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लखनऊ में सीवर से डायरेक्ट जोड़ दी घरों की नाली:गोलागंज वार्ड में 200 साल पुराना अखाड़ा बना नशेड़ियों का अड्डालखनऊ2 मिनट पहलेलेखक: फरीदुल हसन
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शहर के सबसे पुराने और प्रमुख इलाकों में शामिल वार्ड-87 गोलागंज मूलभूत सुविधाओं की बदहाली से जूझ रहा है। सीवर ओवरफ्लो, गंदगी, ट्रैफिक जाम, तारों के जंजाल और जर्जर ऐतिहासिक धरोहरों ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
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इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सीवर व्यवस्था है। कई इलाकों में सीवर का सीधे कनेक्शन नालियों से कर दिया गया है। सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं और नालियां बजबजा रही हैं। खुले प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे हैं, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं।
दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम लखनऊ नगर निगम के वार्ड-87 गोलागंज वार्ड पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की।
पहले ग्राउंड रियलिटी की 3 तस्वीरें देखिए-
गोलागंज वार्ड के राजा मियां मार्ग पर बिजली और केबल के तारों का जाल लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। जगह-जगह लटकते तार हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं।
गोलागंज वार्ड के छोटा जाफर मंजिल रोड पर जलभराव की समस्या स्थायी बन चुकी है। हल्की बारिश या सीवर ओवरफ्लो होते ही सड़क पर पानी भर जाता है।
गोलागंज वार्ड में अमीनाबाद जाने वाली सड़क के किनारे एक खाली प्लॉट कूड़ा घर में तब्दील हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोजाना कूड़ा फेंका जाता है, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैली रहती है।
वार्ड की प्रमुख समस्याएं
सीवर व्यवस्था बदहाल- कई इलाकों में सीवर लाइन का कनेक्शन सीधे नालियों से कर दिया गया है। इससे सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं और नालियां हमेशा बजबजाती रहती हैं। सीवर ओवरफ्लो और नालियों की नियमित सफाई न होने से कई जगह गंदगी और जलभराव की समस्या बनी रहती है।
खुले प्लॉटों में कूड़े के ढेर- खाली पड़े प्लॉट कूड़ा फेंकने की जगह बन गए हैं। इससे दुर्गंध फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने की व्यवस्था नियमित नहीं है, जिससे मोहल्लों में गंदगी बढ़ रही है। इलाके में जगह-जगह बिजली और संचार के तारों का जाल फैला हुआ है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है और शहर की सुंदरता भी प्रभावित होती है।
ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या- अमीनाबाद से जुड़े होने के कारण वार्ड में दिनभर जाम लगा रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन और अतिक्रमण इसकी बड़ी वजह हैं। लगातार जाम के कारण ग्राहक बाजार तक पहुंचने से बचते हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
ऐतिहासिक धरोहरों की अनदेखी. करीब 200 साल पुराने अखाड़े की हालत जर्जर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके संरक्षण और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लोग बोले- 20 साल से झेल रहे हैं जलभराव
स्थानीय निवासी राजीव सक्सेना ने बताया कि उनके घर के बाहर जलभराव की समस्या पिछले 20 वर्षों से बनी हुई है। उनका आरोप है कि नगर निगम को इलाके की सफाई से कोई सरोकार नहीं है। मजबूरी में स्थानीय लोग अपने खर्च पर सफाई कराते हैं। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारी केवल फोटो खिंचवाने के लिए पहुंचते हैं और लौट जाते हैं।
उन्होंने बताया कि जब स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है, तब मशीन भेजकर सिर्फ पानी निकाल दिया जाता है, लेकिन नालियों की नियमित और प्रभावी सफाई नहीं होने से कुछ ही दिनों में फिर जलभराव हो जाता है। पास में स्थित एक कबाब की दुकान ने अतिक्रमण कर रखा है, जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और समस्या और गंभीर हो जाती है।
