कानपुर जू में घड़ियाल के 15 बच्चों का जन्म:रेत में छिपे अंडों से बाहर आए, पक्षियों से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगे; 2 डॉक्टर देखरेख कर रहे

  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Kanpur
  • Kanpur Zoo Gharial Hatchlings Born | Green Net Protection, 2 Doctors On Duty

कानपुर जू में घड़ियाल के 15 बच्चों का जन्म:रेत में छिपे अंडों से बाहर आए, पक्षियों से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगे; 2 डॉक्टर देखरेख कर रहेदीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कानपुर जू में 12 साल बाद घड़ियाल के 15 बच्चों का जन्म हुआ है। ये पहली सफल ब्रीडिंग हुई है, 2017 में रेस्क्यू कर लाए गए घड़ियाल के जोड़े से 15 अंडे हुए। अभी तक चिड़ियाघर में घड़ियाल का एक जोड़ा था, लेकिन अब 14 बच्चे होने के बाद यहां कुल संख्या 17 हो गई है।

मादा ने करीब दो महीने तक अंडों को सहेज कर रखा। इन बच्चों को पक्षियों से बचाने के लिए अलग से ग्रीन नेट से कवर किया गया है। इसके बाद जू प्रशासन ने बच्चों की रखवाली के लिए दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है। दैनिक भास्कर ने जू के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल और डॉ. नासिर से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट-

दो महीने पहले लड़ाई में एक मादा घड़ियाल की मौत हुई थी

डॉ. नासिर ने बताया कि मार्च महीने की शुरुआत में जू में तीन घड़ियाल थे, जिनमें दो मादा और एक नर थे। एक नर और मादा घड़ियाल के बीच लड़ाई हो गई थी। इस इंजरी के चलते दो महीने पहले ही एक मादा घड़ियाल की मौत हो गई थी।

जब डॉ. नासिर ने उसका पोस्टमॉर्टम किया, तो अंदर अंडे मिले। इसके बाद डायरेक्टर डॉ. कन्हैया पटेल ने एक अनोखा फैसला लिया। उन्होंने नर और बची हुई मादा घड़ियाल को एक साथ लाने की योजना बनाई। घड़ियालों के प्राकृतिक माहौल के लिए बाड़े के अंदर दो ट्रॉली बालू डलवाई गई। मादा घड़ियाल ने इसी में दो से ढाई फीट गहरी बालू के अंदर अपने अंडों को छुपाया, उसके 60 से 70 दिनों के बाद इनसे 15 नन्हे बच्चे अंडों से बाहर आ गए।

जन्म होने के बाद बनते है ‘नर और मादा’

डॉ. नासिर के मुताबिक, घड़ियालों के बच्चों का जेंडर (नर या मादा होना) पूरी तरह से तापमान पर निर्भर करता है। अगर रेत का तापमान हाई (ज्यादा) हो तो अंडों से मादा घड़ियाल बनती हैं, और अगर तापमान लो (कम) हो तो नर घड़ियाल पैदा होते हैं। मादा घड़ियाल बालू के अंदर अंडों को छुपाकर बीच-बीच में पैरों से उन्हें हिलाती रहती है, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।

7 दिन बगैर खाना-पानी के बच्चे रहेंगे

निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने बताया कि जन्म के बाद शुरुआती एक सप्ताह (7 दिन) तक ये बच्चे कुछ भी नहीं खाते हैं। दरअसल, अंडों के अंदर जो पीले रंग की जर्दी होती है, वह बच्चों के शरीर में ही मौजूद रहती है। इसी से उन्हें शुरुआती एनर्जी मिलती है। इसलिए इनका डाइट चार्ट अलग बनता है।

7 दिन बाद छोटी मछली और चिकन का कीमा दिया जाएगा

अभी इन बच्चों का वजन महज 25 से 30 ग्राम है। इन बच्चों को उनके बॉडी वेट का सिर्फ 7 से 8 प्रतिशत खाना ही दिया जाएगा। सात दिन पूरे होने के बाद इन्हें छोटी मछली, चिकन का कीमा, कैल्शियम और विटामिन D3 दिया जाएगा ताकि इनकी हड्डियां मजबूत हो सकें।

