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ऑनलाइन जुए में लाखों गंवाए, युवक ने की आत्महत्या:फतेहपुर में पिता बोले- एविएटर ऐप पर खेलता था, 25 लाख रुपए का नुकसान हुआराम चंद्र सैनी | फतेहपुरकुछ ही क्षण पहले
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फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन जुए में लाखों रुपए गंवाने के बाद 36 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली। गौरा गांव निवासी शशि कुमार वर्मा का शव मंगलवार को हरिजनपुर गांव के पास सड़क किनारे आम के पेड़ से लटका मिला। वह सोमवार शाम घर से पैसे वसूलने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। मंगलवार को उसकी बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली और करीब 25 मीटर दूर आम के पेड़ पर उसका शव मिला।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में शशि के कर्ज से परेशान होने की बात सामने आई है। परिजनों का कहना है कि वह एविएटर ऐप पर ऑनलाइन जुआ खेलता था और इसमें बड़ी रकम हार चुका था। पिता धनीराम वर्मा के मुताबिक, बेटे पर लगातार कर्ज बढ़ रहा था। परिवार ने करीब 8 लाख रुपए का कर्ज चुकाया भी था। उनका दावा है कि ऑनलाइन जुए में करीब 25 लाख रुपए का नुकसान होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई।
चार साल पहले शुरू की थी खाद-निर्माण सामग्री की दुकान
बुधवार सुबह दैनिक भास्कर की टीम मृतक के घर पहुंची तो ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी। मां रामरती समेत परिवार की महिलाएं रो रही थीं, जबकि पिता धनीराम वर्मा ग्रामीणों के साथ बैठे थे। पूर्व ग्राम प्रधान धनीराम ने बताया कि करीब चार साल पहले उन्होंने बेटे के लिए गांव में खाद और मकान निर्माण सामग्री की दुकान खुलवाई थी। शुरुआत में दुकान का काम अच्छा चल रहा था।
पिता के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले जब कर्जदार घर और दुकान पर पैसे मांगने आने लगे, तब परिवार को शशि के ऑनलाइन जुआ खेलने की जानकारी हुई। उन्हें पता चला कि करीब एक साल पहले 25 मई को हरिजनपुर गांव के एक युवक ने शशि को एविएटर ऐप से जोड़ा था।
पिता बोले- ऐप पर 15 लाख गंवाए, बाद में 25 लाख तक पहुंचा नुकसान
धनीराम वर्मा ने बताया कि बेटे ने उन्हें बताया था कि वह ऐप पर करीब 15 लाख रुपए हार चुका है। इसके बाद कर्जदारों के पैसे मांगने के लिए आने का सिलसिला शुरू हुआ। शशि ने परिवार को 8 लोगों की सूची दी थी, जिनसे उसने पैसे लिए थे।
पिता के मुताबिक, बड़े बेटे ऋषि कुमार, जो बीएसएनएल में एसडीओ हैं और लखनऊ में रहते हुए बाराबंकी में तैनात हैं, तथा बहू आरती वर्मा, जो सरकारी शिक्षिका हैं, ने परिवार के साथ मिलकर करीब 8 लाख रुपए का कर्ज चुकाया। इसके बाद भी कई देनदारियां बाकी थीं।
दुकान का कारोबार ठीक था, फिर कर्ज बढ़ता गया
धनीराम के अनुसार, जय राजे ट्रेडर्स माझुपुर के करीब 1.17 लाख रुपए, गौरव अमौली के करीब 1.22 लाख रुपए, डीजल के 42 हजार रुपए और गिट्टी के करीब 20 हजार रुपए की देनदारी बाकी थी। उनका कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक घर की जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा भी बेटे के ऑनलाइन जुए में चला गया।
परिवार को यह भी जानकारी मिली कि करीब एक महीने पहले शशि ने पड़ोसी गांव भड्डपुर निवासी मनीष के पास स्विफ्ट डिजायर कार एक लाख रुपए में गिरवी रखी थी। पिता ने कहा कि ऑनलाइन जुए की वजह से उनका परिवार पूरी तरह तबाह हो गया।
6 साल की बेटी और 4 साल का बेटा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शशि के परिवार में 6 वर्षीय बेटी उर्वशी और 4 वर्षीय बेटा उत्कर्ष है। उर्वशी बीजीवी विद्यालय न्योरी जलालपुर में पढ़ती है, जबकि उत्कर्ष गांव के विद्यालय में पढ़ रहा है। पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कर्ज से परेशान होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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