राजीव सक्सेना ने कहा कि बारिश के दौरान घर में घुटनों तक पानी भर जाता है। ऐसे में परिवार के लोग अपने ही घर में कैद होकर रह जाते हैं और आना-जाना तक मुश्किल हो जाता है। जलभराव के कारण हमेशा संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि रिश्तेदार और दोस्त भी घर आने से कतराते हैं। उनका कहना है, “लोग कहते हैं कि तुम्हारे घर कैसे आएं, बाहर हमेशा गंदगी और पानी भरा रहता है।
गोलागंज वार्ड के कच्चा हट्टा इलाके में जलभराव के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। सड़क पर भरे पानी में वाहन फिसल जाते हैं, जिससे दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
‘सीवर को नाली से जोड़ दिया घर में गंदगी आती है’
स्थानीय निवासी शान हुसैन ने बताया कि वार्ड अमीनाबाद से सटा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और कबाब खाने आते हैं। शहर के बीचोंबीच स्थित होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।सबसे बड़ी समस्या सीवर व्यवस्था की है। कई जगह सीवर लाइन को घरों की नालियों से जोड़ दिया गया है। जैसे ही सीवर ओवरफ्लो होता है, गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। पहले इलाके में अलग नालियां थीं, लेकिन अब अधिकांश नालियों को सीवर से जोड़ दिया गया है।
शान हुसैन ने बताया कि कूड़ा उठाने की शिकायत कई बार नगर निगम में दर्ज कराई गई। शिकायत दर्ज होने का मैसेज तो आ जाता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट की समस्या गंभीर है। लगी हुई लाइटें एक-दूसरे से काफी दूरी पर हैं, जिससे रात में अंधेरा रहता है। इसके अलावा कई स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिन्हें लंबे समय से ठीक नहीं कराया गया है।
‘बिजली के जर्जर खंभे परेशान करते’
स्थानीय निवासी आदित्य ने बताया कि हम लोग कूड़ा कलेक्शन से परेशान है। कूड़ा उठाने वाला आता ही नहीं है। खाली प्लॉट को लोगों ने यहां कूड़ा घर बना दिया है। पूरे मोहल्ले का कूड़ा प्लॉट पर पड़ताहै। जब वहां भर जाता है तो सड़क पर फैल जाता है। सफाई की स्थिति बेहद खराब है। पूरा पढ़ने की वजह से बहुत से लोग खुले में यहां पेशाब भी करते हैं। जिससे बीमारियां और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बिजली के तार बहुत ज्यादा लटकते हैं। और जो बिजली के खंभे हैं वह भी जर्जर हो गए हैं बरसात में इनके गिरने का और करंट उतरने का डर बना रहता है।
स्थानीय निवासी आदित्य ने बताया कि क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन समय पर नहीं होता, जिससे जगह-जगह गंदगी फैली रहती है।
पानी की लाइन नहीं पड़ी
अनुराधा ने बताया कि वो स्वीपर कॉलोनी की रहने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्य समस्या यह है कि पानी की लाइन ही नहीं पड़ी है। पिछले चार-पांच पीढ़ियों से हम लोग यहां रह रहे हैं और इस समस्या का सामना करते हैं। कई बार नगर निगम जल निगम समेत तमाम जगहों पर शिकायत करने के बाद भी आज तक पाइपलाइन नहीं पड़ी। हम लोग इधर-उधर से पानी भर कर लाते हैं उसी से अपनी जरुरते पूरी करते हैं।
अनुराधा ने बताया कि गली में पानी की पाइप लाइन न होना सबसे बड़ी समस्या है
‘घरों मंदिर में भरता है सीवर का पानी’
अनीता ने बताया कि सीवर चैंबर बहुत छोटे-छोटे हैं। जिसकी वजह से बहुत जल्दी भर जाते हैं घर के पास मंदिर है सीवर का पानी उसमें भी चला जाता है। आम दिनों में जल भराव रहता है, जब बारिश होती है तो स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। पानी को रोकने के लिए हम लोगों ने अपने मुख्य दरवाजे पर सिंगल ईंट की छोटी दीवार खड़ी करदी है। इस संबंध में हमने पार्षद और नगर निगम से कई बार शिकायत किया बस यही आश्वासन मिलता है कि बन जाएगा मगर 10 साल से ज्यादा हो गए काम नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी अनीता ने बताया कि उनके इलाके में जलभराव की समस्या स्थायी बन चुकी है। बारिश हो या सीवर ओवरफ्लो, घर के सामने हमेशा पानी भरा रहता है।
200 साल पुराना अखाड़ा हुआ जर्जर