पक्षियों से बचाने के लिए ‘ग्रीन नेट’ का सुरक्षा कवच

प्रेडेटर्स (शिकारी पक्षियों) जैसे चील और कौवों से बचाने के लिए जू प्रशासन ने पूरे बाड़े के ऊपर हरे रंग की जाली (Green Net) लगा दी गई है। साथ ही, बच्चों की 24 घंटे निगरानी के लिए दो स्टाफ कर्मियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई है। गर्मी से बचाने के लिए तालाब के पुराने गर्म पानी को लगातार निकालकर उसमें पंप से ठंडा और ताजा पानी डाला जा रहा है, ताकि बच्चों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे।

रेस्क्यू सेंटर से ‘पेरेंट्स’ बनने तक का सफर

डॉ. नासिर के मुताबिक, यहां मौजूद घड़ियाल रेस्क्यू करके लाए गए थे। साल 1995 और 2005 में मादा घड़ियाल लाई गई थीं, जबकि 2017 में एक नर घड़ियाल लाया गया था जो उस वक्त बहुत छोटा था और अब करीब 10 साल का हो चुका है। घड़ियालों का लाइफ स्पैन (औसत उम्र) 45 से 50 साल होता है। कानपुर जू के इतिहास में यह पहली घड़ियाल के बच्चों ने जन्म लिया है, ये हम लोगों के बड़ी उपलब्धि है। आमतौर पर घड़ियाल के बच्चों के जन्म के बाद 20% संकट होता है, लेकिन हमारी कोशिश है,10 से अधिक बच्चों को सुरक्षित बचा लेंगे।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    गोरखपुर में NSG-ATS ने किया मॉकड्रिल:हमले की स्थिति में VIP को बचाने की परखी तैयारी, सड़क पर निकला काफिला

    Hindi News Local Uttar pradesh Gorakhpur Gorakhpur VIP Security Mockdrill | NSG ATS Drill Update गोरखपुर में NSG-ATS ने किया मॉकड्रिल:हमले की स्थिति में VIP को बचाने की परखी तैयारी,…

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छठी पर भजन-सांस्कृतिक उत्सव:लखनऊ के शिव भोला मंदिर में राधा-कृष्ण की झांकी, फूलों की होली खेली गई

    Hindi News Local Uttar pradesh Lucknow Lucknow Shiv Bhola Mandir | Krishna Janmashtami Celebration & Bhajan श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छठी पर भजन-सांस्कृतिक उत्सव:लखनऊ के शिव भोला मंदिर में राधा-कृष्ण की…

    You Missed

    Royal Caribbean cruise to Alaska canceled after guests embarked

    • By dp
    • September 9, 2026
    • 1 views
    Royal Caribbean cruise to Alaska canceled after guests embarked

    गोरखपुर में NSG-ATS ने किया मॉकड्रिल:हमले की स्थिति में VIP को बचाने की परखी तैयारी, सड़क पर निकला काफिला

    • By dp
    • September 9, 2026
    • 2 views
    गोरखपुर में NSG-ATS ने किया मॉकड्रिल:हमले की स्थिति में VIP को बचाने की परखी तैयारी, सड़क पर निकला काफिला

    U.S. Open 2026 live updates: Quarterfinals latest as Gauff loses first set after Rybakina beats Zheng

    • By dp
    • September 9, 2026
    • 3 views
    U.S. Open 2026 live updates: Quarterfinals latest as Gauff loses first set after Rybakina beats Zheng

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छठी पर भजन-सांस्कृतिक उत्सव:लखनऊ के शिव भोला मंदिर में राधा-कृष्ण की झांकी, फूलों की होली खेली गई

    • By dp
    • September 9, 2026
    • 3 views
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छठी पर भजन-सांस्कृतिक उत्सव:लखनऊ के शिव भोला मंदिर में राधा-कृष्ण की झांकी, फूलों की होली खेली गई

    Napoli v Arsenal: Champions League – live

    • By dp
    • September 9, 2026
    • 4 views
    Napoli v Arsenal: Champions League – live

    आधी क्षमता में भी नहीं चल रही मल्टीलेवल पार्किंग:प्रयागराज में लिफ्ट खराब, रास्ते पर गड्ढे और पानी; पार्किंग के रास्तों पर ही खड़े मिले वाहन, साइन बोर्ड भी नहीं

    • By dp
    • September 9, 2026
    • 3 views
    आधी क्षमता में भी नहीं चल रही मल्टीलेवल पार्किंग:प्रयागराज में लिफ्ट खराब, रास्ते पर गड्ढे और पानी; पार्किंग के रास्तों पर ही खड़े मिले वाहन, साइन बोर्ड भी नहीं