीं आया था। हम क्या शादी करने के बाद आपको मालूम पड़ा?”

उन्होंने सवाल उठाया कि जब आप नवाब की बेगम बन गईं। तब आपको मालूम पड़ा कि अरे मुस्लिम धर्म भी है। अरे ये लोग तो मानते नहीं हैं। अल्लाह को मानते हैं। ये लोग तो हमारे देवी को भी नहीं मानते।

उन्होंने आगे कहा कि आज आप आयशा बेगम बनकर बात कर रही हैं। आज आपको मुस्लिम धर्म समझ में आ रहा है। हिंदू धर्म क्या भूल गई आप?

शर्मिला टैगोर ने 27 दिसंबर 1968 को मंसूर अली खान पटौदी से शादी की थी। उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अपना नाम बदलकर बेगम आयशा सुल्ताना रखा था।शर्मिला टैगोर ने 27 दिसंबर 1968 को मंसूर अली खान पटौदी से शादी की थी। उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अपना नाम बदलकर बेगम आयशा सुल्ताना रखा था।

वंदे मातरम् पर पुराने विरोध का भी किया जिक्र

मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर ऐतिहासिक तौर पर उठाई गई आपत्तियों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों की आपत्ति केवल गीत के बाद के हिस्सों में हिंदू देवी-देवताओं के संदर्भों को लेकर नहीं थी।

उन्होंने कहा कि एक आपत्ति यह भी थी कि मुस्लिम केवल खुदा के सामने झुकते हैं। मुकेश ने कहा, “इस पर आपत्ति आज से शुरू नहीं हुई है। तर्क यह दिया जाता रहा है कि वे केवल खुदा के सामने झुकते हैं और इसलिए किसी और के सामने नहीं झुकेंगे।”

अभिनेता ने वंदे मातरम् के अलग-अलग गायन संस्करणों का भी जिक्र किया। उन्होंने लता मंगेशकर, हेमंत कुमार और एआर रहमान से जुड़े संस्करणों का उदाहरण दिया।

एआर रहमान के ‘मां तुझे सलाम’ का दिया उदाहरण

मुकेश खन्ना ने मातृभूमि के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति को समझाने के लिए एआर रहमान के गीत ‘मां तुझे सलाम’ का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा, “वह कहते हैं ‘मां तुझे सलाम’। वह उसे मां कह रहे हैं और उन्हें सलाम कर रहे हैं।”

अभिनेता ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने का मतलब किसी को जबरन झुकने के लिए मजबूर करना नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने वंदे मातरम् गाने पर आपत्ति को लेकर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, “हम भारत माता के सामने झुकते हैं। अगर कोई झुकना नहीं चाहता तो ठीक है, हम उसे झुकने के लिए मजबूर नहीं कर रहे। लेकिन फिर यह कहना कि वंदे मातरम् ही नहीं गाया जाना चाहिए, यह बात मेरी समझ में नहीं आती।”

मुकेश खन्ना आखिरी बार 2025 में रिलीज हुई गुजराती फिल्म ‘विश्वरगुरु’ में नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने कश्यप का किरदार निभाया था।मुकेश खन्ना आखिरी बार 2025 में रिलीज हुई गुजराती फिल्म ‘विश्वरगुरु’ में नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने कश्यप का किरदार निभाया था।

शर्मिला टैगोर ने क्या कहा था

शर्मिला टैगोर ने न्यूज एजेंसी IANS के साथ बातचीत में कहा, ‘बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र है।

जो लोग एक धर्म, एक ईश्वर में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें तो वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।’ हालांकि, शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना के कमेंट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनोट ने कहा था कि हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।

कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया था। उन्होंने लिखा, ‘मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है।

कंगना की पोस्ट।कंगना की पोस्ट।

विवेकानंद ने कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो। विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।

भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार तरीके से गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसे आप हमेशा मिलती हैं।’

…………..

यह खबर भी पढ़ें…

शर्मिला टैगोर ने शादी के बाद इस्लाम अपनाया था:बेटी सबा बोलीं- हमारे घर में मंदिर नहीं था; मां ने हमें इस्लाम के बारे में बताया

एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की बेटी सबा अली पटौदी ने हाल ही में अपने माता-पिता की अंतरधार्मिक शादी और धार्मिक परवरिश पर बात की है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनकी मां ने इस्लाम अपनाया था और बच्चों को भी इसके बारे में सिखाया। सबा ने यह बात यूट्यूब चैनल ‘बिग बॉलीवुड बफ्स’ से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें, सैफ अली खान और सोहा अली खान को कोई धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    लोडर की टक्कर से टेंपो खाई में पलटा,तीन पल्लेदार घायल:छिबरामऊ कोल्ड स्टोरेज जा रहे थे, बाकी पल्लेदार बाल-बाल बचे

    Hindi News Local Uttar pradesh Farrukhabad Chhibramau Road Accident | Tempo Overturned After Collision With Loader लोडर की टक्कर से टेंपो खाई में पलटा,तीन पल्लेदार घायल:छिबरामऊ कोल्ड स्टोरेज जा रहे…

    मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा, ‘मिर्जापुर’ में फिर गरजी बंदूकें, लेकिन कहानी हुई लंबी

    Hindi News Entertainment Bollywood Mirzapur The Film Review | Munna Bhaiya Guddu Pandit Mirzapur Story मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा,…

    You Missed

    Olivia Rodrigo’s women-led Daisy Chain Fields puts its politics center stage

    • By dp
    • September 4, 2026
    • 2 views
    Olivia Rodrigo’s women-led Daisy Chain Fields puts its politics center stage

    लोडर की टक्कर से टेंपो खाई में पलटा,तीन पल्लेदार घायल:छिबरामऊ कोल्ड स्टोरेज जा रहे थे, बाकी पल्लेदार बाल-बाल बचे

    • By dp
    • September 4, 2026
    • 1 views
    लोडर की टक्कर से टेंपो खाई में पलटा,तीन पल्लेदार घायल:छिबरामऊ कोल्ड स्टोरेज जा रहे थे, बाकी पल्लेदार बाल-बाल बचे

    Revenge of the ‘Magnificent Seven’ — Jim Cramer says it’s time to buy

    • By dp
    • September 4, 2026
    • 2 views
    Revenge of the ‘Magnificent Seven’ — Jim Cramer says it’s time to buy

    'आप आयशा बेगम बनकर बात कर रही हैं':मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर दिए शर्मिला टैगोर के बयान पर सवाल उठाए

    • By dp
    • September 4, 2026
    • 4 views
    'आप आयशा बेगम बनकर बात कर रही हैं':मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर दिए शर्मिला टैगोर के बयान पर सवाल उठाए

    White House website debuts 5 retro arcade video games that promote Trump’s agenda

    • By dp
    • September 4, 2026
    • 4 views
    White House website debuts 5 retro arcade video games that promote Trump’s agenda

    मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा, ‘मिर्जापुर’ में फिर गरजी बंदूकें, लेकिन कहानी हुई लंबी

    • By dp
    • September 4, 2026
    • 3 views
    मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा, ‘मिर्जापुर’ में फिर गरजी बंदूकें, लेकिन कहानी हुई लंबी