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नेपाल में बाढ़ के बाद गोरखपुर प्रशासन अलर्ट:डीएम बोले- गोरखपुर में खतरा नहीं, कुशीनगर भेजी गई NDRFगणेश पाण्डेय । गोरखपुर10 मिनट पहले
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नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण भारी तबाही की खबरों के बाद गोरखपुर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। नेपाल में बड़ी मात्रा में पानी जमा होने के कारण इसका असर गंडक नदी के जलप्रवाह पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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इसे देखते हुए गोरखपुर और आसपास के जिलों में नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, गोरखपुर के लिए फिलहाल राहत की बात है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जिले में अभी बाढ़ जैसी खतरे की स्थिति नहीं है।
राप्ती नदी का जलस्तर काफी नीचे है और घाघरा नदी में भी पानी लगातार कम हो रहा है। ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। कुशीनगर में सेंसिटिविटी को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भेज दिया गया है।
गंडक नदी पर रहेगा प्रशासन का विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने बताया कि नेपाल में आई फ्लैश फ्लड का असर मुख्य रूप से गंडक नदी में दिखाई दे सकता है। नेपाल में बड़ी मात्रा में पानी जमा होने और वहां नुकसान होने की सूचना है। ऐसे में गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
गोरखपुर के साथ ही पड़ोसी जिले कुशीनगर पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। गंडक नदी का प्रभाव कुशीनगर में अधिक दिखाई देने की संभावना है। जरूरत पड़ने पर वहां राहत और बचाव के लिए अतिरिक्त टीमें भेजी जाएंगी।
राप्ती और घाघरा का पानी घट रहा
गोरखपुर में फिलहाल राप्ती और घाघरा नदी को लेकर स्थिति राहत देने वाली है। जिलाधिकारी के अनुसार राप्ती नदी का पानी काफी कम है, जबकि घाघरा नदी का जलस्तर भी नीचे जा रहा है।
इससे जिले में बाढ़ का तत्काल कोई खतरा नहीं है। प्रशासन का कहना है कि नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। अगर पानी अचानक बढ़ता है तो समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्य शुरू करने की तैयारी है।
सात गांव पहले हुए थे प्रभावित
जिले में पहले बड़हलगंज क्षेत्र के छह गांव और खजनी क्षेत्र का एक गांव प्रभावित हुआ था। इन इलाकों में रहने वाले परिवारों को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। जरूरतमंद परिवारों को राशन किट भी वितरित की गई।
प्रशासन के अनुसार अब इन प्रभावित इलाकों में भी पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। इससे लोगों को राहत मिल रही है। हालांकि, स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक प्रशासन इन क्षेत्रों पर नजर बनाए रखेगा।
प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की निगरानी
बाढ़ और जलभराव वाले इलाकों में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर नजर रख रही हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी अलर्ट
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। टीमों को जरूरी संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन की तैयारी है कि अगर किसी इलाके में अचानक पानी बढ़ता है या बाढ़ जैसी स्थिति बनती है तो राहत और बचाव कार्य में देरी न हो। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
कुशीनगर में भेजी गई एनडीआरएफ टीम
नेपाल में फ्लैश फ्लड और गंडक नदी पर संभावित प्रभाव को देखते हुए कुशीनगर की स्थिति को संवेदनशील माना जा रहा है। इसी को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को कुशीनगर भेज दिया गया है।
प्रशासन कुशीनगर में गंडक नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति पर भी नजर रख रहा है। किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर राहत और बचाव टीमों को तत्काल सक्रिय किया जाएगा।
गोरखपुर में किसी नागरिक के लापता होने की सूचना नहीं
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट किया कि अभी तक गोरखपुर जिले के किसी नागरिक के लापता होने की सूचना प्रशासन को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।
अगर किसी व्यक्ति के लापता होने, फंसने या किसी परिवार को बाढ़ अथवा जलभराव के कारण परेशानी होने की सूचना मिलती है तो प्रशासन तत्काल मदद पहुंचाएगा।
लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग नदी के किनारे जाने से बचें। लोगों से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
किसी भी तरह की आपात स्थिति होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि गोरखपुर में फिलहाल चिंता की कोई स्थिति नहीं है। राप्ती और घाघरा का पानी घट रहा है और प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है।
नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण गंडक नदी में संभावित बदलाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों और राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है।
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