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फर्रुखाबाद में गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर डीएम सख्त:लापरवाही पर जताई नाराजगी, सचिव का वेतन रोकाफर्रुखाबाद7 मिनट पहले
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फर्रुखाबाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गो आश्रय स्थल जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, संरचनात्मक सुविधाओं, गोवंश संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन एवं संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई स्थानों पर कमियां मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने आगामी वृक्षारोपण अभियान के तहत सभी गौशालाओं में बड़े पैमाने पर पौधरोपण की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशाला की कार्ययोजना तैयार कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
समीक्षा में गौशाला कड़ियोली और मौधा में ऊसर भूमि के कारण लगाए गए पौधों के सूखने का मामला सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को भूमि उपचार एवं पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी पाया गया कि एनजीओ द्वारा संचालित गौ आश्रय स्थल सितवनपुर पिथू एवं सुल्तानपुर पलनापुर का संचालन संतोषजनक नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए दोनों गौ आश्रय स्थलों का संचालन तत्काल संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों की प्रत्येक गौशाला का सप्ताह में कम से कम एक बार निरीक्षण करें तथा पशुओं के स्वास्थ्य, चारे, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें।
गौ आश्रय स्थल बसेली में निरीक्षण के दौरान अभिलेख उपलब्ध न मिलने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए।
वहीं, गौ आश्रय स्थल नेपुर खुर्द के संपर्क मार्ग की खराब स्थिति को देखते हुए खंड विकास अधिकारी बढ़पुर को ब्लॉक प्रमुख से समन्वय स्थापित कर मार्ग को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
गौ आश्रय स्थल भरतामऊ में विद्युत कनेक्शन न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को दस दिनों के भीतर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बृहद गौ संरक्षण केंद्र पहाड़पुर के गोपालकों को पिछले छह माह से मानदेय न मिलने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को दो दिनों के भीतर एसएफसी पूलिंग की धनराशि एकत्र कर लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि गोवंश संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और गौ आश्रय स्थलों के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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