- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Mathura
- Ayodhya Donation Thef Devansh Thakur Devkinandan Thakur Sanatan Board
भास्कर इंटरव्यूदेवकीनंदन बोले- उसका दोष इतना कि वह मेरा बेटा है:कथा करने पर ट्रोल हो रहा, महाराज बोले- संस्कार दिए, उसके पास मोबाइल तक नहींमथुरा19 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
देवकी नंदन महाराज
मथुरा में धार्मिक मंच पर आने के बाद कथावाचक देवकीनंदन महाराज के बेटे की लगातार चर्चा और आलोचना हो रही है। इस पर देवकीनंदन महाराज ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। कहा- उसका सबसे बड़ा ‘दोष’ सिर्फ यह है कि वह मेरा बेटा है।
.
बच्चों को धर्म, सेवा और संस्कार देना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है। 3 जुलाई (शुक्रवार) को दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में देवकीनंदन ने कहा कि कुछ लोग कथा-भजन करने वालों को निशाना बनाते हैं। लेकिन, गलत काम करने वालों पर सवाल नहीं उठाते।
वहीं, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने बड़े मंदिरों के दान के बेहतर उपयोग के लिए धर्माचार्यों की भागीदारी वाला सनातन बोर्ड गठित करने की भी मांग दोहराई। पढ़िए पूरी बातचीत…
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बच्चों को धर्म, सेवा और संस्कार देना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है।
सवाल: राम मंदिर विवाद के बीच सनातन बोर्ड की मांग हो रही, इसकी जरूरत क्या है? जवाब: वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी जैसे बड़े मंदिरों का संचालन सरकारों के पास है। वहां आने वाले दान का उपयोग किस तरह हो रहा है, यह हमारी समझ में नहीं आता। इसलिए सनातन बोर्ड बनना चाहिए, जिसमें 4 शंकराचार्य, 5 वैष्णवाचार्य जैसे धर्माचार्य शामिल हों।
सवाल: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में अब तक की कार्रवाई से धर्माचार्य संतुष्ट हैं? जवाब: अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच चल रही है। जब जांच पूरी हो जाएगी, तभी पता चलेगा कि जांच सही दिशा में हुई या नहीं।
सवाल: इसमें सिर्फ नामजद आरोपी ही शामिल हैं या और लोगों की भी भूमिका हो सकती है? जवाब: जैसा बताया जा रहा है, करीब 50-60 लोगों से पूछताछ होनी है। जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
सवाल: आप अपने बेटे को धार्मिक क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग भी हो रही है..क्या कहेंगे? जवाब: ट्रोल किस बात पर किया जा रहा है? क्या धर्म कोई धंधा है, जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। क्या उन्हें धर्म की समझ है? हर माता-पिता अपने बच्चों को अपने संस्कार देते हैं। हम भी वही कर रहे हैं। क्या सिर्फ कुछ व्यूज पाने के लिए किसी को भी कुछ भी कह देना सही है?
बातचीत के दौरान देवकीनंदन महाराज ने अपने मोबाइल में बेटे के बचपन की कुछ तस्वीरें भी दिखाईं।
सवाल: बेटे को बचपन से धार्मिक माहौल देने के पीछे क्या सोच रही? जवाब: मेरा बेटा अभी 14 साल का है। आज तक उसके पास मोबाइल नहीं है। हमने उसे वही संस्कार दिए हैं, जो हर माता-पिता को अपने बच्चों को देने चाहिए। अगर बचपन से बच्चे का हाथ पकड़कर मंदिर ले जाएंगे, सत्संग में बैठाएंगे तो वह दूसरों का सम्मान करना सीखेगा। अच्छे संस्कार ही बच्चे को हर तरह से समृद्ध बनाते हैं।
सवाल: आज के समाज और धर्म को लेकर पर क्या कहेंगे? जवाब: रामायण हमें बताती है कि समाज में हमेशा दो तरह के लोग रहे हैं। एक वे, जो धर्म का विकास चाहते हैं और दूसरे वे, जो धर्म का विनाश चाहते हैं। रावण यज्ञ और तपस्या को नष्ट करना चाहता था, जबकि भगवान राम धर्म और मर्यादा की रक्षा करते थे। त्रेता युग में भी ऐसे लोग थे और आज भी हैं। फर्क इतना है कि आज भी समाज भगवान राम की पूजा करता है और रावण का पुतला जलाता है।
मंच से भागवत पाठ करने से पहले देवांश ठाकुर ने पिता देवकीनंदन ठाकुर का आशीर्वाद लिया। (फाइल फोटो)
सवाल: बेटे के जन्मदिन को लेकर भी आपने अलग परंपरा अपनाई है? जवाब: मेरा बेटा अपना जन्मदिन किसी होटल या पार्टी में नहीं मनाता। वह जरूरतमंद लोगों को भोजन और जरूरी सामान देकर जन्मदिन मनाता है। मेरा मानना है कि बच्चों में सेवा और संवेदना के संस्कार बचपन से ही आने चाहिए।
सवाल: आपके बेटे को लेकर लगातार टिप्पणियां हो रहीं। क्या इससे आपको फर्क पड़ता है? जवाब: कुछ लोग कथा करने और भजन गाने पर ट्रोल करते हैं। लेकिन, शराब पीने, जुआ खेलने या गलत काम करने वालों पर सवाल नहीं उठाते। किसी ने कहा कि उसने NEET की परीक्षा नहीं दी। मैं पूछना चाहता हूं कि 14 साल की उम्र में कौन-सा NEET होता है? उसका सबसे बड़ा ‘दोष’ सिर्फ इतना है कि वह देवकीनंदन महाराज का बेटा है।
देवांश ठाकुर ने गुजरात के सोमनाथ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया
जानिए देवकीनंदन ठाकुर के बेटे को लेकर सोशल मीडिया पर क्या चल रहा…
सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के तीन बेटियां और एक बेटा है। बेटे का नाम देवांश है। देवांश अभी कक्षा- 10 में पढ़ रहे हैं। देवांश ठाकुर ने बहुत कम उम्र में ही वैदिक ग्रंथों, भागवत कथा और संस्कृत श्लोकों का अध्ययन शुरू कर दिया था।
देवांश ने कुछ समय पहले गुजरात के सोमनाथ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मंच में देवकीनंदन ठाकुर ऊंचे मंच पर बैठे दिख रहे हैं। वहीं, थोड़ी दूर पर मौजूद एक सफेद रंग के सोफे पर देवांश ठाकुर भजन करते नजर आए।
इस बीच पिता देवकीनंदन बहुत ध्यान से अपने बेटे की तरफ देखते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सनातन परंपरा और पारिवारिक संस्कारों की विरासत बताने लगे, तो कुछ इसे धार्मिक क्षेत्र में बढ़ते परिवारवाद से जोड़ने लगे।
————————
ये खबर भी पढ़िए-
यूपी की PCS अफसर बोलीं- मम्मी ने मुझे बदनाम किया:चोरी छिपे 17 बीघा जमीन 68 लाख में बेची, भूमाफिया से मेरा कोई कनेक्शन नहीं
मुझे पता भी नहीं था कि सहारनपुर में FIR हो गई। गुरुवार सुबह न्यूज से जानकारी हुई। देखा तो पता चला कि मेरी मम्मी ने ही मेरे और परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने न तो जांच की, न ही सच्चाई जानने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
अधूरा नहीं! पढ़िए पूरा! पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर ऐप पर
एप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें
पूरी खबर पढ़ें ऐप परप्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें
Source link



