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राम मंदिर दान में चोरी महापाप:फर्रुखाबाद में महंत ईश्वर दास ने कहा- मठ-मंदिर संतों के अधीन हों, सरकार का दखल उचित नहींफर्रुखाबाद3 मिनट पहले
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फर्रुखाबाद के पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज ने सोमवार को राम मंदिर के दान में हुई चोरी को ‘महापाप’ बताया है। उन्होंने कहा कि मठ और मंदिर संतों के अधीन होने चाहिए, और इनमें सरकार का दखल उचित नहीं है।
महंत ईश्वर दास ने कहा कि राम मंदिर के दान से चोरी करने वालों को सात जन्मों तक इसका फल भोगना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर से बच्चों की निश्चल श्रद्धा जुड़ी है, जो डगमगाने वाली नहीं है। महंत ने अन्य संप्रदायों के धर्मस्थलों में भी ऐसी गड़बड़ियों का जिक्र किया, जिनके मामले अक्सर बाहर नहीं आते।
उन्होंने मठ-मंदिरों के संचालन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिन धर्मस्थलों पर संतों का आधिपत्य होता है, वहां श्रद्धालुओं को निरंतर भोजन और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। इसके विपरीत, सरकार के अधीन वाले अधिकांश धर्मस्थलों पर निशुल्क भोग की व्यवस्था नहीं होती, और वहां अधिकारी अपने हिसाब से व्यवस्था चलाते हैं।
महंत ईश्वर दास ने राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट के ऊपर दो और संस्थाएं होनी चाहिए, ताकि समय-समय पर उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
चोरी के मामलों में सरकार के दोष पर टिप्पणी करते हुए महंत ने कहा कि ऐसा नहीं कहा जा सकता कि केवल वर्तमान सरकार दोषी है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में भी ऐसी चोरियां हुई हैं, लेकिन उन पर कभी सही से विचार नहीं किया गया। महंत के अनुसार, जब कोई मामला खुलकर सामने आता है और जांच बैठती है, तो ही सच्चाई बाहर आती है।
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