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किडनी ऑपरेशन के बाद होमगार्ड की मौत:टांके कटवाने अस्पताल पहुंचे थे, परिजनों ने किया हंगामाबदायूं1 मिनट पहले
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बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित रामा हॉस्पिटल में किडनी के ऑपरेशन के बाद होमगार्ड की मौत हो गई। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर मामला शांत हुआ।
22 जुलाई को खराब किडनी का हुआ था ऑपरेशन
अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा जगत निवासी जगदीश (50) होमगार्ड थे और यूपी 112 में तैनात थे। परिजन उन्हें पथरी और किडनी खराब होने की समस्या के चलते इंदिरा चौक स्थित रामा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक 22 जुलाई को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनकी खराब किडनी निकाल दी थी।
ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की सलाह पर जगदीश को अस्पताल में भर्ती रखा गया। बाद में डॉक्टरों के निर्देश पर उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले जाया गया।
जख्म के बावजूद घर पर ड्रेसिंग की सलाह
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जख्म में संक्रमण होने लगा था। उन्होंने इसकी जानकारी डॉक्टर को भी दी, लेकिन उन्हें घर पर ही नियमित ड्रेसिंग कराने की सलाह दी गई। परिजनों के मुताबिक मंगलवार सुबह वे जगदीश को ड्रेसिंग और टांके कटवाने के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान अस्पताल के गेट पर ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के समय उनसे 70 हजार रुपए जमा कराए गए थे। इसके अलावा दवा और भर्ती के नाम पर भी रकम ली गई। उनका कहना है कि इलाज में लापरवाही के कारण जगदीश की जान गई है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हंगामे की सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जगदीश के शव को जिला अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल संचालक ने कहा- मरीज डायबिटिक था
वहीं अस्पताल संचालक डॉ. बीआर गुप्ता ने इलाज में लापरवाही के आरोपों से अलग पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जगदीश की एक किडनी खराब थी, जिसे ऑपरेशन कर निकाल दिया गया था। मरीज डायबिटिक भी था। ऑपरेशन के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था और परिजन बीच में तीन-चार बार रूटीन चेकअप के लिए लेकर आए थे।
मंगलवार सुबह परिजन मरीज को टांके कटवाने के लिए लेकर आए थे। स्टाफ ने जांच की तो मरीज की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि परिजनों ने जख्म से पस आने की शिकायत की थी, जिसके लिए दवाएं चल रही थीं।
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