एडवोकेट रोहित सोनकर ने बताया कि गोलागंज वार्ड में तकिया पीर जलील खटिकियाना का 200 साल पुराना अखाड़ा बहुत चर्चित हुआ करता था। यहां से बड़ी संख्या में डिस्ट्रिक्ट लेवल और कुछ नेशनल लेवल के खिलाड़ी निकले हैं। एक समय था कि पूरे क्षेत्र के लोग यहां जमा होते थे कुश्ती सीखते थे और चर्चा का केंद्र बना रहता था। मगर आज यह अखाड़ा शराब और गांजा पीने वालों का डेरा बन गया है। स्थिति इतनी जर्जर हो गई है कि यह कभी भी गिर सकता है। अखाड़ा जब गिरेगा तो सिर्फ अखाड़े का नुकसान नहीं होगा बल्कि 200 साल पुरानी संस्कृति मिट्टी में मिल जाएगी । अगल-बगल वालों को भी जान माल का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ई रिक्शा बना जी का जंजाल
स्थानीय निवासी मिनहाज ने बताया कि वार्ड से अमीनाबाद और मौलवीगंज जाने वाली सड़क पर ई-रिक्शा का अव्यवस्थित संचालन बड़ी समस्या बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा चालक दुकानों के सामने मनमाने ढंग से वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे आधी से अधिक सड़क घिर जाती है। इसके अलावा वे कहीं भी बीच सड़क पर ई-रिक्शा रोककर सवारियां बैठाने लगते हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
मिनहाज ने बताया कि कई नाबालिग भी ई-रिक्शा चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उनका आरोप है कि स्थानीय प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने मांग की कि ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित किया जाए, ताकि ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिल सके।
मिनहाज ने बताया कि ई-रिक्शा से सबसे ज्यादा परेशानी होती है, व्यवस्थित तरीके से खड़ा न होने की वजह से व्यापार प्रभावित होता है
लोगों को होना पड़ेगा जागरूक
स्थानीय निवासी आशु ने कहा कि कूड़े का जो ढेर लगता है इसके लिए नगर निगम की लापरवाही तो है, साथ ही इलाके के लोग भी जिम्मेदार हैं जो खाली जगह देखकर कहीं भी कूड़ा फेंक देते हैं। हम लोग चाहते हैं कि सफाई व्यवस्था रहे बीमारियों से बचे इसके लिए नगर निगम के साथ आम जनता को भी जागरूक बनना पड़ेगा तभी सफाई संभव है।
स्थानीय निवासी आशु ने कहा कि क्षेत्र में फैली गंदगी के लिए सिर्फ नगर निगम ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग कूड़ा निर्धारित स्थान पर फेंकने के बजाय सड़कों और खाली प्लॉटों में डाल देते हैं, जिससे गंदगी बढ़ती है।
वार्ड की समस्याओं पर पार्षद मौन
वार्ड की समस्याओं और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में दैनिक भास्कर ने क्षेत्रीय पार्षद मोहम्मद हलीम का पक्ष जानने का प्रयास किया। उनसे फोन पर संपर्क किया गया और बातचीत के लिए समय भी मांगा गया, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। इसलिए इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
तस्वीर स्थानीय पार्षद मोहम्मद हलीम की है।
- नगर निगम का हेल्पलाइन नंबर : पाइप लाइन में लीकेज, गंदे पानी की सप्लाई होने पर नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दी जा सकती है। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर- 8177054100, 8177054003, 8177054010 पर कॉल करना होगा।
- अपने वॉर्ड की कवरेज और समस्याओं की जानकारी देने के लिए वॉट्सएप नंबर 9452909661 पर मैसेज कीजिए।
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इस वार्ड को भी जानिए-
नजरबाग में ऊंची बिल्डिंगें, संकरे रास्ते : निकलने की जगह नहीं; नगर निगम मॉडल हाउस बर्बाद कर रहा, IGRS पर रिपोर्ट गलत
लाल कुआं के दूसरी पटरी पर यदुनाथ सान्याल-नजरबाग वार्ड है। यहीं मॉडल हाउस पार्क है। विधानभवन प्रतियोगिता में टॉप पर रहने वाले इस पार्क को नगर निगम ने बदहाल कर दिया है। लोगों ने विरोध कर IGRS पल शिकायत की। अधिकारियों ने इसपर झूठी रिपोर्ट लगा दी।
लोगों ने अधिकारियों से संपर्क किया, रिजल्ट शून्य रहा। इसी पार्क का रंग रोगन भी एक साल पहले हुआ था। पार्क से सटा मॉडल मॉन्टेसरी स्कूल भी नगर निगम का है। यहां सुंदरीकरण का काम चल रहा, जिसका मलबा पार्क में कई दिनों से पड़ा है। (पूरी रिपोर्ट पढ़िए)
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