- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Bijnor
- Bijnor Congress Ram Mandir Donation Probe Demand; Police Stop Sadbuddhi Yatra
पुलिस ने रोकी कांग्रेस की सद्बुद्धि यात्रा:जिलाध्यक्ष बोले- श्रीराम किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आस्था के प्रतीकजहीर अहमद | बिजनौर2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
बिजनौर जिला कांग्रेस कमेटी ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मंगलवार शाम 5 बजे’सद्बुद्धि यात्रा’ निकाली। इस दौरान पुलिस ने इस यात्रा को कांग्रेस के जिला कार्यालय पर ही रोक दिया। बाद में पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
जिला अध्यक्ष हेनरिता राजीव सिंह और शहर अध्यक्ष हुमायूं बेग के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, वित्तीय अनियमितताओं और आस्था से जुड़े गंभीर प्रकरण की जांच की मांग कर रहे थे। हालांकि, बड़ी संख्या में पुलिस बल ने उन्हें कांग्रेस के जिला कार्यालय से आगे बढ़ने नहीं दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और भजन गाए। इसके उपरांत, उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित करोड़ों रुपये के चढ़ावे, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं से संबंधित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की खबरों ने देशभर के करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आभूषणों को गलाकर सोने-चांदी की ईंटों में बदल दिया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि श्रीराम किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आस्था के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर दिया कि श्रीराम मंदिर की गरिमा, पारदर्शिता और पवित्रता से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस पार्टी इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करती है ताकि सत्य सामने आ सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई कि इस पूरे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाए। साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और मंदिर के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पूज्य शंकराचार्यों तथा श्रीराम मंदिर के सम्मानित महंतों को सौंपी जाए, जिससे मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔



