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बांदा में अस्पताल में महिला की मौत:परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप, रेफर करने की मांग के बाद हालत बिगड़ीशिवम तिवारी | बांदाकुछ ही क्षण पहले
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बांदा के नरैनी थाना क्षेत्र में पनगरा गांव की रहने वाली गुड़िया की रविवार दोपहर करीब साढ़े 3 बजे निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गुड़िया को कई दिनों से बुखार था और उसकी प्लेटलेट्स भी कम हो गई थीं। परिजन लगातार उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की मांग कर रहे थे।
परिजनों का दावा- हालत में सुधार होने की बात कहते रहे डॉक्टर
मृतका के परिजन पूनम चंद ने बताया कि गुड़िया का इलाज निजी अस्पताल में डॉक्टर वीके पटेल की देखरेख में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने कई बार डॉक्टर से गुड़िया को किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करने के लिए कहा, लेकिन डॉक्टर हर बार उसकी हालत में सुधार होने की बात कहते रहे।
रविवार को गुड़िया की हालत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने दोबारा उसे रेफर करने की मांग की। आरोप है कि डॉक्टर ने पर्चा बनाकर उसे दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा।
एंबुलेंस बुलाने के दौरान बिगड़ी हालत
परिजनों के मुताबिक, वे गुड़िया को दूसरे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे और एंबुलेंस भी बुला ली गई थी। इसी दौरान उसकी हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पूनम चंद का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
29 तारीख को कराया गया था भर्ती
मृतका के जीजा कृष्ण पाल ने भी डॉक्टर वीके पटेल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि गुड़िया को 29 तारीख को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उसे एक दिन मेडिकल कॉलेज भी ले जाया गया था। वहां इलाज से संतुष्ट न होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर आए थे।
कृष्ण पाल का आरोप है कि निजी अस्पताल में गुड़िया को केवल ऑक्सीजन लगाई गई। इसके अलावा इलाज और उसकी हालत को लेकर परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
जांच और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों पर डॉक्टर वीके पटेल या अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।
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