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PDA को लेकर भदौरिया ने समझाया अखिलेश का मॉडल:सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग भदौरिया बोले- अखिलेश यादव के व्यक्तित्व में भी प्रेम,दया और अपनापनलखनऊ4 मिनट पहले
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने PDA की राजनीति, अखिलेश यादव के कामकाज, युवाओं और छात्र राजनीति से लेकर कानून-व्यवस्था, राम मंदिर और जेपीएनआईसी को निजी हाथों में देने के फैसले तक कई मुद्दों पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्हों
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PDA में समाज के हर पीड़ित वर्ग को साथ लेने का दावा
अनुराग भदौरिया ने PDA की परिभाषा बताते हुए कहा कि इसे केवल किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक PDA में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सोच है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई पंडित हो, पिछड़ा हो, दलित हो, अल्पसंख्यक हो या समाज का कोई अन्य पीड़ित वर्ग, समाजवादी पार्टी उसके साथ खड़ी होती है।
उन्होंने शंकराचार्य के साथ कथित अन्याय और उनके बटुकों के अपमान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समाजवादी पार्टी ने आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि PDA में ‘P’ से प्रेम, ‘D’ से दलित और ‘A’ से आधी आबादी व अल्पसंख्यक जैसे अर्थ भी जुड़े हैं और पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है।
‘अखिलेश के अंदर ही PDA है’
भदौरिया ने कहा कि PDA सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि अखिलेश यादव के व्यक्तित्व में भी यह दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के अंदर ‘P’ से प्रेम, ‘D’ से दया और ‘A’ से अपनापन है। उनके मुताबिक अखिलेश यादव आम लोगों के बीच जाते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और जरूरत पड़ने पर मदद भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार के दौरान बनाए गए एक्सप्रेसवे, स्टेडियम, मेट्रो, 1090, 112, जनेश्वर मिश्र पार्क, लोहिया पार्क, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय किसी एक वर्ग के लिए नहीं बनाए गए थे, बल्कि सभी के लिए थे।
‘दस साल बाद सरकार अपने काम नहीं गिना पा रही’
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा कि दस साल सत्ता में रहने के बाद अब सरकार अपने विकास कार्यों को गिनाने की स्थिति में नहीं है। इसके उलट समाजवादी पार्टी आज भी अपनी सरकार के कामों को गिना रही है।
उन्होंने कहा कि किसी योजना या इमारत का नाम बदल देने से उसका इतिहास नहीं बदलता। इकाना स्टेडियम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसे समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बनाया गया था और जनता को इसकी जानकारी है। उनके मुताबिक सिर्फ नाम बदलकर किसी काम का श्रेय नहीं लिया जा सकता।
‘नफरत की राजनीति से दिलों में भी गड्ढे’
भदौरिया ने कहा कि सरकार के पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए समाज में नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका असर लोगों के दिलों पर भी पड़ रहा है और सड़कों की स्थिति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता को लेकर आरोप लगाया कि कई जगह उद्घाटन के बाद ही मरम्मत की जरूरत पड़ने लगती है। भदौरिया ने इसे भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर सवाल
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर भी अनुराग भदौरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रभु राम और सनातन की बात करते हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मंदिर में चढ़ावा चोरी कैसे हुआ।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले को समाजवादी पार्टी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनता के सामने उठाया। भदौरिया ने कहा कि उनके लिए धर्म आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं। राजनीति में विकास, स्कूल, मेडिकल कॉलेज और रोजगार जैसे मुद्दों पर बात होनी चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर बोले- ‘एनकाउंटर समाधान नहीं’
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भदौरिया ने अंकित बालियान की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी की हत्या के बाद एनकाउंटर कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब किसी परिवार का बेटा, पति या भाई अपराध का शिकार होता है तो एनकाउंटर के बाद भी वह वापस नहीं लौटता। इसलिए अपराधियों पर घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध को पहले ही रोकने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से अपराध की कथित ‘फैक्ट्री’ बंद करने की दिशा में काम करने की मांग की।
Gen Z और रोजगार के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
युवाओं के मुद्दे पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से युवा सोच और युवाओं की जरूरतों की बात करती रही है। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के उस विचार का जिक्र किया कि समाजवादी पार्टी कभी बूढ़ी नहीं होनी चाहिए।
भदौरिया ने कहा कि अखिलेश यादव भी कम उम्र में लोकसभा पहुंचे और बाद में प्रदेश का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने युवाओं के लिए स्टेडियम, लैपटॉप और रोजगार जैसे मुद्दों को लगातार उठाया है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बेरोजगारी का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ता है और समाजवादी पार्टी लंबे समय से रोजगार की बात कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार छात्र और युवा हितों की बात करती है तो विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरकार से सवाल
भदौरिया ने कहा कि छात्रों को अपने मुद्दे और समस्याएं उठाने का लोकतांत्रिक मंच मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव बंद होने से छात्रों की आवाज दब रही है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि छात्रों की समस्याओं को सुनने का दावा किया जा रहा है तो छात्रसंघ चुनाव दोबारा क्यों नहीं शुरू किए जा रहे हैं।
राम मंदिर के नए CEO की नियुक्ति पर बोले
राम मंदिर के नए CEO के रूप में एयर मार्शल की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए भदौरिया ने कहा कि देश की जनता सेना और सुरक्षा बलों पर भरोसा करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर में हुई करोड़ों रुपये की कथित चोरी के मामले में असली दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
JPNIC को निजी हाथों में देने पर उठाए सवाल
जेपीएनआईसी को निजी कंपनियों को लीज पर देने के फैसले पर भी अनुराग भदौरिया ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी सरकारी संपत्ति है, जिसे समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बनाया गया था।
उन्होंने पूछा कि जब सरकार के पास इतनी अच्छी संपत्ति है तो उसे निजी हाथों में देने की जरूरत क्यों पड़ रही है। भदौरिया ने कहा कि सरकार का काम व्यापार करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी संपत्तियों को निजी हाथों में देकर किस उद्देश्य से काम कर रही है, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को निजी हाथों में सौंपना सरकार के कामकाज और मंशा पर सवाल खड़े करता है।
‘सरकार व्यापार नहीं, जनसेवा के लिए होती है’
अंत में भदौरिया ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मुनाफा कमाना या बनी-बनाई सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देना नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक सरकार समाज सेवा और जनकल्याण के लिए होती है, व्यापार के लिए नहीं।
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